दो बीवियों ने रकम सहित शोहर का वक्त भी बांटा...
मुरादाबाद। नारी उत्थान केंद्र कल गुरुवार को एक बार फिर अनोखे बंटवारे का गवाह बना। दो बीवियों ने अपने शौहर की रकम ही नहीं बल्कि उसका वक्त भी बांट लिया। बंटवारे पर सहमति की मुहर लगने से पति मुस्कुराते हुए नारी उत्थान केंद्र से सपरिवार रवाना हो गया।
पुलिस के मुताबिक मुगलपुरा थाना क्षेत्र के रहने वाले नौशाद अली दिल्ली में कारोबारी है। पहली पत्नी मुमताज सात बच्चों की मां है। इस बीच नौशाद ने रूही नाम की महिला से भी निकाह कर लिया। रूही भी नौशाद अली के एक बच्चे की मां है। पहली पत्नी को जब इस बात की भनक लगी कि पति ने दूसरा निकाह किया है, तभी से दंपती के बीच विवाद शुरू हाे गया।
विवाद ने इस कदर तूल पकड़ा कि प्रकरण नारी पुलिस की चौखट पर आ गया। मामले की गंभीरता भांप वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामला नारी उत्थान केंद्र के सुपुर्द कर दिया। गुरुवार को नौशाद अली व उसकी दोनों पत्नियों को नारी उत्थान केंद्र बुलाया गया। काउंसलर ने दोनाें पक्षों से बातचीत की।
तय हुआ कि नौशाद अली पहली बीवी के प्रत्येक बच्चे को प्रति दिन तीन सौ रुपये की दर से भुगतान करेगा। दिल्ली से जब वह वापस मुरादाबाद लौटेगा तो वह पहले पहली बीवी के घर जाएगा। वहां एक दिन व एक रात गुजारने के बाद दूसरे दिन दूसरी बीवी रूही के पास जाएगा। पहली बीवी के बच्चों के कपड़े खरीदने की जिम्मेदारी भी नौशाद अली के कंधे पर होगी।
पति को बगैर बताए पहली बीवी कहीं नहीं जाएगी। लेकिन दोनों बीवियां आपसी सहमति से एक दूसरे के घर आ जा सकती हैं। इस पर तीनों ही पक्षों ने सहमति जताई। जिसके बाद फैसले पर मुहर लग गई।
मुरादाबाद। नारी उत्थान केंद्र कल गुरुवार को एक बार फिर अनोखे बंटवारे का गवाह बना। दो बीवियों ने अपने शौहर की रकम ही नहीं बल्कि उसका वक्त भी बांट लिया। बंटवारे पर सहमति की मुहर लगने से पति मुस्कुराते हुए नारी उत्थान केंद्र से सपरिवार रवाना हो गया।
पुलिस के मुताबिक मुगलपुरा थाना क्षेत्र के रहने वाले नौशाद अली दिल्ली में कारोबारी है। पहली पत्नी मुमताज सात बच्चों की मां है। इस बीच नौशाद ने रूही नाम की महिला से भी निकाह कर लिया। रूही भी नौशाद अली के एक बच्चे की मां है। पहली पत्नी को जब इस बात की भनक लगी कि पति ने दूसरा निकाह किया है, तभी से दंपती के बीच विवाद शुरू हाे गया।
विवाद ने इस कदर तूल पकड़ा कि प्रकरण नारी पुलिस की चौखट पर आ गया। मामले की गंभीरता भांप वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामला नारी उत्थान केंद्र के सुपुर्द कर दिया। गुरुवार को नौशाद अली व उसकी दोनों पत्नियों को नारी उत्थान केंद्र बुलाया गया। काउंसलर ने दोनाें पक्षों से बातचीत की।
तय हुआ कि नौशाद अली पहली बीवी के प्रत्येक बच्चे को प्रति दिन तीन सौ रुपये की दर से भुगतान करेगा। दिल्ली से जब वह वापस मुरादाबाद लौटेगा तो वह पहले पहली बीवी के घर जाएगा। वहां एक दिन व एक रात गुजारने के बाद दूसरे दिन दूसरी बीवी रूही के पास जाएगा। पहली बीवी के बच्चों के कपड़े खरीदने की जिम्मेदारी भी नौशाद अली के कंधे पर होगी।
पति को बगैर बताए पहली बीवी कहीं नहीं जाएगी। लेकिन दोनों बीवियां आपसी सहमति से एक दूसरे के घर आ जा सकती हैं। इस पर तीनों ही पक्षों ने सहमति जताई। जिसके बाद फैसले पर मुहर लग गई।
साभार


Post A Comment: