इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
इछावर ब्लाक मे अनलाक के दौरान कोरोना ने दस्तक दी, जब व्यक्ति चेन की नींद सोना चाह रहा था तब उसे बेचेन कर दिया गया। एक 60 वर्षीया महिला इछावर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचती है। दमे और ब्लडप्रेशर की शिकार महिला का इलाज शुरु होता है। उसे अच्छे-खासे आइसूलेशन वार्ड मे दाखिल कर दिया जाता है। इलाज भी शुरु हो जाता है लेकिन तारीख 29-30 की दरमियानी रात वह आस्पताल से निकल जाती है___बगैर किसी को बतलाए,, बीएमओ डा. बीबी शर्मा मरीज को टटौलते है मगर वह नदारद पाया जाता है। 60 वर्षीया महिला की लोकेशन ली जाती है तो पता चलता है कि वह घर पर है।
दूसरे दिन गंभीर हालत मे उसे वापस इछावर अस्पताल लाया जाता हैं। पूर्ण उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला तत्पर दिखाई देता है मगर दमे और ब्लडप्रेशर की शिकार महिला सीहोर मे उपचार के दौरान दम तोड़ देती है। बाद मे उसकी कोरोना रिपोर्ट भी पाजिटिव आती है।
बात यह नहीं कि महिला की मौत कोरोना से हुइो लेकिन लांछन इछावर पर लगा। जिसे मीडिया सुर्खियों मे ले गया।
खबर कुछ यूं है कि आज इछावर ब्लॉक में चार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है।
जिनमें से 2 मरीज वार्ड क्रमांक 11 दो मरीज धामंदा ग्राम के निवासी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना पॉजिटिव मरीज वार्ड क्रमांक 11 की निवासी एक महिला की मृत्यु भी हो गई है, इछावर ब्लॉक में किसी भी कोरोना पॉजिटिव मरीज की मृत्यु का यह पहला मामला है। इसी के साथ कोरोना की बढ़ती घातकता नए भयंकर परिणामों को जन्म दे रही है । कोरोना का संक्रमण इस प्रकार लगातार बढ़ता रहा तो धीरे-धीरे कस्बों और गांवों की स्थिति भी बड़े शहरों की तरह हो सकती है। वही क्षेत्र में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 40 तक पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार ये महिला 29 तारीख को इछावर अस्पताल में इलाज करवाने आई थी। जिसका सैंपल लिया गया था। और वही इसको आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। 30 तारीख को बिना डॉक्टरों के बताए महिला घर पहुच गई। फिर 31तारीख को इछावर अस्पताल में सीरियस हालात में गई। जिसे इछावर से सीहोर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिसकी वहां पर मृत्यु हो गई।
और आज उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव प्राप्त हुई।
कोरोना सिर्फ बहाना बनकर रह गया है। यदि पिछले पांच वर्षों के रिकार्ड इछावर अस्पताल के खंगाले जाएं तो हकीकत उजागर हो जाएगी कि कितने मरीज जुलाई-अगस्त मे सर्दी,जुकाम,खांसी और बुखार के पहुंचे। हर बिमारी को कोरोना से जोड़कर देखना नाइंसाफी है। बल्कि लोगों को डराना भी।


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