लेखक
लॉकडाउन में विद्यार्थी बढ़ाएं अपनी लेखन क्षमता
विशेषकर विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है कि वे इन दिनों अपनी लेखन क्षमता में वृद्धि कर सकते हैं। अब जबकि लॉक डाउन 2.0 चल रहा है तब छात्रों के लिए सुनहरा मौका है।
लेखन मानव को प्राप्त एक ऐसा कौशल है जिसके बल पर अनेक कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा हो या कोई प्रतियोगिता, सभी में लेखन का कौशल महत्तवपूर्ण होता है। आज के समय में युवा वर्ग की कविता लेखन, लेख, निबंध एवं कहानी लेखन में रुचि बढ़ रही है, किंतु अक्सर उनकी रचनाओं में देखा जाता है, कि रचनाओं में वर्तनी की अशुद्धियां रचना के प्रभाव को कम कर देती है। इस सृजनात्मकता के प्रभाव में वृद्धि के कुछ तरीके इस प्रकार हैं जिन्हें मैं भी अपनाया करता हूं।
1. शब्दकोष को बढ़ाने का प्रयास करें - हमारी रचना निबंध हो, कोई लेख अथवा कविता। इनमें शब्दकोष की महत्तवपूर्ण भूमिका होती है। उचित अर्थ प्रकट करने के लिए जितना उत्तम शब्द हम प्रयुक्त करेंगे, रचना उतनी ही प्रभावशील होगी।
2. साहित्यिक भाषा का प्रयोग करें - आम तौर पर हिन्दी भाषा जितनी बोल-चाल में उपयोग की जाती है, वह लेखन में प्रयुक्त करना अनुचित एवं प्रभावहीन है। प्रयास करें कि हिन्दी अथवा अंगेजी में लिखते समय साहित्यिक शब्दों का उपयोग करें।
3. विचारों की स्पष्टता - लेखन प्रत्येक विधा में किसी न किसी विषय पर आधारित होता है। प्रयास करें कि अपने विषय से संबंधित बातों का ही समावेश उसमें किया जाए।
4. प्रमाणित तथ्यों का समावेश करें - अपनी कृति में विषय के अंतर्गत आंकड़े एवं प्रमाणित तथ्यों का समावेश करने का प्रयास करें। सरकार के कई विभाग जैसे जनसंपर्क, मंत्रालय अथवा प्रमुख संस्थाएं जो विश्वव्यापी आंकड़े प्रदर्शित करती है, उनके द्बारा प्रदत्त आंकड़े समाहित करें।
5. सकारात्मक लेखन के लिए किताबें पढ़ें - किताबें जीवन की सबसे अच्छी मित्र होती है। लेखन जितना सकारात्मक होगा उतना ही मोहक होगा। सकारात्मक विचारों को आत्मसात करने का सबसे अच्छा माध्यम है अच्छे एवं सुप्रसिद्ध लेखकों द्बारा लिखित किताबें पढ़ना। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एवं नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी आदि द्बारा सृजित किताबों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
कवि, लेखक एवं कॉमनवेल्थ
लेखन पुरस्कार विजेता
लॉकडाउन में विद्यार्थी बढ़ाएं अपनी लेखन क्षमता
उमेश पंसारी
लॉक डाउन के दूसरे दौर में विद्यार्थी वर्ग भी जीवन को कैद में महसूस कर रहे हैं। या फिर मोबाइल मे गेम खेलकर समय व्यतीत कर रहे हैं। सकारात्मक नजरिये से देखा जाए तो यह अपने हुनर को पहचानने और निखारने का अवसर है।विशेषकर विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है कि वे इन दिनों अपनी लेखन क्षमता में वृद्धि कर सकते हैं। अब जबकि लॉक डाउन 2.0 चल रहा है तब छात्रों के लिए सुनहरा मौका है।
लेखन मानव को प्राप्त एक ऐसा कौशल है जिसके बल पर अनेक कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा हो या कोई प्रतियोगिता, सभी में लेखन का कौशल महत्तवपूर्ण होता है। आज के समय में युवा वर्ग की कविता लेखन, लेख, निबंध एवं कहानी लेखन में रुचि बढ़ रही है, किंतु अक्सर उनकी रचनाओं में देखा जाता है, कि रचनाओं में वर्तनी की अशुद्धियां रचना के प्रभाव को कम कर देती है। इस सृजनात्मकता के प्रभाव में वृद्धि के कुछ तरीके इस प्रकार हैं जिन्हें मैं भी अपनाया करता हूं।
1. शब्दकोष को बढ़ाने का प्रयास करें - हमारी रचना निबंध हो, कोई लेख अथवा कविता। इनमें शब्दकोष की महत्तवपूर्ण भूमिका होती है। उचित अर्थ प्रकट करने के लिए जितना उत्तम शब्द हम प्रयुक्त करेंगे, रचना उतनी ही प्रभावशील होगी।
2. साहित्यिक भाषा का प्रयोग करें - आम तौर पर हिन्दी भाषा जितनी बोल-चाल में उपयोग की जाती है, वह लेखन में प्रयुक्त करना अनुचित एवं प्रभावहीन है। प्रयास करें कि हिन्दी अथवा अंगेजी में लिखते समय साहित्यिक शब्दों का उपयोग करें।
3. विचारों की स्पष्टता - लेखन प्रत्येक विधा में किसी न किसी विषय पर आधारित होता है। प्रयास करें कि अपने विषय से संबंधित बातों का ही समावेश उसमें किया जाए।
4. प्रमाणित तथ्यों का समावेश करें - अपनी कृति में विषय के अंतर्गत आंकड़े एवं प्रमाणित तथ्यों का समावेश करने का प्रयास करें। सरकार के कई विभाग जैसे जनसंपर्क, मंत्रालय अथवा प्रमुख संस्थाएं जो विश्वव्यापी आंकड़े प्रदर्शित करती है, उनके द्बारा प्रदत्त आंकड़े समाहित करें।
5. सकारात्मक लेखन के लिए किताबें पढ़ें - किताबें जीवन की सबसे अच्छी मित्र होती है। लेखन जितना सकारात्मक होगा उतना ही मोहक होगा। सकारात्मक विचारों को आत्मसात करने का सबसे अच्छा माध्यम है अच्छे एवं सुप्रसिद्ध लेखकों द्बारा लिखित किताबें पढ़ना। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एवं नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी आदि द्बारा सृजित किताबों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
उमेश पंसारी , सीहोर
कवि, लेखक एवं कॉमनवेल्थ लेखन पुरस्कार विजेता


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