योगेश राजपूत, बुधनी एमपी मीडिया पाइंट
प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे का जिम्मा संभाल रही प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल से इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई समझ से बाहर है जब वह स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कोरोना संक्रमित पाई गयी थीं तो उन्हें अपने अधीनस्थों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराना थी लेकिन इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके यहां पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर बलवान सिंह कितनी आसानी से बुधनी तहसील के अंतर्गत आने वाले होलीपुरा गांव आ गया और यहां वहां विचरण भी करता रहा।बताया जाता है कि बलवान सिंह 4 अप्रैल को होलीपुरा आया और ऊंचाखेड़ा ,मकोडिया आदि गांवों में भी गया वहीं बताया जाता है कि वह बुधनी सीएससी भी पहुंचा लेकिन अस्पताल में उसके आने का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।
अगले दिन 5 अप्रैल को वह वापस भोपाल चला गयाा जहां तबीयत खराब होने पर परीक्षण के दौरान वह भी कोरोना संक्रमित पाया गया।गुरुवार को तहसीलदार राकेश खजूरिया एवं बीएमओ अंकुश शर्मा सहित स्वास्थ्य अमला होलीपुरा गांव पहुंचा जहां बलवान सिंह के परिवार के 6 लोगों और उसके साथियों को स्कूल में को क्वॉरेंटाइन किया गया है और सभी के सैंपल परीक्षण के लिए भिजवाए गए हैंl अब प्रश्न यह उठता है कि क्या प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव के कार्यालय से चली यह बीमारी बुधनी तहसील के गांवों में भी पहुंच चुकी है क्या उनकी इस गलती का खामियाजा अब बुधनी की आवाम को भी भुगतना पड़ेगाl तहसीलदार राकेश खजूरिया ने बताया कि जब वह उन्हें क्वॉरेंटाइन करने पहुंचे तो वहां के लोग बदतमीजी करने पर उतारू हो गए


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