लगातार लॉकडाउन से ग्रामीण अंचल के घरों में हुई शुद्ध घी की बढ़ोत्तरी

राजेश बनासिया,भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पाइंट 

मार्च माह की 25 तारीख को देश मे एक ओर जहाँ लॉकडाउन शुरू हुआ तो विकास का पहिया थम गया,ओर जो जहाँ था वो वही रहने को मजबूर हो गया,इधर ग्रामीण अंचल के गाँवो में अधिकांश लोग जो दूध का धंधा करते थे उनको लॉकडाउन में दूध को डेरियों में बेचने में समस्या आई क्योंकि अधिकांश प्राइवेट डेरियों में भी ताले लग चुके थे और जो सहकारी डेरी थी उन्होंने नए सदस्यों का दूध लेने से मना कर दिया, इधर सरकारी डेरियों में भी हप्ते में दो दिन बन्द रखने के आदेश आने लगे इससे जो लोग दूध का धंधा करते थे व छोटे किसान थे जिनके यहां दूध हुआ करता है उन लोगो ने घीं बनाना शुरू कर दिया तो अब अधिकांश गाँवों में आसानी से शुद्ध घी मिलने लगा है व अब लगभग हर वो किसान जिनके घरों मे दुधारु पशु है उनके यहां घीं भरपूर मात्रा में देखने को मिल रहा है।जिससे सरकारी डेरियो में घीं की मांग न के बराबर देखी जा रही है। कुलमिलाकर यह कि समूचा सीहोर जिला जो कई वर्षों से शुद्ध घीं से मेहफूज़ था अब उसे आसानी से अब विशुद्ध घीं उपलब्ध है। लाकडाउन से निर्मित परिस्थितियों ने एक शुद्ध कार्य समाज के हित मे यह भी किया।
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