लोकसभा निर्वाचन 2019 को लेकर व्यय कंट्रोल रूम
कॉल सेंटर के लिए नियुक्त अधिकारी/कर्मचारियों में संशोधन

सीहोर 10 अप्रैल,2019
एमपी मीडिया पाइंट
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गणेश शंकर मिश्रा द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2019 को लेकर व्यय कंट्रोल रूम कॉल सेंटर के लिए नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी के आदेश में संशोधन किया गया है। व्यय कंट्रोल रूम कॉल सेंटर दल के प्रभारी अधिकारी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख गोविन्द सिंह यादव हैं।संशोधित आदेश के अनुसार प्रथम दल में प्रात: 6 से दोपहर 2 बजे तक भरतलाल शर्मा जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी सीहोर, विनोद कुमार गुप्ता सहायक अध्यापक उजड़खेड़ा (सुभाष स्कूल) एवं भृत्य ओमप्रकाश कटारे पटवारी प्रशिक्षण शाला रहेंगे। द्वितीय दल में दोपहर 2 से रात 10 बजे तक कमल किशोर मालवीय सहायक ग्रेड-2 भू-अभिलेख पंचा.समन्वयक अधिकारी जनपद पंचायत सीहोर हेमराज मालवीय एवं सहायक भू-संरक्षण अधिकारी सीहोर भृत्य श्री अब्दुल रशीद खान रहेंगे। तृतीय दल में रात 10 से प्रात:6 बजे तक कार्यक्रम समन्वयक जिला क्षय केन्द्र कीर्ति सिंह कुशवाह, सहायक ग्रेड-3 भू-अभिलेख नवल किशोर शुक्ला एवं सहा.भू-संरक्षण अधिकारी सीहोर भृत्य श्री विजय कुमार लोधी रहेंगे।
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दो अपराधियों पर जिला बदर की कार्यवाही
सीहोर 10 अप्रैल,2019
एमपी मीडिया पाइंट
कलेक्टर एवं जिला दणडाधिकारी गणेश शंकर मिश्रा ने असामाजिक गतिविधियों में लिप्त एवं विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज होने के कारण दो आदतन अपराधियों को पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत जिलाबदर की कार्रवाई की है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने चंपालाल पिता ब्रजलाल प्रजापति निवासी ग्राम झरखेड़ा थाना दोराहा एवं चांद सिंह पिता केशर सिंह मेवाड़ा निवासी रायपुरा थाना मंडी जिला सीहोर को सीहोर एवं उसके सीमावर्ती जिले भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, देवास, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। यदि इनके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है तो उसकी सुनवाई में उपस्थित रहने के लिए पुलिस अधीक्षक सीहोर तथा संबंधित थाने को सूचित करना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हैं।--------------------
धार्मिक स्थलों का प्रचार में उपयोग प्रतिबंधित
सीहोर 10 अप्रैल,2019
एमपी मीडिया पाइंट
लोकसभा निर्वाचन 2019 के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या पूजा के अन्य स्थानों का निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा किया जाना आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन होगा।आयोग के निर्देशानुसार मत प्राप्त करने के लिए जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिए तथा किसी दल या अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच मतभेदों को बढ़ायें या घृणा की भावना उत्पन्न करें या तनाव पैदा करें। उन्होंने बताया कि जब अन्य राजनैतिक दलों की आलोचना की जाये तब वह उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पूर्व रिकार्ड और कार्य तक ही सीमित होना चाहिए। यह भी आवश्यक है कि व्यक्तिगत जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिए जिनका संबंध अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक क्रियाकलाप से न हो। दलों या उनके कार्यकर्ताओं के बारे में कोई ऐसी आलोचना नहीं की जाना चाहिए जो ऐसे आरोपों पर जिनकी सत्यता स्थापित न हुई हो या जो तोड़-मोरड़ कर कही गई बातों पर आधारित हो। निर्देशों का पालन नहीं करने पर आदर्श आच रण संहिता के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी।
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एक्जिट पोल 19 मई तक प्रतिबंधित
सीहोर 10 अप्रैल,2019
एमपी मीडिया पाइंट
भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा निर्वाचन एवं विधानसभा उप निर्वाचन-2019 के लिये 11 अप्रैल को प्रात: 7 बजे से 19 मई 2019 को शाम 06:30 बजे तक किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के संचालन और प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा प्रचार-प्रसार तथा प्रकाशन पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मतदान समाप्ति के लिये नियत समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले का, किसी भी ओपीनियन पोल या अन्य किसी पोल सर्वे के परिणामों सहित, प्रदर्शन किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से करने पर प्रतिबंध रहेगा।---------------------
बल्क एसएमएस और वॉयस मैसेज का भी कराना होगा प्रमाणन
सीहोर 10 अप्रैल,2019एमपी मीडिया पाइंट
भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए राजनैतिक दलों, उम्मीदवारों एवं उनके समर्थकों द्वारा मोबाइल पर भेजे जाने वाले एसएमएस और वॉयस मैसेज का भी इन्हें जारी करने के पूर्व मीडिया प्रमाणन एवं मीडिया निगरानी समिति से प्रमाणित कराना अनिवार्य कर दिया है।
आयोग के निर्देशानुसार यह जरूरी है कि बल्क एसएमएस एवं वॉयस मैसेज की भी मॉनीटरिंग की जाये ताकि चुनाव प्रचार अभियान के दौरान इस सुविधा का दुरूपयोग न हो सके तथा निर्वाचन नियमों एवं आदर्श आचार संहिता का किसी तरह से उल्लंघन न हो। आयोग ने बल्क एसएमएस को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का ही एक हिस्सा मानते हुए कहा है कि चुनाव प्रचार अभियान के दौरान भेजे जाने वाले सभी तरह के बल्क एसएमएस एवं वॉयस मैसेज भेजने पर किया गया खर्च राजनैतिक दलों एवं उम्मीदवारों को निर्वाचन व्यय लेखे में शामिल करना होगा। आयोग ने कहा सभी मोबाइल सेवा प्रदाता कम्पनियों को भी इन निर्देशों का पालन करना होगा।

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