गरजे बादल, बरसे ओले ,बढ़ी धड़कन,
आधी रात को गिरी किसानों की किस्मत पर गाज,
चने के आकार की हुई आोलावृष्टि,
कई गांवों मे ओलों का आकार 12-14 एमएम तक,
रबी फसलों को भारी नुकसान

इछावर/मुवाड़ा/ब्रिजिशनगर
एमपी मीडिया पाइंट 

एकबार फिर मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की उम्मीदों को तहस-नहस कर दिया हैं। बुधवार-गुरुवार रात अचानक गरज-चमक के सांथ बारिश शुरू हो गई। जिले के कई गांवों में कम बारिश के सांथ ओले भी गिरे जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचने के समाचार हैं। इछावर तहसील के दर्जनों गांव अोलावृष्टि की चपेट मे आ गए औेर देखते ही देखते पांच-सात मिनट के अंदर ही किसानों की किस्मत रसातल मे समा गई।



हमारे संवाददाता सूरज वर्मा के अनुसार 

बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात किसानों पर भारी पड़ी,रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के खेतों पर ओले की चादर बिछ गई।ओलावृष्टि से इछावर गाजीखेड़ी के आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए। कहीं 5 मिनट तो कहीं 20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई सबसे अधिक नुकसान गाजीखेड़ी में हुआ जहां 50 ग्राम तक के ओले गिरे।
इच्छावर तहसील के अनेक  गांवों में ओलावृष्टि हुई गाजीखेड़ी, कालापीपल, मोहनपुर, बावड़ियानोआबाद,लसूड़ियाकांगर, कनेरिया, कोलूखेड़ी,जामली,खेरी मे रात करीब एक बजे से शुरू हुई ओलावृष्टि से सड़कों और फसलों पर सफेद रंग की चादर बिछ गई चने के आकार से लेकर बेर के आकार तक के ओले गिरे।
आधी रात को हुई ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई उनका कहना है कि फसलों का सर्वे कराया जाए हमारी फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं।
अब भी मौसम के मिजाज बदले हुए हैं।

संवाददाता शिवराजसिंह राजपूत के अनुसार

 इच्छावर ब्लॉक के मुवाड़ा, सेमलीजदीद,पांगरी जंगल,  राजपुरा,रामगढ़, आदि  स्थानों पर ओलावृष्टि हुई है, जहां चने के आकार के ओले गिरे हैं। इससे गेहूं-चना,धनिया,सरसों आदि की फसल को नुकसान पहुंचा है। जहां बारिश और ओलों से गेहूं-चना की फसल आड़ी हो गई, तो धनिया का फूल झड़ गया है। हालांकि , तेज बारिश न होने और ज्यादातर देर तक ओले न गिरने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। वहीं देर से आने वाली  फसलों को बारिश से राहत भी मिली है।मुवाड़ा के किसान सुनील विश्वकर्मा,विजेंद्र सिंह दरबार, विजेंद्र राजपूत, सचिन मीणा, आदि का कहना है,कि रात लगभग 1:00 बजे चने के आकार की ओले गिरे जिसमें फसलों को कुछ नुकसान है।

ब्रिजिशनगर संवाददाता हुकुमसिंह मेवाड़ा के अनुसार 

क्षेत्र मे छप्पर फाड़कर आफत गिरी,फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।               बुधवार-गुरुवार की रात 1:00 बजे करीब 7 मिनट तक बारिश के सांथ लपक कर ओले गिरते रहे कहीं-कहीं ओले का साइज 16 एमएम के लगभग का साइज था जिससे किसानों को लाखों रुपयों की फसल का नुकसान पहुंचा है किसान की कटी हुई  फसल खेतों में पड़ी हुई थी जैसे गेहूं ,चना ,मसूर आदि वह चौपट हो गई।किसान के घर पर जो देशी कवेलू चढ़े हुए थे वह भी ओलों की मार से टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए।फांगिया सहित ब्रिजिशनगर,कनेरिया, बावरियाचोर, कोलूखेड़ी, अलीपुर,समपुरा, नादान आदि गांव में ओलावृष्टि से भारी नुकसान के समाचार हैं।
उधर संवाददाता राजेश बनासिया ने खबर दी है कि इछावर के भाऊँखेड़ी बेल्ट मे छुट-पुट बारिश हुई लेकिन ओलों की मार से क्षेत्र बच गया।
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