हिसार,  एमपी मीडिया पाइंट 

 11 अक्टूबर 2020 को जनवादी लेखक संघ हिसार की मासिक काव्य गोष्ठी टाउन पार्क हिसार में हुई यह काव्य गोष्ठी हाथरस में हुई घटना कुमारी मनीषा को समर्पित की गई इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता जय भगवा लाडवाल और कवि गोष्ठी का मंच संचालन खान मनजीत भावड़िया मजीद ने किया काव्य गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में मास्टर रोहतास व श्रर्द्धानंद राजली रहे ।
कवि गोष्ठी की शुरुआत कुमारी रितु ने कुछ अपने अल्फाज इस तरह कहे की आज मैं आपको एक दास्तां सुनाती हूं औरत हूं औरत का दर्द बताती हूं कहते हुए आज के दौर में घट रही घटनाओं पर यथार्थ टिप्पणी की। काव्य गोष्ठी में अगले कवि के रूप में श्रद्धानंद राजली ने अपनी कविता के माध्यम से शब्दों को कुछ इस तरह पिरोया बेशक मोमबत्ती मत जलाना काट देगी जुबान मेरी मेरे हक के लिए तुम ही आवाज उठाना कहते हुए आज के समय जो महिलाओं के साथ घट रही घटनाओं का विवरण किया। अगले कवि खान मनजीत भावड़िया मजीद ने अपने चिरपरिचित अंदाज मैं यह कहा की हाथरस में जो घटना घटी वह शर्मनाक है मनीषा को न्याय नहीं फिर कहां का मीडिया बेबाक है कहते हुए मीडिया और आज की घटनाओं पर तंज कसा। जय भगवान यादव ने कन्या भ्रूण हत्या एक ज्वलंत समस्या है इसका निजात दिलाओ कहते हुए बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की तरफ इशारा किया। भीम सिंह हुड्डा ने अपने लहजे में कुछ इस तरह कहा कि जमाना बदल गया है नहीं रहा लोगों में ईमान दोस्तों कहते हुए आज के जमाने पर कटाक्ष किया। सदियों से अत्याचार होते आए अब लोग बोलने लगे हैं किसके दिल में क्या चल रहा है इसको भी तोड़ने लगे हैं कहते हुए मुख्याध्यापक सतीश कुमार ने अपने मुखारविंद से बड़े अच्छे लहजे से काव्य रचना प्रस्तुत की। कुमारी भारती ने कहा कि उसने कहा कि असुरों का जीवन जी पानी को भी छानकर पी करते हुए उसने जीवन जीने की कला बताई। मिस्टर कृष्ण कुमार इंदौरा जी ने अपने भाव कुछ इस तरह प्रस्तुत किए किस मुंह से कहूं मेरा भारत महान संरक्षण में प्ले दरिंदे कमीने शैतान, करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विचार विमर्श किए। मुख्य अध्यापिका मंजू अग्रोहा जी ने अल्फाजों में जहर घोलने चंद यहां हैवान मिले, मुल्क घूम कर देखा हमने दौड़ते कुछ इंसान मिले कहते हुए इसने अपने पूरे मुल्क की तरफ इशारा करते हुए अपने भाव प्रस्तुत किए ऋषिकेश राजली जी ने देश तो मेरा बाप चलाता है क्योंकि वह खेतों में हल चलाता है कहते हुए उसने किसान की दुर्दशा पर मार्मिक टिप्पणी की। जय भगवान लाडवाल जी ने सज धज कर गोरी चली लेकर प्रभु का नाम कहते हुए उसने प्रभु की महिमा का विवरण किया।
काव्य गोष्ठी में श्रद्धानंद राजली, जयभगवान यादव, खान मनजीत भावड़िया मजीद, भीम सिंह हुड्डा, सुशीला बहबलपुर,मास्टर रोहतास, मास्टर सतीश, मैडम मंजू अग्रोहा, मास्टर कृष्ण कुमार इंदौरा, कुमारी भारती, कुमारी रितु,, ऋषिकेश राजली, जय भगवान लाडवाल आदि मौजूद रहे

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