किसान कांग्रेस के नेतृत्व में पीएम और सीएम का पुतला दहन किया
सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट
केन्द्र और प्रदेश की सरकार किसानों और मजदूरों की विरोधी है। जिसका परिणाम पूरे देश में देखने को मिल रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने किसान और श्रमिक विरोधी बिल पारित कर देश के अन्नदाता व श्रमिकों के साथ छलावा किया है। इसका परिणाम आगामी समय में किसान और श्रमिक दोनों के लिए नुकसानदायक रहेगा। उक्त विचार ग्राम निवारिया में किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने प्रकट किए।
उन्होंने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ आगामी दिनों में गांव-गांव और चौराहे-तिराहे पर मोदी और शिवराज का पुतला दहन कर विरोध प्रकट किया जाएगा। गुरुवार को इसकी शुरूआत ग्राम निवारिया से की गई। आगामी दिनों दोराहा, श्यामपुर और आष्टा आदि क्षेत्र में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मौके पर मौजूद पिछड़ा वर्ग के जिलाध्यक्ष राजेश भूरा यादव ने कहाकि आज देश में निजीकरण और कमजोर नेतृत्व के कारण बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। नोटबंदी, जीएसटी और कोरोना में उद्योगों की तालाबंदी के बाद इन बिलों से देश की अर्थव्यवस्था समाप्त करने का षड्यंत्र रचकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया गया है। मोदी सरकार की मंशा ठीक होती तो न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान बिलों में किया जाना चाहिए था। आवश्यक वस्तुओं के भंडारण के पुराने नियमों को लागू करना चाहिए, वरना उद्योगपति रोजमर्रा की आवश्यक चीजों का भंडारण कर मनमाने दामों में बेचेंगे और मंहगाई की मार आमजन पर आएगी। उन्होंने कहा कि श्रमिक विरोधी बिल में उद्योगपतियों को असीमित अधिकार देकर श्रमिकों के अधिकारों का हनन किया गया है। वहीं संगठन के महामंत्री हरीश आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक-श्रम नीतियों से जहां उद्योग प्रबंधन श्रमिकों को कानून का डर बताकर मनमानी कर कार्यरत श्रमिकों से रोजगार छीनकर बेरोजगार कर रहे हैं, वहीं नए श्रमिक विरोधी कानून में श्रमिकों को उद्योगपतियों के विरोध में न्यायालय जाने के अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं, जो संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार का स्पष्ट हनन हो रहा है। इस मौके पर पंडित गंगा प्रसाद शर्मा, शमशुद्दीन खान, अय्युब खां, रईस खां, शाहरुख, अजय, मान सिंह और हेम सिंह आदि ग्रामीण शामिल थे।


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