जिम्मेदारों की लापरवाही, सीएम के क्षेत्र में गेहूं की ऐसी दुर्दशा कि सड़ रहा खरीदी केंद्रों में रखा गेहूं, दुर्गंध मार रहा,
खरीदी समाप्त हुए अब लगभग 20 दिन से अधिक हो गए है ।और रोजाना स्थानीय प्रशासन भारी वाहनों का अधिग्रहण भी कर रहा है इसके बाद अभी तक भी हजारो कुंटल गेहू खरीदी केन्द्रों पर खुले में पड़ा होकर पानी के कारण गीला होकर बुरी तरह सड़ रहा है । ओर सोसायटी के प्रबंधक जिस तरह जे हास्यस्पद बयान दे रहे है उससे ऐसा लगता है कि वे आज भी इस अनियमितता के लिए स्वयं को दोषी ओर जिम्मेदार नहो मान रहे है । और सड़े गेहू को बजी खाने योग्य मान रहे गए ।
दिनेश शर्मा, आष्टा
एमपी मीडिया पाइंट
-प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही और ट्रंसपोर्टर की हठधर्मिता के चलते खरीद गया हजारो क्विंटल करोड़ रुपये का गेहूं ट्रांसपोर्टर की मनमानी ओर जिम्मेदार अफसरों की उदासीनता की भेंट चढ़ गया । बीते दिनों सरकार द्वारा खरीदे गए गेहू की दुर्दशा ऐसी होगी यह सोचा भी न था । जिस तरह बारिश में गीला होकर हजारो क्विंटल गेहूं खरीदी केन्द्रों पर बुरी तरह सड़ रहा है ।
सोसायटी प्रबंधकों की लापरवाही से आज भी खरीदी केंद्रों के बाहर उपार्जन का हजारो क्विंटल गेंहू पड़ा है आलम यह कि अब यह गेहू बारिश में भीगने के कारण सड़ रहा है बदबु मार रहा है ।
लेकिन खरीदी समाप्त हुई 20 दिन हो गए है लेकिन इसके बाद भी गेंहू को सुरक्षित स्थान पर रखने की बजाय खुले में ही पटक रखा है ।
बारिश में भीग चुके इस हजारो कुंटल गेहू को सुरक्षित रखने के नाम पर पूरा स्तानीय प्रशासन नाका बन्दी कर भारी वाहनों को अधिग्रहण कर गीले गेहू का परिवहन करवा भी रहा है ।पर अब भी बहुत मात्रा में गेहू केन्द्रों पर खुले में ही पीडीए है ।
आश्चर्य होता है कि खरीदी केन्द्रों के संचालक गणो का खरीदी रिकार्ड अब कितना दुरुस्त होगा यह कहना मुश्किल है ।और अब इस उपार्जन कार्यक्रम में बड़ी हेराफेरी न हो यह अब सम्भव नही लगता ।।
ओर हैरत वाली बात तो यह भी नजर आ रही है कि क्या सरकार गरीबो को यही गेहू बटवायेगी ।अगर ऐसा होता है तो यह भी भारी अनियमितता ही होगी ।
किसान जिसके एक एक दाने को सहेज कर एकत्रित करता है वही आज जिम्मेदारों की लापरवाही से गीला होकर सड़ रहा है । और स्थानीय प्रशासन की नींद जब खुली जब तक तो हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए । और किसानों का सहेजा गेहू सरकार के गोदामो ओर सड़ जर फफूंद लग बदबू मार रहा है कई जगह पर गेहूं में अंकुरण भी आ गया है, क्योंकि कई दिनों से जिले में बारिश का दौर जारी है।
जिले में करोड़ो रुपये का गेहूं अभी भी केंद्रों में खुले में पड़ा हुआ है जो अधिकांश पूरी तरह से भीग गया है और अब सड़ रहा है । प्रशासन की गंभीर लापरवाही से जिले में अनाज बर्बाद हो रहा है। इस पूरे मामले में न सिर्फ ट्रांसपोर्टर की लापरवाही सामने आई है बल्कि खाद्य विभाग, विपणन, सहकारिता, स्टेट वेयर हाउस प्रबंधन की भी गंभीर बेपरवाही सामने आई है। हैरानी की बात तो यह है कि लगातार मौसम विभाग चेतावनी जारी कर रहा था कि बारिश की संभावना है, लेकिन इसके बाद भी गेहूं का परिवहन नहीं हुआ।
