लेखिका 

मजदूर 

परेशानी हो या आँधी हो दिन रात श्रम करते हैं। 
बोझा सर पे लेकर चलते श्रमिक नहीं थकते हैं।।

ग़रीबी कहो  या लाचारी , किस्मत की है मारी । 
तपते तन ,जलते मन व दिल  में दर्द रहे भारी ।।
मन से कठोर होकर , मेहनत दिन रात करते हैं ।
बोझा सर पे लेकर चलते श्रमिक नहीं थकते हैं।।

सुलगती  साँसें ,मचलता  मन छुटते पसीने से  ।
चमकता  उनका  तन ,पाँव के छाले महीने से ।।
आह  न  निकलती कांटे पाँवों में रोज चुभते हैं ।
बोझा सर पे लेकर चलते श्रमिक नहीं थकते हैं।।

परिवार पालते हैं हर दर्द को सीने से जकड़ते हैं।
सिसकियों को दबाकर वो रोज खुद से लड़ते हैं।।
पसीना बहता है तन से आँखों से आँसू बहते हैं । 
बोझा सर पे लेकर चलते श्रमिक नहीं थकते हैं।।

मौसम भी जब दगा दे जाता आँधी व तुफान से।
आँखों में नमी लेकर वह  कहता है भगवान से ।।
भरी गर्मी हो या दुपहरी कभी नहीं वो रुकते हैं ।
बोझा सर पे लेकर चलते श्रमिक नहीं थकते हैं।।

निक्की शर्मा रश्मि मुम्बई

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परिचय

 निक्की शर्मा "रश्मि" - मुम्बई में निवास करती हैं। आप उपसंपादक राइजिंग इंडिया टुडे, मुख्य संयोजक देशांतर टुडे, अतिथि सम्पादक देवभूमि उत्तराखंड के दायित्व का वहन करती हैं। साथ ही खुद का व्यापार (Aarcon polymer) भी संचालित करती हैं। इतनी व्यस्तता के बीच भी साहित्य की सेवा के लिए समय निकालती हैं। आप गद्य और पद्य दोनों में ही रचनाएँ सृजित करती हैं। आपकी " एहसास" कहानी संग्रह, आराध्या सांझा संकलन, पलाश लघुकथा संग्रह, रत्नावली सांझा संग्रह आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। देश के साथ विदेशों की पत्र पत्रिकाओं में आपकी रचनाओं का प्रकाशन होता रहता है। 
आपको अनेक साहित्यिक संस्थाओ ने सम्मानित किया है। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर हार्दिक स्वागत है। 
संपादक
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