पहले दिन नकली परीक्षार्थी ने काटी शिक्षा विभाग की नाक,
अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र खामखेडाजत्रा पर डीईओं ने नही लगाए सीसीटीवी केंमरे और नही की वीडियों ग्राफी की व्यवस्था,
अनेक दस्तावेजों पर नही हैं परीक्षार्थियों के फोटों।
परीक्षा केंद्र पर सामने आई गंभीर लापरवाही।
नकल के लिए बदनाम आष्टा तहसील में बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र खामखेड़ाजत्रा पर इछावर तहसील के एक फर्जी परीक्षार्थी पर प्रकरण दर्ज किया गया हैं। जिला शिक्षा अधिकारी की निष्क्रीयता का परिणाम हैं कि इस केंद्र पर अभी तक वीडियों ग्राफी और सीसीटीवी की व्यवस्था नही हो सकी। आखिर जिला शिक्षा अधिकारी क्यों नही चाहते कि इस केंद्र सहित अन्य अति संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी केंमरे लगे और वीडियों ग्राफी हो? आष्टा ओर जावर में कक्षा 12 वी के कुल 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, इन केंद्रों पर कुल 5643 परीक्षार्थी उपस्थित हुए जबकि 176 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
खामखेडाजत्रा के केंद्राध्यक्ष संजीव दुबे ने बताया कि कक्षा 12वी की हिन्दी विषय की परीक्षा थी, इस परीक्षा में इछावर निवासी सचिन पुत्र श्रीराम वर्मा के स्थान पर नयापुरा इछावर निवासी शुभम वर्मा पुत्र श्यामलाल वर्मा परीक्षा देने पहुचा और परीक्षा कक्ष में न केवल प्रवेश करने में कामयाब रहा, बल्कि कॉपी तथा पेपर भी प्राप्त कर लिया। संदेह होने पर पर्यवेक्षक श्री जैन ने छात्र के प्रवेश पत्र और उपस्थिति पत्रक को देखा तो शुभम वर्मा घबरा गया और फिर उसने सारी कहानी बयान कर दी। इसके बाद उसे सिद्धीगंज पुलिस को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार केंद्राध्यक्ष संजीव दुबे द्वारा दिए गए आवेदन के बाद इछावर निवासी सचिन पुत्र श्रीराम वर्मा के स्थान पर नयापुरा इछावर निवासी शुभम वर्मा पुत्र श्यामलाल वर्मा फर्जी परीक्षार्थी बनकर खामखेडाजत्रा परीक्षा केंद्र पर पहुचा और पकडा गया। इस मामले में सिद्धीगंज पुलिस ने परीक्षा संबंधी दस्तावेज जिनमें प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, कॉपी, पेपर एवं अन्य सामग्री जप्त की हैं तथा आरोपी के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया हैं। पुलिस के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों पर छात्र का फोटों भी नही था, जोकि अपने आप में गंभीर त्रुटि हैं। खामखेड़ाजत्रा परीक्षा केंद्र जो कि अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र के रूप में दर्शित किया गया हैं पर विगत वर्ष भी प्रश्र पत्र वायरल हुआ था। इससे जिला शिक्षा अधिकारी की व्यवस्था की तो पोल खुल ही गई, इस केंद्र पर आधादर्जन के अधिक परीक्षार्थियों के छाया चित्र आवश्यक दस्तावेजों पर चस्पा नही थे, जिन्हे फर्जी परीक्षार्थी के पकडे जाने के बाद चस्पा किया गया। यदि यह जानकारी सही हैं तो यह एक गंभीर मामला हैं और यह बताता हैं कि नकल माफिया कितने भारी हैं और उनके आगे प्रशासन, नियम सब बोने साबित हो रहे हैं। श्री दुबे ने बताया कि उनके द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को इस केंद्र पर सीसीटीवी केमरा लगाने और वीडियों ग्राफी कराने के लिए पत्र लिखा हैं। स्पष्ट हैं पहले दिन ही परीक्षा केंद्र पर नकल न होने का दावा करने शिक्षा विभाग की नाक फर्जी परीक्षार्थी ने काट दी।
अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र खामखेडाजत्रा पर डीईओं ने नही लगाए सीसीटीवी केंमरे और नही की वीडियों ग्राफी की व्यवस्था,
अनेक दस्तावेजों पर नही हैं परीक्षार्थियों के फोटों।
परीक्षा केंद्र पर सामने आई गंभीर लापरवाही।
आष्टा, अक्षत पाठक, एमपी मीडिया पाइंट
नकल के लिए बदनाम आष्टा तहसील में बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र खामखेड़ाजत्रा पर इछावर तहसील के एक फर्जी परीक्षार्थी पर प्रकरण दर्ज किया गया हैं। जिला शिक्षा अधिकारी की निष्क्रीयता का परिणाम हैं कि इस केंद्र पर अभी तक वीडियों ग्राफी और सीसीटीवी की व्यवस्था नही हो सकी। आखिर जिला शिक्षा अधिकारी क्यों नही चाहते कि इस केंद्र सहित अन्य अति संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी केंमरे लगे और वीडियों ग्राफी हो? आष्टा ओर जावर में कक्षा 12 वी के कुल 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, इन केंद्रों पर कुल 5643 परीक्षार्थी उपस्थित हुए जबकि 176 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।खामखेडाजत्रा के केंद्राध्यक्ष संजीव दुबे ने बताया कि कक्षा 12वी की हिन्दी विषय की परीक्षा थी, इस परीक्षा में इछावर निवासी सचिन पुत्र श्रीराम वर्मा के स्थान पर नयापुरा इछावर निवासी शुभम वर्मा पुत्र श्यामलाल वर्मा परीक्षा देने पहुचा और परीक्षा कक्ष में न केवल प्रवेश करने में कामयाब रहा, बल्कि कॉपी तथा पेपर भी प्राप्त कर लिया। संदेह होने पर पर्यवेक्षक श्री जैन ने छात्र के प्रवेश पत्र और उपस्थिति पत्रक को देखा तो शुभम वर्मा घबरा गया और फिर उसने सारी कहानी बयान कर दी। इसके बाद उसे सिद्धीगंज पुलिस को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार केंद्राध्यक्ष संजीव दुबे द्वारा दिए गए आवेदन के बाद इछावर निवासी सचिन पुत्र श्रीराम वर्मा के स्थान पर नयापुरा इछावर निवासी शुभम वर्मा पुत्र श्यामलाल वर्मा फर्जी परीक्षार्थी बनकर खामखेडाजत्रा परीक्षा केंद्र पर पहुचा और पकडा गया। इस मामले में सिद्धीगंज पुलिस ने परीक्षा संबंधी दस्तावेज जिनमें प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, कॉपी, पेपर एवं अन्य सामग्री जप्त की हैं तथा आरोपी के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया हैं। पुलिस के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों पर छात्र का फोटों भी नही था, जोकि अपने आप में गंभीर त्रुटि हैं। खामखेड़ाजत्रा परीक्षा केंद्र जो कि अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र के रूप में दर्शित किया गया हैं पर विगत वर्ष भी प्रश्र पत्र वायरल हुआ था। इससे जिला शिक्षा अधिकारी की व्यवस्था की तो पोल खुल ही गई, इस केंद्र पर आधादर्जन के अधिक परीक्षार्थियों के छाया चित्र आवश्यक दस्तावेजों पर चस्पा नही थे, जिन्हे फर्जी परीक्षार्थी के पकडे जाने के बाद चस्पा किया गया। यदि यह जानकारी सही हैं तो यह एक गंभीर मामला हैं और यह बताता हैं कि नकल माफिया कितने भारी हैं और उनके आगे प्रशासन, नियम सब बोने साबित हो रहे हैं। श्री दुबे ने बताया कि उनके द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को इस केंद्र पर सीसीटीवी केमरा लगाने और वीडियों ग्राफी कराने के लिए पत्र लिखा हैं। स्पष्ट हैं पहले दिन ही परीक्षा केंद्र पर नकल न होने का दावा करने शिक्षा विभाग की नाक फर्जी परीक्षार्थी ने काट दी।


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