ऋण हुआ माफ तो हटी चिंता की लकीरें चेहरा हुआ साफ,
कृषक नारायणसिंह के दो लाख रुपये का ऋण हुआ माफ
सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट
जिस चेहरे पर कभी चिंता की लकीरें दिखा करती थी वही किसान का चेहरा अब खिला-खिला सा साफ नजर आ रहा है। सीहोर के ग्राम फूल मोगरा निवासी नारायण सिंह वर्मा इन दिनों अपने कर्ज माफी से बहुत खुश है और यह खुशी क्यों न हो उनका "जय किसान ऋण माफी योजना" से 10 हजार नहीं 50 हजार नहीं पूरे 2 लाख का ऋण माफ जो हुआ है। नारायण सिंह नई सरकार के द्वारा किसानों से किए वादे को पूरा करने से बहुत खुश है। उनका कहना है कि किसानों के हितों का सरकार को पूरा ध्यान है। इसीलिए तो सरकार ने गठन के तुरंत बाद सबसे पहले निर्णय कर्ज माफी का लिया है।
नारायण सिंह वर्मा ने 4 लाख रुपये ऋण सहकारिता बैंक से लिया था. उन्होंने ये ऋण लेकर अपने खेत में रबी फसल बोई थी फसल की पैदावार और ऋण चुकाने की चिंता हमेशा लगी रहती थी। सरकार की ऋण देने की कई योजनाएं भी है जो बड़ी मदद करती हैं। नारायण सिंह का कहना है कि किसान अपना तन मन लगाकर खेती करता है लेकिन जब धन की बात आती है तो बड़ी चिंता हो जाती है। किंतु समुचित पैदावार न होने से फसल का नुकसान तो होता ही है बल्कि कर्ज की चिंता भी बढ़ जाती है। नारायण सिंह बताते हैं कि हर साल की तरह मैं भी फसल बोने के साथ ही कर्ज चुकाने की चिंता से परेशान हो जाता था, पर जब मुख्यमंत्री ने किसानों के ऋण माफी की घोषणा की तो बड़ी खुशी हुई साथ ही जीवन में निश्चिंता आई। नारायण सिंह वर्मा के चेहरे पर अब कर्ज की चिंता नहीं है बल्कि उनके चेहरे पर अपने कर्ज माफी की खुशी साफ झलक रही है। वह मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता भरे भाव से धन्यवाद प्रेषित करते और कहते हैं कि किसान के लिए कर्ज से बड़ा कोई अभिषाप नहीं शासन ने इस मामले मे राहत प्रदान कर किसानों के सांथ न्याय किया है अब अन्नदाताओं के हौंसले बुलंद हैं।


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