छत्तीसगढ़ियो के दिल से निकली पुकार...
"कब होगी फरवरी के आयकर छापों वाले भ्रष्टाचारियों पर अग्रिम कार्यवाही"
क्या प्रधानमंत्री करेंगे इस मुद्दे पर हस्तक्षेप?विजया पाठक
एडिटर जगत विजनआज प्रदेश में एक जबरदस्त दबाव जन-आक्रोश सर उठा रहा है, जो प्रदेश की वर्तमान सरकार में फैल चुके खुले भ्रष्टाचार की उपज है। इस भ्रष्टाचार की ही परिणति थी कि, 27 फरवरी 2020 को प्रदेश के बाहर की आयकर टीमों को गोपनीय ढ़ंग से, सीआरपीएफ की पृथक सुरक्षा में, प्रदेश के भ्रष्ट तंत्र को संचालित करने वाले चुनिंदा अधिकारियों व सत्ता के करीबी दलालों पर छापा मारा था। इस छापेमार आयकर दल द्वारा सीआरपीएफ की सुरक्षा मांगना ही इस तथ्य को उजागर करता है कि, प्रदेश में इन भ्रष्टाचारियों की पकड़ इतनी मजबूत है कि, प्रदेश के पुलिस तंत्र पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता था।
इन छापों के दौरान जिस प्रकार से सत्ता का दुरूपयोग किया गया, तथा आयकर दल के कार्य में राज्य पुलिस को भेज विघ्न उत्पन्न करने का प्रयत्न किया गया था, यह जगजाहिर है। सूत्रों के बतलाए अनुसार कि, कैसे इस आयकर छापेमार दल के काफिले की गाड़ियों को एक मामूली सी डिप्टी कलेक्टर के मौखिक आदेश पर सरे राह खड़ा करवा दिया गया था, वह भी सर्वविदित है। भ्रष्टाचारियों को बचाने तथा अपना कर्तव्य निभा रहे आयकर अमले को अवरूद्ध करने का ऐसा दूसरा उदहारण ढूंढें नहीं मिलेगा।
सूत्र बतला रहे हैं कि, आयकर दल को उक्त वर्णित तरीके से अवरूद्ध कर, कैसे एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के शासकीय निवास पर, महिला अधिकारी को पनाह दी गयी थी जिसके विरूद्ध भी छापा पड़ा था व जिसने आयकर दल को अवरूद्ध करने के मौखिक निर्देश पुलिस को दिये थे। इस दौरान तकरीबन 17-18 मोबाईल फोनों को भी सिम सहित नष्ट किया गया था, ऐसा सूत्रों द्वारा बताया गया है। यह सब इस बात के सूचक हैं कि, छत्तीसगढ़ राज्य में भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं, तथा ऐसे भ्रष्ट जनों को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है। सूत्रों की खबर से इन छापों के ठीक पहले एसपी ऑफिस रायपुर में पदस्थ एक हेड कांस्टेबल स्तर का कर्मचारी जो कि इन कि छापों की जद मे आये अधिकारी का काफी खास है उस के माध्यम से करोड़ों की रकम अधिकारी के घर से उठवाए गये एवम अपने संतोषी नगर मे 3 करोड के बंगले मे रख दिये गये। इस मामले मे एक मोटी रकम रायपुर में पदस्थ इनकम टैक्स अधिकारी को दी गयी जिसने छापों की जानकारी उप्लब्ध कराई वर्ना छापा और भी व्यापक होता। दिल्ली के सूत्रों की खबर से इस पूरे मामले का संज्ञान एजेंसियों ने ले लिया है एवं इस पर भविष्य में कार्रवाई हो सकती है।
जन-भावना अनुरूप देश के प्रधानमंत्री से, इस लेख के माध्यम से, गुजारिश करती है कि, वे तत्काल इस मामले में हस्ताक्षेप करें, तथा इन आयकर छापों में पाई गयी विसंगतियों पर तत्काल अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करवाएं, जिससे इस बेलगाम हो चुके प्रदेश के इस भ्रष्ट तंत्र पर नकेल कसी जा सके, जो आज की प्रमुख जन-मांग भी बन चुकी है।
ऐसी ही अपेक्षा कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्षा से भी है कि, वे भी तत्काल अपने दल की इस राज्य सरकार में काबिज हो चुके भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा, एक ईमानदार व पारदर्शी सरकार देने के अपने दल के वायदे को निभाएं।


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