विधायक निधि का दुरुपयोग : पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा, तत्कालीन नपा अध्यक्ष और 8 अफसरों पर होगी एफआईआर

गुना,  एमपी मीडिया पाइंट 

मध्य प्रदेश के गुना में कलेक्टर न्यायालय ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश जारी करते हुए 12 प्रतिशत सालाना ब्याज की वसूली के निर्देश जिला योजना अधिकारी और तहसीलदार को दिए हैं. इस हाईप्रोफाइल मामले में विधायक रहते हुए राजेंद्र सलूजा ने अपने कार्यकाल के दौरान हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर 2 रैन बसेरों का निर्माण कराया था. रैन बसेरा को धर्मशाला का नाम देते हुए निजी ट्रस्ट को लाभान्वित किया गया. विधायक निधि से 46 लाख रूपये मंजूर करते हुए ट्रस्ट की भूमि पर निर्माण कार्य कराया गया था. हनुमान टेकरी मंदिर के लैटरपेड पर नोटरी कराते हुए दस्तावेज़ तैयार कराये गए जो किसी भी प्रकार वैधानिक नहीं थे.

नियमों को ताक पर रखकर विधायक निधि के उपयोग का मामला

नियमानुसार उक्त ट्रस्ट की भूमि को दानपत्र के माध्यम से हस्तांतरित किया जाना था लेकिन ऐसा न करते हुए ट्रस्ट की भूमि पर लाखों रूपये विधायक निधि से खर्च किये गये. विधायक निधि के दुरूपयोग के मामले की जांच पूरी होने के बाद हाईप्रोफाइल मामले से जुड़े कई अधिकारियों को भी दोषी माना गया है. साल 2013 के इस मामले की जांच काफी समय से चल रही थी, लेकिन आखिर में कलेक्टर न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है.

इन अफसरों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

दोषी अधिकारियों में पीडब्ल्यूडी के एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर आर के अहिरवार, नगरपालिका के एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर आर बी गुप्ता, सब इंजीनियर पी के सक्सेना, तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी हरिओम वर्मा, तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी पी एस बुंदेला, सब इंजीनियर सुनील कुमार जैन, लेखापाल सूर्यभानु झा शामिल हैं. कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार ने सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय को पत्र भेज दिया है.
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