क्या प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा पर गिरेगी आयकर छापे की गाज?
क्या छत्तीसगढ़ सरकार को उठानी पडेगी शर्मिंदगी?
बात तारीख़ 27 फरवरी 2020 की जिसमे रायपूर मे इनकम टैक्स की कार्रवाई में तकरीबन डेढ़ सौ करोड़ की गड़बडी उजागर हुई। भारत सरकार, वित्त मंत्रालय राजस्व विभाग सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस की प्रेस रिलीज दिनांक 2 मार्च मे काफी रहस्य से पर्दा उठाया गया। आखिर 36000 करोड के नान घोटाले का मुख्य आरोपी प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा ने सरकार बनने के सवा साल के अंदर ऐसा क्या कर डाला कि वह और उसकी पत्नि मीनाक्षी टुटेजा इनकम टैक्स के रडार में आ गये? आयकर विभाग की प्रेस रिलीज में जिक्र हैं कि छत्तीसगढ़ के शराब एवं खनिज के कार्यों से मोटा पैसा किसी शासकीय अधिकारी के पास पहुंच रहा है, जिसका जिक्र इन छापों में बरामद रिकॉर्डिंग एवं डायरी में उल्लेख था और वो पैसा हवाला और शेल कंपनियों के माध्यम से इधर से उधर करने की भी जानकारी इस रिकॉर्डिंग एवं डायरी मे है।
आयकर विभाग ने 27 फरवरी को प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा जो कि कोर्ट में विचाराधीन आरोपी भी है और राज्य शासन के उद्योग विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर विराजमान है उनकी पत्नी मीनाक्षी टुटेजा के कई ब्यूटी सेंटरों पर छापा मारा जिसमें इन ब्यूटी सेंटरों से रोज की काफी कमाई दर्शाई गयी। इन छापों के बाद की प्रेस रिलीज में किसी सरकारी अधिकारी के पास पैसा पहुंचने की बात कही गयी है। कही यही अधिकारी छापे की जद मे इसलिये तो नहीं था की इनकम टैक्स विभाग को पुख्ता जानकारी थी की प्रदेश का पुरा अवैध तरीको का पैसा इस अधिकारी के पास पहुंचता हो? छापे छत्तीसगढ़ के केवल दो शासकीय अधिकारीयो पर पडे जिसमे से एक अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय मे पदस्थ हैं और इन छापों के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेशराइज करने के लिए इस अधिकारी को छापों की जद में लिया गया हो ऐसा सम्भव है क्योंकि ऐसा मामला दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ भी हुआ था। इसके बाद बचे दूसरे शासकीय अधिकारी अनिल टुटेजा है जिनकी पत्नी मीनाक्षी टुटेजा पर इनकम टैक्स के छापे पडे थे। ज्यादातर प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा का सर्विस कार्यकाल संदिग्ध सा रहा, कभी रायपूर एसडीएम रहे अनिल टुटेजा आगे जाकर 36000 करोड नान घोटाले के मुख्य आरोपी बन गए। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है एवं अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से इसी मामले मे इंटिरिम बेल मिली हुई है खैर अगर अंतरिम आदेश उनके खिलाफ गया तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। इनकी शान मे एक और तमगा है जिसमे इनकी प्रदेश के एक पुर्व विधायक ने केंद्रीय संस्थानों मे शिकायत की है जिसमे बताया गया की यह अधिकारी बिना किसी सरकारी अनुमति के कई बार विदेश घुम आए। अब यह विदेश मे छुप कर क्यो जाना चाहते थे, और छुपा कर क्या करना चाहते थे यह तो एक जांच का विषय है। मालूम रहे कि अनिल टुटेजा नान घोटाले के मुख्य आरोपी के तौर पर 3 साल के लिए निलंबित भी रहे है। खैर आयकर विभाग जल्दी ही अपनी जांच पूरी कर लेगी और आगे मामला प्रवर्तन निदेशालय तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों को जांच के लिये सुपुर्द भी कर सकता है। अब तो समय ही बताएगा कि इस अधिकारी पर वर्तमान मे जो आरोप लगे एवं भविष्य में और कितने लगने वाले हैं इसके पुरी पर्ते खुलने के बाद कहीं राज्य सरकार को उनके एक अधिकारी(आरोपी) के कारण शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।
क्या छत्तीसगढ़ सरकार को उठानी पडेगी शर्मिंदगी?
विजया पाठक
(एडिटर, जगत विज़न), भोपालबात तारीख़ 27 फरवरी 2020 की जिसमे रायपूर मे इनकम टैक्स की कार्रवाई में तकरीबन डेढ़ सौ करोड़ की गड़बडी उजागर हुई। भारत सरकार, वित्त मंत्रालय राजस्व विभाग सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस की प्रेस रिलीज दिनांक 2 मार्च मे काफी रहस्य से पर्दा उठाया गया। आखिर 36000 करोड के नान घोटाले का मुख्य आरोपी प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा ने सरकार बनने के सवा साल के अंदर ऐसा क्या कर डाला कि वह और उसकी पत्नि मीनाक्षी टुटेजा इनकम टैक्स के रडार में आ गये? आयकर विभाग की प्रेस रिलीज में जिक्र हैं कि छत्तीसगढ़ के शराब एवं खनिज के कार्यों से मोटा पैसा किसी शासकीय अधिकारी के पास पहुंच रहा है, जिसका जिक्र इन छापों में बरामद रिकॉर्डिंग एवं डायरी में उल्लेख था और वो पैसा हवाला और शेल कंपनियों के माध्यम से इधर से उधर करने की भी जानकारी इस रिकॉर्डिंग एवं डायरी मे है।
आयकर विभाग ने 27 फरवरी को प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा जो कि कोर्ट में विचाराधीन आरोपी भी है और राज्य शासन के उद्योग विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर विराजमान है उनकी पत्नी मीनाक्षी टुटेजा के कई ब्यूटी सेंटरों पर छापा मारा जिसमें इन ब्यूटी सेंटरों से रोज की काफी कमाई दर्शाई गयी। इन छापों के बाद की प्रेस रिलीज में किसी सरकारी अधिकारी के पास पैसा पहुंचने की बात कही गयी है। कही यही अधिकारी छापे की जद मे इसलिये तो नहीं था की इनकम टैक्स विभाग को पुख्ता जानकारी थी की प्रदेश का पुरा अवैध तरीको का पैसा इस अधिकारी के पास पहुंचता हो? छापे छत्तीसगढ़ के केवल दो शासकीय अधिकारीयो पर पडे जिसमे से एक अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय मे पदस्थ हैं और इन छापों के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेशराइज करने के लिए इस अधिकारी को छापों की जद में लिया गया हो ऐसा सम्भव है क्योंकि ऐसा मामला दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ भी हुआ था। इसके बाद बचे दूसरे शासकीय अधिकारी अनिल टुटेजा है जिनकी पत्नी मीनाक्षी टुटेजा पर इनकम टैक्स के छापे पडे थे। ज्यादातर प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा का सर्विस कार्यकाल संदिग्ध सा रहा, कभी रायपूर एसडीएम रहे अनिल टुटेजा आगे जाकर 36000 करोड नान घोटाले के मुख्य आरोपी बन गए। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है एवं अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से इसी मामले मे इंटिरिम बेल मिली हुई है खैर अगर अंतरिम आदेश उनके खिलाफ गया तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। इनकी शान मे एक और तमगा है जिसमे इनकी प्रदेश के एक पुर्व विधायक ने केंद्रीय संस्थानों मे शिकायत की है जिसमे बताया गया की यह अधिकारी बिना किसी सरकारी अनुमति के कई बार विदेश घुम आए। अब यह विदेश मे छुप कर क्यो जाना चाहते थे, और छुपा कर क्या करना चाहते थे यह तो एक जांच का विषय है। मालूम रहे कि अनिल टुटेजा नान घोटाले के मुख्य आरोपी के तौर पर 3 साल के लिए निलंबित भी रहे है। खैर आयकर विभाग जल्दी ही अपनी जांच पूरी कर लेगी और आगे मामला प्रवर्तन निदेशालय तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों को जांच के लिये सुपुर्द भी कर सकता है। अब तो समय ही बताएगा कि इस अधिकारी पर वर्तमान मे जो आरोप लगे एवं भविष्य में और कितने लगने वाले हैं इसके पुरी पर्ते खुलने के बाद कहीं राज्य सरकार को उनके एक अधिकारी(आरोपी) के कारण शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।


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