- शांति समिति की बैठक आयोजित, लिए गए कई निर्णय 

 

आष्टा, एमपी मीडिया पाइंट                                            त्योहारों को ध्यान में रखते हुए  सुरक्षा एवं कोविड 19 के बचाव सम्बन्धी दिशा निर्देशों का आम जनमानस द्वारा पूर्णतः पालन किये जाने को लेकर आष्टा थाना परिसर में  सामाजिक संगठनों,  स्थानीय अधिकारियों व   पत्रकारों की उपस्थिति में  शांति समिति की बैठक सम्पन्न हुई।


बैठक में प्रमुख रूप से एसडीएम विजय मंडलोई, एसडीओपी मोहन सारवान, टीआई सिद्धार्थ प्रदर्शन एवं तहसीलदार रघुवीर सिंह मरावी , सीएमओ नपा नंदकिशोर परसनिया आदि उपस्थित रहे।

  बैठक  में शासन के सुझाव अनुसार आगामी त्योहारों को मनाए जाने हेतु दिए दिशा निर्देश जारी किए गए।

 आष्टा नगर में आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई शांति समिति की बैठक में महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।आने वाली 17 तारीख से नवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा जिसमें नगर के अनेक सार्वजनिक स्थलों पर पंडाल सजाए जाएंगे वह आने वाले 7 तारीख को मोहर्रम का जुलूस भी शामिल है इसी को ध्यान में रखते हुए शासन के नई गाइडलाइन अनुसार समस्त त्यौहार मनाएं जाएं; बैठक में जहाँ   सार्वजनिक पांडालों के  आयोजन कर्ताओ की अनुपस्थिति रही सम्भवतः उन्हें सूचना नही दी गई या  उन्हें बुलाना उचित नही समझा गया यह अलग बात है कि बाद में इस बैठक में इस  सवाल पर पुनः उनके साथ बैठक आयोजित करने की बात कही गई।

मुख्यरूप से बैठक में स्थानीय व्यवस्थाओ को ध्यान मे रखते हुए साफसफाई, पानी,बिजली व ट्रेफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगरपालिका , बिजली विभाग विभाग व आष्टा टीआई , पार्वती थाना प्रभारी व एसडीओपी मोहन सारवान को  जिम्मेदारी दी गई वही अनुविभागीय अधिकारी विजय मंडलोई  ने बैठक में सभी लोगो को यह दिलासा भी दिलाया कि हम लोग आपकी समस्याओं के लिए ही हैं ,जिन्हें हम दूर करने का प्रयास करते है  आप आधी रात को भी मोबाइल से हमसे अपनी किसी भी समस्या से अवगत करा सकते हैं।

जहां नई गाइड लाइन में जहां पण्डालों एवं मूर्तियों की ऊंचाई आदि के बारे में  दिशा निर्देश जारी किए गए है।

   वही पांडालों में  मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। हाथों को सैनिटाइज करना एवं प्रत्येक पंडालों के संचालकों ,कार्यकर्ताओं को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में पंडालों में अधिक समय तक जमा न रहे वही दूसरी ओर डीजे को प्रतिबंधित रहते हुए  सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए लाउडस्पीकर  का उपयोग  करने की बात कही गई।  जुलूस जलसो के साथ ही सामाजिक  धार्मिक कार्यक्रर्मो में  के जुलूस जलसों को भी प्रतिबन्धित किया गया है। विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किए जाने वाले प्रतिमा , ताजिए की ऊंचाई पर जो प्रतिबंध पूर्व में लगा था उसे हटा दिया गया पंडालों का आकार 30 x 45 फीट नियत गया है साथ ही यह भी निश्चित किया जाए कि पांडाल जहां बने वहां आने जाने का रास्ता खुला रहे। साथ ही यह भी निश्चित किया गया है कि पंडाल संकुचित जगह पर नहीं बने जहां एक साथ भीड़ इकट्ठी होने की संभावनाएं हो श्रद्धालु,दर्शनार्थी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निर्धारित स्थलों पर पहुंचे। मूर्ति विसर्जन के समय  आयोजनकर्ताओं के 10 से अधिक लोग शामिल न हो इसके लिए आयोजनकर्ताओं को अलग से कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा जोकि लिखित में होना अनिवार्य है,गरबा आयोजन  भी नहीं होगा,  रावण दहन के पूर्व परंपरागत श्रीराम के चल समारोह प्रतीकात्मक रूप से अनुमति लेना अनिवार्य होगा रावण दहन का कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग की शर्तों का पालन करते हुए आयोजक समिति को कलेक्टर से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगी  साथ ही कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार के समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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