रेत स्टाक की ली परमिशन, पर मौके पर नहीं रेत, अवैध खनन कर हर रोज जारी कर रहे रायलटी

-खनिज विभाग की अनदेखी से चल रहा अवैध खनन, स्टाकों की नपती नहीं होने से एनजीटी के नियमों का खुला उल्लंघन 



सीहोर,  एमपी मीडिया पाइंट 

नर्मदा किनारे 800 मीटर की दूरी पर स्टाक करने का नियम है, लेकिन तत्कालीन कलेक्टर और खनिज अधिकारी द्वारा एनजीटी के नियमों को दरकिनार करते हुए नर्मदा नदी से 500 मीटर दूरी पर 13 स्टाकों की परमीशन दे दी गई, बताया जाता है कि इन स्टाकों की जांच के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। इसके बाद भी ऐसे स्टाकों की मरमिशन रद्द नहीं की जा रही है। जबकि मौके पर रेत ही मौजूद नहीं 
 है। होने पर अवैध खनन कर स्टाकों के नाम पर रेत माफिया हर रोज बड़ी संख्या में रेत की रायलटी जारी कर लाखों रुपए का कारोबार कर रहे हैं। 
एनजीटी ने नर्मदा नदी की खदानों पर 14 जून से प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं बारिश से पूर्व 800 मीटर दूरी पर स्टाकों की परमीशन देने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन एनजीटी के निर्देशों पर न तो खदानों पर खनन का प्रतिबंध लगा और न ही स्टाकों की परमीशन में दूरी का ध्यान रखा गया। यही कारण है कि स्टाक नहीं होने के बाद भी रेत की हर रोज 20 से 25 रायलटी जारी हो रही है, जिससे अवैध रेत को वैध करके बेचने का काम चल रहा है, वहीं प्रशासन चुप्पी साधे हुए। इससे शासन को करोड़ों रुपए की चपत लग रही है। वहीं रेत माफिया की बल्ले-बल्ले हो रही है। साथ ही इस रेत को दूर-दूर तक भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि मार्च से मई 2019 में 13 स्टाकों की परमीशन जारी हुई है, जिसमें से अधिकतर रेत माफिया बारिश नहीं होने के कारण अवैध खनन में जुटे हुए है। साथ ही स्टाक नहीं होने के बाद भी रायलटी काटकर अवैध खनन कर रेत को महंगे दामों में बेच रहे हैं। 

29 जून का बिना स्टाक के जारी हुई रायलटी

29 जून 2019 को रेत भंडारण सह व्यापार अनुमति स्टाकिस्ट, असलम निवासी धार मप्र ग्राम बड़गांव तहसील नसरुल्लागंज जिला सीहोर,  खसरा क्र.164/1 रकबा 1.291 हेक्टेयर की है, जिसकी भडारण अनुमति 6 मार्च 2019 से 5 मार्च 2024 तक है, जिससे 29 जून को 9.24 पर सुबह एमपी 09 एचएच 5410 की दस घनमी की रायलटी काटी गई। इसी तरह सुबह 9.25 पर एमपी 09 एचएच 8933 की 10 घन मीटर, दोपहर 12.40 पर एमपी 09 एचएच 7031 की दस घन मीटर, दोपहर में 12.51 पर एमपी 09 एचएच 4364 की 11 घन मीटर, दोपहर 1.41 पर एमपी 41 एचए 1242 दस घन मीटर की बड़गांव नसरुल्लागंज स्टाक से इंदौर के लिए रायलटी जारी की गई। जबकि मौके पर रेत का स्टाक नहीं है।
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