आग से आदिवासी किसान का मकान जलकर खाक,
आग के कारण को लेकर पीड़ित किसान और वन विभाग मे आरोप-प्रत्यारोप

इछावर/ब्रिजिशनगर, एमपी मीडिया पाइंट 

वनपरिक्षेत्र इछावर के कनेरिया बीट अंतर्गत आने वाले मगरिया मे एक आदिवासी किसान का मकान जलकर राख हो गया।
उक्त घटना गुरुवार को तब घटित हुई जब इछावर पुलिस एक मामले मे आरोपी किसान को गिरफ्तार करने पहुंची थी।


जानकारी अनुसार मगरा टोल ब्रिजिशनगर निवासी विष्णु पिता हीरालाल का वन विभाग की करीब 5 एकड़ जमीन पर कब्जा है जिसे बड़ाकर उसने 8 एकड़ कर लिया था जिसका प्रकरण वन विभाग मे लंबित है।


तीन दिन पूर्व इसी प्रकरण एंव 20 एकड़ वन भूमि का जंगल जलाने के सिलसिले मे जब वन विभाग ब्रिजिशनगर के कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे तो विष्‍णु ने वनकर्मियों के सांथ विवाद किया था।
वनरक्षक चंदरसिंह की रिपोर्ट पर इछावर पुलिस ने विष्‍णु के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम करते हुए उसकी तलाश आरंभ की थी।

इछावर टीआई अरविंद कुमरे के मुताबिक गुरुवार को पुलिस, विष्‍णु के घर उसे गिरफ्तार करने पहुंची। विष्‍णु मकान से बाहर निकलता इसके पूर्व ही आग का धुआँ उठता दिखाई देने लगा। पुलिस पूरा माजरा समझ पाती इसके पहले ही आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। पुलिस ने ही फायर बिग्रेड बुलाई, वह आई भी लेकिन तबतक आग से पूरा मकान और गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था।


विष्‍णु वारेला के पिता हीरालाल का कहना है कि बदले की भावना से मेरे मकान मे आग वनकर्मियों के सांथ वन रक्षक चंदरसिंह ने लगाई। 

दूसरी तरफ डिप्टी रेंजर ब्रिजिशनगर प्रकाशचंद्र उईके का कहना है कि वन विभाग की गाड़ी मे सिर्फ पुलिस वाले ही विष्‍णु के घर पहुंचे थे वन विभाग का एक भी कर्मचारी पुलिस के सांथ नहीं गया था। नाकेदार चंदरसिंह तो पेशी पर इछावर अदालत गया हुआ था। विष्‍णु ने केवल वन विभाग का वाहन देख यह अंदाजा लगाया कि वन विभाग की टीम आ रही है उसने फंसाने के दृष्टिकोण से उक्त बात कही। इछावर पुलिस का भी कहना है कि वनकर्मी उसके सांथ नहीं थे।

आग से विष्‍णु वारेला का पूरा मकान और सामान जलकर राख हो गया।उसके अनुसार 10-15 मुर्गे-मुर्गी-चूजे भी जिंदा जल गए। पुलिस ने आरोपी विष्णु  को गिरफ्तार कर न्यायालय मे पेश किया है। 
खास बात यह है कि इस पूरे मामले मे विष्‍णु के परिजनों की तरफ से अबतक किसी भी प्रकार की कोई रिपोर्ट थाने मे दर्ज नहीं कराई गई है।
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