झालपीपली की जतरा मे पारंपरिक बुंदेलखंडी राई नृत्य ने बांधा समा,
रातभर चला जतरा का जश्न,
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोग शामिल हुए मेले मे
राजेश शर्मा, इछावर/वीरपुर डेम
तहसील के आदिवासी गांव झालपीपली मे परंपरानुसार बीती रात वार्षिक जतरा(मेला) का आयोजन हुआ। पूरी रात चले इस आयोजन मे पारंपरिक राई नृत्य की पेशकश छायी रही। करीब 50 गांवों के लोगों ने जतरा मे शिरकत की वहीं शहरी क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या मे झालपीपली पहुंचे।
इछावर: आकर्षण का केन्द्र रहा राई नृत्य
इछावर तहसील के आदिवासी गांव झालपीपली की वार्षिक जतरा काफी मशहूर है क्योंकि यहां पुराने समय से ही राई नृत्य की परंपरा रही है। दूर-दूर से आई प्रसिद्ध राई नृत्यांगनाओं द्वारा अपनी श्रेष्ठ बुन्देलखण्डी नृत्य कला का इसबार भी प्रदर्शन किया गया जिसे उपस्थितों द्वारा काफी सराहा गया। इस आयोजन मे संगीत के कलाकारों ने भी मृदंग,हारमोनियम,तबला,झंकारा,झुनझुना,ढोलक अादि पारंपरिक वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया जो आयोजन मे चार-चांद लगा रहा था।
जतरा मे कई व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें लेकर पहुंचे थे जहां ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। महिलाएं एंव बच्चे भी जतरा का लुत्फ उठाते देखे गए।
लोकप्रिय राई नर्तकियों ने अपनी सर्वश्रेष्ठ कला का प्रदर्शन किया जिसे देखने ग्राम हीरापुर,ढाबला,उलझामन,इमलीखेड़ा,नीबूखेड़ा,सागोनी,रातीबड़,नीलबड़,कलमखेड़ा,कठोतिया,पाटनी,गैरुखान,रतनाखेड़ी,सोहनखेड़ा,सालीखेड़ा,चकल्दी,माथनी,ब्रिजिशनगर,जमोनिया,भड़कुल,गुलरछापरी,रेहटी,लाड़कुई,कोशमी,बोरपानी,चिकलपानी,झिरी,नयाखेड़ा,मालीबांया,लोहापठार,आंवलीघाट,सलकनपुर आदि रहवासी पहुंचे।
सांथ ही इछावर, नसरुल्लागंज तहसील के कई गांवों के हजारों लोग राई नृत्य आयोजन के साक्षी बने। कुलमिलाकर शुक्रवार-शनिवार की रात हजारों लोग इछावर तहसील के ग्राम झालपीपली मे बुंदेलखंड के प्रसिद्ध राई नृत्य के लुत्फ मे डूबे रहे और लोगों ने अपनी खुशमिजाजी से हजारों रुपये नृत्यों पर न्यौछावर किए।



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