ब्लास्टिंग और क्रेशर के पत्थरों से तबाह हो जाएगी खून पसीने की कमाई,
बरखेड़ी और कतपान के किसानों ने कलेक्टर से मदद की लगाई गुहार
साहब रसूखदार सिंघी कन्ट्रेक्टर को पत्थर की खदान मेें ब्लास्टिंग की परमिशन खनिज विभाग ने दे दी है। सिंघी ने क्षेत्र में क्रेशर मशीन लगाने की परमिशन भी मांगी है अगर खदान में ब्लास्टिंग होती और क्रेशर मशीन लगती है तो खेतों में उगने वाली हमारी खून पसीने की कमाई गिटटी और पत्थरों से तबाह हो जाएगी। मंगलवार को श्यामपुर तहसील के ग्राम बरखेड़ी और कतपान के किसानों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम दिए शिकायती पत्र में खदान और क्रेशर परमिशन रद्द करने की गुहार लगाई है।
क्रेशर मशीन से प्रभावित होने वाले किसानों ने बताया की बरखेड़ी के पास सिंचित कृषि भूमि है इस भूमि से कई किसान परिवारों का जीवन यापन होता है। इस जमीन के पास भोपाल के हितेश सुशील कुमार ने खदान में ब्लास्टिंग और के्रशर मशीन लगाने के लिए योजना तैयार की है। क्रेशर मशीन लगती है तो आसपास की सैकड़ों एकड़ा कृषि भूमि पर इस का विपरीत असर होगा। पत्थर औ धूल से सभी तरह की फसले खराब होकर तबाह हो जाएगी।
कृषि भूमि की उर्वरक क्षमता पर भी बुरा असर होगा। सिंचित भूमि पथरीली हो जाएगी। क्रेशर मशीन का असर पक्षियों और मवेशनियों के लिए सरंक्षित पानी पर भी होगा। जलाशय का पानी प्रदुषित हो जाएगा। पर्यावरण को भी खासा नुकसान होगा। कृषि भूमि के्रशर और खदान में ब्लास्टिंग के कारण अगर कृषि भूमि बंजर होती है तो किसान बेरोजगार हो जाएगे। किसानों के पास रोजी रोटी कमाने का कोई दूसरा साधन भी नहीं है।
अनेक किसानों ने कलेक्टर से किसान हित में खदान ब्लाटिंग और क्रेशर मशीन की खनिज विभाग के द्वारा दी गई अनुमति को निरस्त कराने की मांग की है।
बरखेड़ी और कतपान के किसानों ने कलेक्टर से मदद की लगाई गुहार
सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट
साहब रसूखदार सिंघी कन्ट्रेक्टर को पत्थर की खदान मेें ब्लास्टिंग की परमिशन खनिज विभाग ने दे दी है। सिंघी ने क्षेत्र में क्रेशर मशीन लगाने की परमिशन भी मांगी है अगर खदान में ब्लास्टिंग होती और क्रेशर मशीन लगती है तो खेतों में उगने वाली हमारी खून पसीने की कमाई गिटटी और पत्थरों से तबाह हो जाएगी। मंगलवार को श्यामपुर तहसील के ग्राम बरखेड़ी और कतपान के किसानों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम दिए शिकायती पत्र में खदान और क्रेशर परमिशन रद्द करने की गुहार लगाई है।
क्रेशर मशीन से प्रभावित होने वाले किसानों ने बताया की बरखेड़ी के पास सिंचित कृषि भूमि है इस भूमि से कई किसान परिवारों का जीवन यापन होता है। इस जमीन के पास भोपाल के हितेश सुशील कुमार ने खदान में ब्लास्टिंग और के्रशर मशीन लगाने के लिए योजना तैयार की है। क्रेशर मशीन लगती है तो आसपास की सैकड़ों एकड़ा कृषि भूमि पर इस का विपरीत असर होगा। पत्थर औ धूल से सभी तरह की फसले खराब होकर तबाह हो जाएगी।
कृषि भूमि की उर्वरक क्षमता पर भी बुरा असर होगा। सिंचित भूमि पथरीली हो जाएगी। क्रेशर मशीन का असर पक्षियों और मवेशनियों के लिए सरंक्षित पानी पर भी होगा। जलाशय का पानी प्रदुषित हो जाएगा। पर्यावरण को भी खासा नुकसान होगा। कृषि भूमि के्रशर और खदान में ब्लास्टिंग के कारण अगर कृषि भूमि बंजर होती है तो किसान बेरोजगार हो जाएगे। किसानों के पास रोजी रोटी कमाने का कोई दूसरा साधन भी नहीं है।
अनेक किसानों ने कलेक्टर से किसान हित में खदान ब्लाटिंग और क्रेशर मशीन की खनिज विभाग के द्वारा दी गई अनुमति को निरस्त कराने की मांग की है।


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