सबकुछ नेट एंड क्लीन है,
तत्काल नियमित कियाजाए, भले वेतन 3 साल बाद बढ़ा देना,
अतिथि शिक्षकों की सरकार से दरकार,
भोपाल, एमपी मीडिया पाइंट
मप्र शासन के लिए काम कर रहे संविदा कर्मचारी, अतिथि शिक्षक एवं रोजगार सहायकों के नियमितीकरण की मांग को पूरा करने के लिए कमलनाथ सरकार ने मंत्रियों की एक समिति बना दी है परंतु अतिथि शिक्षकों का कहना है कि सरकार उनकी सेवाएं तत्काल नियमित करे, जैसा कि वचनपत्र में दर्ज है। वो चाहे तो वेतनवृद्धि 3 साल बाद कर दें।
अतिथि शिक्षको के पदाधिकारियों और सरकार के बीच बैठक भी हो चुकी है। जिसमे अतिथि शिक्षको ने मंत्रियों के सामने अपनी अनार्थिक मांगों के प्रस्ताव रखे थे। सरकार ने इस तरफ कदम बढ़ा दिया है। लेकिन मांगो पर विचार करने के लिए जिस तरह कमेटी बनाई गई है, इससे संशय बन गया है। क्यूंकि तीन माह में रिपोर्ट सरकार तक पहुंचेगी और तब तक आचार संहिता लग जायेगी। जिससे कहीं नियमितीकरण की मांग फिर अधर में न लटक जाए। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि समिति इस मामले में तेजी दिखाए और सभी जरूरी पहलुओं पर विचार कर लंबित मांगों की पूर्ती करे।
रायसेन जिला अध्यक्ष रामलखन लोधी के अनुसार संयुक्त अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार को अपनी अनार्थिक मांग जिसमें अतिथि शिक्षको वर्तमान वेतन 5000/7000/9000 पर ही नियमित किया जाए फिर 2 या 3 वर्ष के बाद पूरा वेतनमान देना शुरू करदे जिससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा।
ज्ञातव्य रहे कि प्रदेश मे कई वर्षों से अतिथि शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि सबसे कम मानदेय पर।अतिथि शिक्षकों ने पूर्व भाजपा सरकार को भी अपने नियमितिकरण को लेकर गुहार लगाई थी जिसे उसने दरकिनार कर दिया था भाजपा को सत्ता से उतारने मे अतिथि शिक्षकों के हजारों परिवारों का भी परोक्ष योगदान माना जा रहा है।


Post A Comment: