Articles by "समसामयिक"
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(समसामयिक)  उपचुनाव..... दांव पर जनता की कमाई  इसी साल के मार्च का शुरुआती वक्त... कोरोना के कठोर कदमों की आहट साफ सुनाई दे रही थी। उसी दौर ...

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रोजगार होते जा रहे... रेजगारी शैलेश तिवारी रेजगारी.... जिसमें कभी इकड़ी.. दुकड़ी... के साथ पांच, दस, बीस, पच्चीस और पचास पैसे के सिक...

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हिंदी के श्राद्ध दिवस नही.... संकल्प दिवस के रूप में मनाएं....                              लेखक हिंदी एक भाषा... देवनागरी जिसका मूल न...

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 बज रही है खतरे की घंटी.... जागो....  शैलेश तिवारी  याद कीजिये इसी साल का वह 22 मार्च.... जब शाम पांच बजे....पांच मिनट तक पूरे देश ने ताली.....

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राजेश शर्मा  श्रद्धेय महेश श्रीवास्तव जी की दैनिक भास्कर मे प्रकाशित संपादकीय आज याद आ गई। पढ़ा था कभी जिसमें लिखा था कि विज्ञान जगत मे...

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लूट सके तो लूट.....  कोरोना.... एक महामारी... जो शरीर में कम... दिमाग में ज्यादा घुसी है..... शायद उससे भी ज्यादा... अर्थ व्यवस्था की त...

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अजब पुलिस का... गज़ब करिश्मा  आज बात सीहोर की... सक्रिय पुलिस की... मामला आष्टा क्षेत्र का..... वारदात परम्परागत तरीके की.... लेकिन कार्...

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