सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट
मंगलवार को शासन का जनसुनवाई कार्यक्रम उस समय एक व्यक्ति के अभिनय का शिकार हो गया जब उसने  केरोसीन डालकर खुद को "बखूबी" जलाने का प्रयास किया। हकीकत से सभी वाकिफ हैं लेकिन ड्यूटी दरवाज़ा खट-खटाने लगी और पुलिस को बचाव करना पड़ा।


09 अगस्त 18 से ग्राम ढाबलामाता से लापता नाबालिक बालिका की तालाश में असफल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए  आज जन-सुनवाई में आये बालिका के पिता मोहन लाल तिवारी ने आज कलेक्ट्रेड कार्यलय में आत्मदाह का प्रयास किया।
कलेक्ट्रेड कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान आज एक अजीब वाक्या पेश आया जब अपनी लापता नाबालिक बालिका की तलाश करने में असफल होने पर बालिका के पिता मोहन लाल तिवारी ने कलेक्टर अजय गुप्ता के समाने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुवे कहा कि पुलिस नाबालिक की खोज करने में असफल रही थाने से लेकर एसपी को अनेकों बार आवेदन देने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नही मिल सका ओर परेशान बालिका के पिता ने पूरी दास्तान कलेक्टर अजय गुप्ता को सुनाई ओर फिर बाहर आकर केरोसिन से भरी कुप्पी से केरोसिन अपने शरीर पर डाल कर आत्मदाह का प्रयास किया वह तो गनीमत रही कि मोके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने बड़ी सूझ बूझ से एक बड़ा हादसा टाल दिया।

 . . .यह तो रही आज की खबर लेकिन पूर्व काल की करतूतों से भी पुलिस प्रशासन वाकिफ है क्योंकि उसकी सूचना के स्रोत भी कमजोर नहीं, खूब चला अभिनय। छुड़ाना पड़ी केरोसीन की कुप्पी, क्या पहनी वर्दी कई बार कई हीरो को टावर से उतार चुकी है पुलिस। अनुभव अच्छा खासा है अभिनय समाप्त किया। शायद कल से हकीकत शुरु हो जाए!!

(एमपी मीडिया पाइंट की संतुलित रिपोर्ट)
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