गोहाना(बिहार),09अक्तूबर2020, एमपी मीडिया पाइंट
भारत की साहित्यिक निस्वार्थ राष्ट्रीय संस्था “राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान” का बिहार इकाई के उद्घाटन समारोह मे संस्था के सभी सम्मानित पराधिकारियों ने उपस्थित होकर चार चांद लगा दिए। जिसमें बिहार इकाई अध्यक्ष बबीता सिंह पूरी तरह व्यव्स्थापक की भूमिका मे रहीं, तथा उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष/संस्थापक नवलपाल प्रभाकर ‘दिनकर’ के कर कमलों द्वारा हुआ।
संस्था के राष्ट्रीय महासचिव रुपेश कुमार के अथक प्रयास से आज का दिन अविस्मरणीय साबित हुआ।
मुख्य अतिथि पूजा ऋतुराज (नवसृजन संस्था सचिव) एवं अतिथि साहित्यकार दिपाली सोढ़ी(पूर्व मॉडल) असम अध्यक्ष ,राष्ट्रीय सचिव सह कानुनी सलाहकार अनुजा ‘मनु'(सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता) , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रिया सिंह, अन्तराष्ट्रीय साहित्य राजदूत अंशु पाल ‘अमृता'(राष्ट्रीय संचालिका), राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ मंत्री, निक्की शर्मा ‘रश्मि’ ,बिहार प्रांत उपाध्यक्ष – वीणा द्विवेदी जी,बिहार प्रांत महासचिव – रेणु शर्मा जी,बिहार प्रांत महासचिव – रुपा वात्सायन जी(पुर्व मिसेज इंडिया) बिहार प्रांत प्रचार सचिव – प्रेम लता सिंह,बिहार प्रांत वरिष्ठ
मिडिया प्रभारी – कपिलेश्वर,बिहार प्रांत मिडिया प्रभारी – धीरज कुमार, बिहार प्रांत कोषाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, बिहार प्रांत कानूनी सलाहकार अखौरी चन्द शेखर,बिहार प्रांत महामंत्री भारती जी,बिहार पटल प्रभारी – पूनम कुमारी द्वारा भव्य कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया।
नवल पाल द्वारा संस्था के बारे मे पूरे विस्तार से अपना वक्तव्य दिया गया साथ मे रुपेश जी द्वारा संस्था के निस्वार्थ साहित्यिक कार्यक्रम एवं साहित्यिक उदेश्य के बारें मे पूरी जानकारिया दी गई। साथ ही अध्यक्ष बबिता जीे द्वारा साहित्य के प्रति उनके लगन एवं समाजिक सरोकार और उदेश्यो के बारें मे बताया गया, शृगार कवयित्री अंशुपाल ‘अमृता’ द्वारा शृंगार रचनाओं से कार्यक्रम को सराबोर किया गया।
लखनऊ की कवयित्री अनुजा ‘मनु’ द्वारा खुबसूरत रचनाओं से कार्यक्रम मे चार चांद लगाए गए,वही मुंबई की कवयित्री निक्की शर्मा ‘रश्मि’ ने खुबसूरत रचनाओं से सबका मन मोह लिए!
साथ ही विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसका संचालन पूर्व मिसेज इंडिया एवं पूनम कुमारी द्वारा किया गया जिसमें सभी माननीय साहित्यकार बन्धुओं ने राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में भाग लिया।
मधु वैष्णव मान्या जोधपुर राजस्थान, दर्शन जोशी, संगमनेर, सुरेश मीणा बांसवाड़ा राजस्थान, स्मिता पाल (साईं स्मिता), झारखंड, खुशबू उत्तर प्रदेश , जितेन्द्र कुमार चन्द्राकर ग्राम खरौरा छत्तीसगढ़ ,खान मनजीत भावड़िया मजीद, सोनीपत हरियाणा ने अपने विचार इस तरह व्यक्त किए कि...
आजकल जो
पहले होता था मेल-मिलापवो नहीं रहावो ब्याहशादी मेंगोती नाती का आना
न्योंदा लेना
निनधारी आना
आज ये सब परे हैं।वो हंसी ठ्ठठे लगाना
वो खेत खलिहान की बतलाना
फसल बाड़ी की बुझणा
नये तरकीब सुझणा
वो लोकगीत की खनक
वो ऐड़ी की धमक
आज सब परे हैं।वो खोडि़या गीत गाना
वो मरगत में खेड़ा गाना
वो ब्याह में तोते वाला मोड़
वो बारात के लिए खाट कट्ठी करना
वो साईकिल पर बारोठी
आज सब परे हैं ।
पूरी दु अरविंद अवस्थी मीरजापुर, उप्र, धनेश्वर प्रसाद देवांगन, व्याख्याता ,सारागाँव, जाँजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़, विकास चारण “दिवान जी” बीकानेर राजस्थान,सविता मोदी मंडला (म प्र), डॉ. जयप्रकाश नागला ,नांदेड़ , महाराष्ट्र,डॉ असीम आनंद, आगरा, उतर प्रदेश,अंजनी शर्मा,गुरुग्राम,हरियाणा,डाः नेहा इलाहाबादी दिल्ली, सनुक लाल यादव, बालाघाट मध्यप्रदेश, प्रिया गुप्ता छत्तीसगढ़, निधी कुमारी, मुजफ्फरपुर (बिहार) , विशाल चतुर्वेदी ” उमेश ” जबलपुर मध्यप्रदेश, ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम कानपुर नगर, के.के.सिंह ‘आमद’ साधुपुरी फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश), श्रीमती श्रीमती सरोज साव ‘कमल’ रायगढ़ छत्तीसगढ़, रमा बहेड़, राम बिहारी पचौरी भिंड (मध्य प्रदेश), विजय कुमार, कंकेर औरंगाबाद, बिहार,डॉ रश्मि शुक्ला प्रयागराज, सुरेन्द्र नाथ सिंह- गाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश), डॉ दीपा अंटिन बेलगावी कर्नाटक, कमलेश पाण्डेय ‘कमल’ , प्रयागराज, डॉ. सम्पत लाल रेगर ,राजसमंद (राजस्थान),अनामिका वैश्य आईना, लखनऊ द्वारा संपन्न हुआ !






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