सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिवा फूले की जयंती मनाई
सीहेार, एमपी मीडिया पाइंट
अजा बाहुल्य वार्ड क्रमांक 11 के संत शिरोमणी रविदास मांगलिक भवन में सामाजिक क्रांति तथा शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिवा फूले की जयंती हर्षाेल्लास पूर्वक मनाई गई। सर्व प्रथम कार्यक्रम के अतिथिगणों के द्वारा पुष्प मालाओं से ज्योतिवा फूले एवं भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व पार्षद वरिष्ठ कांग्रेस नेता दर्शन वर्मा थे, विशेष अतिथि केजी बैरागी, रामभरोस आर्य,क्षेत्रीय पार्षद आरती, नरेंद्र खंगराले तथा धन्नालाल परचोले रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी डॉ अनीस खान के द्वारा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों के द्वारा कहा की महात्मा ज्योतिवा फूले महान समाज सुधारक थे और महान विचारक एवं दलित चिंतक थे उन्होने सत्यशोधक समाज की स्थापना की थी। फूले कहा करते थे परमेश्वर एक है और सभी मानव उनकी संतान है उन्होने दबे कुचले वर्गो में बुद्धीनता, नैतिकता, प्रगति एवं समृद्धि के विकास करने के लिए शिक्षा की आवश्यकता को महत्वपूर्ण समझा।
अपनी पत्नि सावित्रि बाई फूले के साथ मिलकर उन्होने नारी शिक्षा के लिए स्कूल खोले, बाल विवाह का विरोध किया और विधवा विवाह पर पूरजोर विरोध किया। उनकी की पत्नि को प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका होने का गौरव प्राप्त है उन्होने किसानों के हितों के लिए कई आंदोलन चलाए तथा छुआ छूत अंधविश्वास तथा संकीर्ण विचरों का विरोध किया। भारतीय संविधान के निर्माता डॉ अम्बेडकर महात्मा ज्योतिवा फूले को अपना गुरू मानते थे।


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