लेखिका
जिंदगी के सामने ये दौलतें बेकार है
ओ पखेरू! नीड़ मेरा.. पेड़ से भी प्यार है
दूरियों को पास आके देख लो अब तुम जरा
खूब दौड़े खूब पाया सुस्ता लो तुम अब जरा
दाल रोटी कीमती है फर्क तुम जानो जरा
ज़िन्दगी_ _
आशियाना देस में परदेस में भी बन रहा
है अंधेरा दीया तले बात को तुम जान लो
जाल माया अब समेटो शाम आहट भांप लो
ज़िन्दगी_ _
आसमां में पंछी उन्मुक्त ..खौफ में ना पशु जरा
कैद में इंसान ..प्रभु अब तो उसे तू बख्श दे
इस सबक से अब सभी तुम ज्ञान भी ले लो जरा
ज़िन्दगी_ _
अंतरराष्ट्रीय "साहित्य सारंग सम्मान"जो 4 जून 2018 में इटली में मिला। साथ ही
"कला श्री" सम्मान मॉस्को में मिला है। आपकी एमपी मीडिया पॉइंट के लिए सहर्ष स्वीकृति पर आपका आभार एवं स्वागत है।
संपादक
जिंदगी के सामने ये दौलतें बेकार है
ओ पखेरू! नीड़ मेरा.. पेड़ से भी प्यार है
दूरियों को पास आके देख लो अब तुम जरा
खूब दौड़े खूब पाया सुस्ता लो तुम अब जरा
दाल रोटी कीमती है फर्क तुम जानो जरा
ज़िन्दगी_ _
आशियाना देस में परदेस में भी बन रहा
है अंधेरा दीया तले बात को तुम जान लो
जाल माया अब समेटो शाम आहट भांप लो
ज़िन्दगी_ _
आसमां में पंछी उन्मुक्त ..खौफ में ना पशु जरा
कैद में इंसान ..प्रभु अब तो उसे तू बख्श दे
इस सबक से अब सभी तुम ज्ञान भी ले लो जरा
ज़िन्दगी_ _
ज्योत्सना सक्सेना
----------------------परिचय
ज्योत्सना सक्सेना,प्रिंसिपल रा.उ.मा.वि.सवना,भिंडर, उदयपुर,राजस्थान में हैं। आप जयपुर (राजस्थान) निवासी हैं। आपके अंजुरी भर हरसिंगार,उमंगों के कचनार आदि काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। ठुमकते गीत नाम से एक बाल गीत का संग्रह भी आ चुका है और एक उपन्यास "रेगमाही"जिसे फणीश्वर नाथ रेणु सम्मान प्राप्त हुआ। 7 साझा संकलन प्रकाशित हुए हैं। हिंदी बॉलीवुड फिल्म " मीराधा" के गीत साजना की गीतकार,जिसे जावेद अली ने आवाज़ दी है एवं सहकलाकार रही हैं।अंतरराष्ट्रीय "साहित्य सारंग सम्मान"जो 4 जून 2018 में इटली में मिला। साथ ही
"कला श्री" सम्मान मॉस्को में मिला है। आपकी एमपी मीडिया पॉइंट के लिए सहर्ष स्वीकृति पर आपका आभार एवं स्वागत है।
संपादक


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