मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग, सस्ती लोकप्रियता के लिए पद और गोपनीयता की शपथ का हनन,

इस दिखावटी वर्चुअल मीटिंग से सरकार की नीति, नीयत और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है- दुर्गेश शर्मा

भोपाल, 28 जुलाई 2020
एमपी मीडिया पाइंट 

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री व प्रवक्ता श्री दुर्गेश शर्मा ने आज जारी अपने वक्तव्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आयोजित कैबिनेट की वर्चुअल मीटिंग को सस्ती लोकप्रियता के लिए पद और गोपनीयता की शपथ का हनन बताते हुए कहा है, कि इस दिखावटी कार्यक्रम के कारण सरकार की समूची नीति, नीयत और कार्यप्रणाली पर ही एक गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। जब पूर्व में आपने काफी दिन तक कैबिनेट मीटिंग नहीं करी तो फिर आज ऐसी क्या आवश्यकता आ गई कि आपको वर्चुअल मीटिंग करना आवश्यक लगा क्या यह मीटिंग कुछ दिन आगे टाली नहीं जा सकती थी क्या यह मीटिंग 5 दिन बाद नहीं हो सकती थी । इस मीटिंग में कुछ मंत्री जिला स्तर कार्यालय में बैठे हैं जो उनके द्वारा सोशल मीडिया में पोस्ट छायाचित्र से साफ प्रतीत हो रहा है। क्या इससे इस मीटिंग की गोपनीयता भंग नहीं हुई होगी। ऐसा मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है की कैबिनेट मीटिंग सार्वजनिक मीटिंग हो गई । जो प्रदेश के हित में और सरकार के हित में नहीं है। 

आज जारी अपने वक्तव्य में श्री शर्मा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा केवल राजनैतिक लाभ लेने के लिए मीटिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करवाया गया, उसके बाद उनके सभी मंत्रियों ने वाह-वाही लूटने के लिए मीटिंग के फोटोग्राफ्स अलग-अलग पोर्टलों पर वायरल कर दिये, यहां एक सवाल पैदा होता है कि क्या सरकार की कैबिनेट मीटिंग को ऑनलाइन किया जाना या सोशल मीडिया के माध्यम से वर्चुअल मीटिंग करना क्या उचित कदम था ? 
 क्या शिवराज सिंह चौहान जी स्वयं और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी वर्चुअल मीटिंग के लिए उपयोग में लिए जाने वाले गैजेट का स्वयं उपयोग कर पाते ? 
क्या वे सोशल मीडिया के माध्यमों का उपयोग करने में दक्ष थे ? 
व्यावहारिक रूप से तो यह संभव नहीं लगता। इसका मतलब वर्चुअल मीटिंग के लिए तकनीकी जानकारों की सहायता ली गई होगी , जबकि कैबिनेट मीटिंग जनता के लिए सरकार द्वारा लिए जाने वाले गोपनीय और अहम फैसलों की मीटिंग होती है। कैबिनेट मीटिंग के माध्यम से सरकार प्रदेश की जनता के हित में किए जाने वाले कामों पर महत्वपूर्ण निर्णय गोपनीय रूप से लेती है । परंतु आज केवल और केवल अपने और अपनी पार्टी के प्रचार प्रसार और राजनीतिक फायदे के लिए शिवराज सिंह चौहान जी ने वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग आहूत कर ली। 

अपने बयान में श्री शर्मा ने कहा कि आज जब पूरे विश्व में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी कंटेंट को हैकर्स द्वारा आसानी से हैक किया जा सकता है, उसे सार्वजनिक किया जा सकता है तो ऐसे में वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग की आवश्यकता क्यों पड़ गई, समझ के परे है! क्या माननीय शिवराज सिंह चौहान जी अपने साथियों पर भरोसा नहीं करते हैं क्योंकि अगर वो चाहते तो अपने किसी साथी को उस की अध्यक्षता में या कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में इस तरह की मीटिंग को संचालित करवा कर, आम जनता के लिए जरूरी सभी फैसले करवा सकते थे ।
क्या आपको किसी को अपने दल में द्वितीय स्थान देने में अपने राजनीतिक भविष्य का खतरा महसूस तो नहीं हो रहा इसलिए बीमारी में भी सभी कार्य अपने तक ही सीमित रखे हुए हैं  पर केवल और केवल अपना राजनैतिक हित साधने के लिए शिवराज सिंह जी ने वर्चुअल मीटिंग की, जो मध्यप्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इस पूरी घटना को आने वाले समय में मध्यप्रदेश की शासन प्रणाली पर एक बदनुमा दाग के रूप में जाना जाएगा।

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