बात दें पिछले 30 मई से खरीदी बंद है और लगभग 20 दिन बाद भी गेहूं का उठाव नहीं हुआ और किसानों के खून-पसीने की कमाई तो बर्बाद हुई ही साथ ही सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। जिलेभर के कई केंद्रों में गेहं भीग कर सड़ रहा है ओर स्तानीय प्रशासनओर जिला प्रशासन ट्रांसपोर्टर के खिलाफ कार्यवाही न करते हुएअपने तरीके से गेहू को सरकारी भावना से परिवहन करवा रहे है, उससे तो ऐसा लगता गए कि अब और एक नए भ्रष्टाचार की इबारत लिखने की तैयारी तो नही की जा रही है , आज यह यक्ष प्रश्न है जो आम लोगो के जेहन में भी आ रहा है । कयोकि परिवहन ठेकेदार की लापरवाही ओर मनमानी का ही परिणाम है कि आष्टा तहसील के खरीदी केन्द्रों पर हजारो कुंटल गेहू करोड़ो रूपये का पानी मे सड़ कर खराब होकर बदबू मार रहा है ।
ऐसे में नियमानुसार तो ठेकेदार से ही इस नुकसानी की वसूली होना चाहिए । लेकिन ऐसा न होकर स्थानीय प्रशासन स्वयं व्यवस्था में जुट गया ।इसके भी लोग अलग अलग मायने निकाल रहे है ।
आष्टा की फ़ूडरा सोसायटी के हाल तो बद से बदतर हालत में यहां पड़ा 5 हजार क्विंटल गेंहू के लगभग सड़ रहा है ओर वही गेंहू परिवहन भी हो रहा है लेकिन चौकाने वाली बेतुकी बात तो तब सामने आई जब फ़ूडरा सोसायटी प्रबंधक यशवंत सिंह ठाकुर कहते है कि यह गेंहू खाने योग्य है और इसे उपयोग में लाया जा सकता है जब उनसे कहा की आप इसे खायेगे तो बात टालते नजर आए । फ़ूडरा सोसायटी पर इस बार 45 हजार 900 क्विंटल के लगभग की खरीदी हुई है जिसमे सोसायटी प्रबंधक यशवंत ठाकुर का कहना है कि 5 हजार क्विंटल गेंहू खराब हो गया है और उसे सुखाकर इस्तेमाल भी कर लिया जावेगा । याने इस तरह गरीब के स्वास्थ से भी खेला जावेगा । ओर फिर तो सोसायटी स्तर पर भी भ्रष्टाचार का खेल बेफिक्र हो कर खेला जाएगा ।इस बात से भी अब इनकार नही किया जा सकता ।
यशवंत सिंह ठाकुर
ग्राम फ़ूडरा सोसायटी ।आष्टा ।
खरीदी समाप्त हुए अब लगभग 20 दिन से अधिक हो गए है ।और रोजाना स्थानीय प्रशासन भारी वाहनों का अधिग्रहण भी कर रहा है इसके बाद अभी तक भी हजारो कुंटल गेहू खरीदी केन्द्रों पर खुले में पड़ा होकर पानी के कारण गीला होकर बुरी तरह सड़ रहा है । ओर सोसायटी के प्रबंधक जिस तरह जे हास्यस्पद बयान दे रहे है उससे ऐसा लगता है कि वे आज भी इस अनियमितता के लिए स्वयं को दोषी ओर जिम्मेदार नहो मान रहे है । और सड़े गेहू को बजी खाने योग्य मान रहे गए ।
दिनेश शर्मा, आष्टा
एमपी मीडिया पाइंट
-प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही और ट्रंसपोर्टर की हठधर्मिता के चलते खरीद गया हजारो क्विंटल करोड़ रुपये का गेहूं ट्रांसपोर्टर की मनमानी ओर जिम्मेदार अफसरों की उदासीनता की भेंट चढ़ गया । बीते दिनों सरकार द्वारा खरीदे गए गेहू की दुर्दशा ऐसी होगी यह सोचा भी न था । जिस तरह बारिश में गीला होकर हजारो क्विंटल गेहूं खरीदी केन्द्रों पर बुरी तरह सड़ रहा है ।
सोसायटी प्रबंधकों की लापरवाही से आज भी खरीदी केंद्रों के बाहर उपार्जन का हजारो क्विंटल गेंहू पड़ा है आलम यह कि अब यह गेहू बारिश में भीगने के कारण सड़ रहा है बदबु मार रहा है ।
बारिश में भीग चुके इस हजारो कुंटल गेहू को सुरक्षित रखने के नाम पर पूरा स्तानीय प्रशासन नाका बन्दी कर भारी वाहनों को अधिग्रहण कर गीले गेहू का परिवहन करवा भी रहा है ।पर अब भी बहुत मात्रा में गेहू केन्द्रों पर खुले में ही पीडीए है ।
आश्चर्य होता है कि खरीदी केन्द्रों के संचालक गणो का खरीदी रिकार्ड अब कितना दुरुस्त होगा यह कहना मुश्किल है ।और अब इस उपार्जन कार्यक्रम में बड़ी हेराफेरी न हो यह अब सम्भव नही लगता ।।
ओर हैरत वाली बात तो यह भी नजर आ रही है कि क्या सरकार गरीबो को यही गेहू बटवायेगी ।अगर ऐसा होता है तो यह भी भारी अनियमितता ही होगी ।
