आस्था का केंद्र भाऊँखेड़ी का प्राचीन शिवालय,

सोमवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर लगेगा शिवभक्तों का दर्शनार्थ तांता

राजेश बनासिया, भाऊँखेड़ी

जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर इछावर ब्लाक के गांव भाऊँखेड़ी की पहचान प्राचीन एवं चमत्कारिक शिवालय से है  यहां पर ग्राम के मध्य प्राचीन शिवालय है जो जिले में अपनी सुंदर बनावट एवं अद्भुत वास्तुकला समावेश के कारण भी जाना जाता है। मन्दिर बहुत प्राचीन है,किसने बनवाया, कब बना, यह एक रहस्य है।इसके निर्माण के बारे में यहाँ के शतायु बुजुर्ग व जिनकी उम्र अब सौ वर्ष से भी ऊपर हो गई उनसे पूछने पर भी वह यही कहते है कि हमारे दादा-परदादा भी यही कहा करते थे कि हमे भी नहीं मालूम कि यह मंदिर कब बना ! हमने तो बचपन से इसे ऐसा ही देखा। मन्दिर में एक विशाल पानी का कुंड है जो इस बात की ओर संकेत करता है कि जब पूरे इछावर क्षेत्र में भरपूर बारिश हो जाती है तो कुंड के पानी से शिवालय का गर्भगृह पानी से पूरी तरह लबालब भर जाता है जिससे प्रतीत होता है कि अब क्षेत्र में भरपूर पर्याप्त बारिश हो चुकी है प्राचीन शिवालय में एक विशाल हनुमानजी की प्रतिमा भी है बताया जाता है कि जिले में ऐसी और इतनी ऊंची दूसरी प्रतिमा कहीं नहीं है इस प्रतिमा की ऊँचाई दस फीट है सोमवार को  शिवरात्रि के अवसर पर मन्दिर में अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा व दिनभर शिवभक्तों का दर्शन के लिए यहां तांता लगा रहेगा।

भाऊँखेड़ी:समझ नहीं आती शिलालेख की भाषा

ग्रामीण बताते है यहाँ के शिव मंदिर में जो भी सच्चे मन से मन्नते मांगता है उसकी मन्नते अवश्य ही पूर्ण होती हैं अद्भुत  वास्तु कलाओं से निर्मित यह मंदिर सीहोर जिले मे  अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। मंदिर के अंदर समझ नहीं आती है शिलालेख की भाषा,शायद निर्माण को लेकर इसमे कुछ उल्लेख बताया जाता है।

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