राजेश शर्मा 

ताश के खेल मे ट्रंप कार्ड का अपना महत्व है और जब ट्रंप का इक्का हाथ मे हो तो बांछे खिलना स्वभाविक है। लेकिन संसार मे इस समय जो कोरोना Vs अमेरिका का खेल चल रहा है उसमे सुपर पावर अमेरिका लगातार मात खाता जा रहा है और उसका इक्का "ट्रंप" फेल नज़र आ रहा है। मौत के आंकड़ों ने अमेरिका को "बेचारा" बनाकर रख दिया। विश्व का "दाता" देश, मात खाता नज़र आ रहा है। बोलती बंद है। जुबां खुली भी तो भारत से दवाइयों की गुहार लगाने। हिंदी फिल्म के गीत की यह पंक्तियां युरोपीय देशों के लिए भी मोजू साबित हो रही हैं कि
 "वक्त की पाबंद हैं आती-जाती रौनकें, कौन जाने किस घड़ी वक्त का बदले मिजाज---वक्त का बदले मिजाज....."
वक्त के बदले मिजाज से अमेरिका में कोरोना के प्रकोप से त्राहि-त्राहि मची हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नए अनुमानों के अनुसार, देश में मौत का आंकड़ा 60 हजार से नीचे रह सकता है। हालांकि इससे कभी खुशी नहीं हो सकती… पहले यह अनुमान लगाया गया था कि कोरोना के चलते अमेरिका में दो लाख लोग मौत के मुंह में जा सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अदृश्य दुश्मन से ठप पड़ी अमेरिकी अर्थव्यवस्था को दोबारा खोलने का जब भी फैसला लिया जाएगा तो वह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा निर्णय होगा।

महामारी के चलते 33 करोड़ की आबादी वाले अमेरिका में जनजीवन पूरी तरह ठहर गया है।
97 फीसद आबादी घरों में कैद हैं। कारोबार ठप पड़ा है। हवाई यातायात में 96 फीसद की कमी दर्ज की गई है। करीब 1.7 करोड़ लोग बेरोजगार हो गए। 66 लाख अमेरिकियों ने बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदन किए हैं। पटरी से उतर रही अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मसले पर ट्रंप ने कहा है कि मैं एक फैसला लेने जा रहा हूं और मैं ईश्वर से यही उम्मीद करता हूं कि यह सही फैसला हो, लेकिन मैं बगैर किसी सवाल के कहना चाहूंगा कि यह मेरी जिंदगी का अब तक का सबसे बड़ा फैसला होगा। ट्रंप ने हालांकि अपने फैसले के एलान के लिए कोई तारीख नहीं बताई।

कोरोना से जूझ रहे अमेरिका में संक्रमित लोगों का आंकड़ा पांच लाख के पार पहुंच चुका है। अब तक पांच लाख 21 हजार से ज्यादा लोगों का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 2,181 लोगों की मौत हुई है। दुनिया में कोरोना से एक दिन में मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके साथ ही इस महामारी से मरने वालों की संख्या इटली से भी ज्यादा हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में अब तक कुल 20,057 कोरोना पीड़ितों की मौत हो चुकी है। जबकि इटली में अब तक 19,468 लोगों की मौत हुई है।

उधर अमेरिका में कोरोना महामारी का केंद्र बने न्यूयॉर्क राज्य में ही एक लाख 70 हजार से ज्यादा मामले हैं। इस राज्य में अब तक 7,800 से ज्यादा पीड़ितों की जान जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में ही यहां 783 लोगों की मौत हुई है। जबकि पड़ोसी राज्य न्यूजर्सी में दो हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं और 54 हजार से अधिक संक्रमित हैं। ट्रंप ने कहा कि महामारी के केंद्र न्यूयॉर्क के अस्पतालों में भर्ती होने वाले नए मरीजों की संख्या में कमी आ रही है।
लेकिन कमी कितनी तेजी से आ रही यह बताना उचित नहीं समझा गया। अमेरिका के सामने कोरोना ने वह चुनौती पेश की जिससे उसके "सुपर पावर" का खिताब खतरे मे बताया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक़ अमेरिका के उभरने की गति पर अब सबकुछ निर्भर हो चला है वरना "चीन" तो दरवाज़ा खटखटा ही रहा है। कुनेन की कड़वाहट भेजकर भारत ने अमेरिका सहित कई देशों से संबंध मीठे बना लिए हैं जिससे भारत भी इस खिताबी मुकाबले के सेमीफाइनल मे पहुंचा बताया जा रहा है। 
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