प्रशासन हुआ सख़्त, अब खेत पर खड़े हरे पेड़ को बिना अनुमति के काटा तो होगी सख़्त कार्यवाही
राजेश बनासिया,भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पाइंट
वैसे देखा जाए तो हरे पेड़ों की लगातर हो रही कटाई में इछावर तहसील हमेशा से चर्चा में बनी रही हैं, और यहां ब्लाक में बहुमूल्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई और कटाई का वही सिलसिला अब गांवो तक पहुँच गया और अब कई गांवों के किसान अपने खेत की मेड़ पर खड़े फ़लदार एवं बहुमुल्य पेड़ चंद रुपयों के लालच में कटवाने लगे जिससे कि गाँवो में फैली हरियाली भी चौपट होने लगी।
कई दिनों से किसान अपने खेतों की मेड़ पर खड़े वर्षो पुराने विशाल पेड़ों को कटवाने से बाज नही आये और लोगो ने अब तक हजारों की संख्या में आम,इमली,बमूल,कंजी, खेजड़ा व अन्य पेड़ों को बेरहमी से कटवा दिया।अब जो पेड़ कहीं बचे है उन्हें बचाने के लिए प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाते हुए आज भाऊँखेड़ी ग्राम में हल्का पटवारी कमल कीर द्वारा ग्राम के चौकीदारों एवं मन्दिरों के लाउडस्पीकरो द्वारा डोंडी पिटवाई गई कि अब किसान अपनी निजी जमीन में खड़े पेड़ सक्षम अधिकारी की बिना अनुमति के नहीं काट सकेंगे अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के पेड़ बेचता ओर काटता पाया गया तो उस पर क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस प्रशासकीय कदम की ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है।
राजेश बनासिया,भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पाइंट
वैसे देखा जाए तो हरे पेड़ों की लगातर हो रही कटाई में इछावर तहसील हमेशा से चर्चा में बनी रही हैं, और यहां ब्लाक में बहुमूल्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई और कटाई का वही सिलसिला अब गांवो तक पहुँच गया और अब कई गांवों के किसान अपने खेत की मेड़ पर खड़े फ़लदार एवं बहुमुल्य पेड़ चंद रुपयों के लालच में कटवाने लगे जिससे कि गाँवो में फैली हरियाली भी चौपट होने लगी।
कई दिनों से किसान अपने खेतों की मेड़ पर खड़े वर्षो पुराने विशाल पेड़ों को कटवाने से बाज नही आये और लोगो ने अब तक हजारों की संख्या में आम,इमली,बमूल,कंजी, खेजड़ा व अन्य पेड़ों को बेरहमी से कटवा दिया।अब जो पेड़ कहीं बचे है उन्हें बचाने के लिए प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाते हुए आज भाऊँखेड़ी ग्राम में हल्का पटवारी कमल कीर द्वारा ग्राम के चौकीदारों एवं मन्दिरों के लाउडस्पीकरो द्वारा डोंडी पिटवाई गई कि अब किसान अपनी निजी जमीन में खड़े पेड़ सक्षम अधिकारी की बिना अनुमति के नहीं काट सकेंगे अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के पेड़ बेचता ओर काटता पाया गया तो उस पर क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस प्रशासकीय कदम की ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है।


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