किसान जिसके एक एक दाने को सहेज कर एकत्रित करता है वही आज जिम्मेदारों की लापरवाही से गीला होकर सड़ रहा है । और स्थानीय प्रशासन की नींद जब खुली जब तक तो हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए । और किसानों का सहेजा गेहू सरकार के गोदामो ओर सड़ जर फफूंद लग बदबू मार रहा है कई जगह पर गेहूं में अंकुरण भी आ गया है, क्योंकि कई दिनों से जिले में बारिश का दौर जारी है।
जिले में करोड़ो रुपये का गेहूं अभी भी केंद्रों में खुले में पड़ा हुआ है जो अधिकांश पूरी तरह से भीग गया है और अब सड़ रहा है । प्रशासन की गंभीर लापरवाही से जिले में अनाज बर्बाद हो रहा है। इस पूरे मामले में न सिर्फ ट्रांसपोर्टर की लापरवाही सामने आई है बल्कि खाद्य विभाग, विपणन, सहकारिता, स्टेट वेयर हाउस प्रबंधन की भी गंभीर बेपरवाही सामने आई है। हैरानी की बात तो यह है कि लगातार मौसम विभाग चेतावनी जारी कर रहा था कि बारिश की संभावना है, लेकिन इसके बाद भी गेहूं का परिवहन नहीं हुआ।
बात दें पिछले 30 मई से खरीदी बंद है और लगभग 20 दिन बाद भी गेहूं का उठाव नहीं हुआ और किसानों के खून-पसीने की कमाई तो बर्बाद हुई ही साथ ही सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। जिलेभर के कई केंद्रों में गेहं भीग कर सड़ रहा है ओर स्तानीय प्रशासनओर जिला प्रशासन ट्रांसपोर्टर के खिलाफ कार्यवाही न करते हुएअपने तरीके से गेहू को सरकारी भावना से परिवहन करवा रहे है, उससे तो ऐसा लगता गए कि अब और एक नए भ्रष्टाचार की इबारत लिखने की तैयारी तो नही की जा रही है , आज यह यक्ष प्रश्न है जो आम लोगो के जेहन में भी आ रहा है । कयोकि परिवहन ठेकेदार की लापरवाही ओर मनमानी का ही परिणाम है कि आष्टा तहसील के खरीदी केन्द्रों पर हजारो कुंटल गेहू करोड़ो रूपये का पानी मे सड़ कर खराब होकर बदबू मार रहा है ।
ऐसे में नियमानुसार तो ठेकेदार से ही इस नुकसानी की वसूली होना चाहिए । लेकिन ऐसा न होकर स्थानीय प्रशासन स्वयं व्यवस्था में जुट गया ।इसके भी लोग अलग अलग मायने निकाल रहे है ।
फ़ूडरा खरीदी केंद्र के हालत बद से बद्दतर, सड़े हुए गेंहू को खिलायेंगे प्रबंधक
दअरसल मौसम विभाग की चेतावनी को भी दरकिनार करने वाला प्रशासन 20 दिन बाद भी लापरवाही बरत रहा है और सबसे ज्यादा लापरवाही यदि सामने आ रही है तो सोसायटी प्रबंधको की। लिहाजा खरीदा गया गेंहू को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सोसायटी प्रबंधको की होती है लेकिन सोसायटी प्रबंधको की लापरवाही से खुले में पड़ा हुआ है और अब सड़ रहा है ।आष्टा की फ़ूडरा सोसायटी के हाल तो बद से बदतर हालत में यहां पड़ा 5 हजार क्विंटल गेंहू के लगभग सड़ रहा है ओर वही गेंहू परिवहन भी हो रहा है लेकिन चौकाने वाली बेतुकी बात तो तब सामने आई जब फ़ूडरा सोसायटी प्रबंधक यशवंत सिंह ठाकुर कहते है कि यह गेंहू खाने योग्य है और इसे उपयोग में लाया जा सकता है जब उनसे कहा की आप इसे खायेगे तो बात टालते नजर आए । फ़ूडरा सोसायटी पर इस बार 45 हजार 900 क्विंटल के लगभग की खरीदी हुई है जिसमे सोसायटी प्रबंधक यशवंत ठाकुर का कहना है कि 5 हजार क्विंटल गेंहू खराब हो गया है और उसे सुखाकर इस्तेमाल भी कर लिया जावेगा । याने इस तरह गरीब के स्वास्थ से भी खेला जावेगा । ओर फिर तो सोसायटी स्तर पर भी भ्रष्टाचार का खेल बेफिक्र हो कर खेला जाएगा ।इस बात से भी अब इनकार नही किया जा सकता ।
ग्राम फ़ूडरा सोसायटी ।आष्टा ।



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