कोरोना संक्रमण को लेकर ग्रामीण जागरूक, गांवों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध,रविवार को ग्रामीणों ने किए चार गांव सील



इछावर, एमपी मीडिया पाइंट 

कोरोना वायरस को लेकर जिस तरह पूरा देश प्रदेश अलर्ट और लॉकडाउन पर है। लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है। जिसका व्यापक असर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। लोग अपनी जागरूकता का परिचय भी दे रहे है। एक-एक कर गांवों के सील होने के समाचार मिल रहे हैं। रविवार को जागरुक ग्रामीणों 4 गांव सील किए।
इछावर ब्लॉक के  ग्राम पंचायत मोलगा, बिशनखेड़ी में बाहरी व्यक्तियों को गांव में नहीं घुसने दिया जा रहा है। इछावर तहसील के दर्जनों गांव ऐसे हैं जहां बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतःनिषेध है। 
इसी कड़ी मे अब ग्राम पांगरा खाती व मोगराराम को ग्रामीणों ने पूरी तरह सील कर दिया इसके पूर्व आज मोलगा और बिशनखेड़ी मे भी प्रवेश निषेध किया गया था। बकायदा ग्रामीणों द्वारा गश्त भी की जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि जिस तेजी से यह घातक कोरोना वायरस फैल रहा है, इसके चलते गांव में बैरीकेट,एवं रोड पर लिखकर गांव को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। कोरोना वायरस को लेकर गांव को सील करने वाला यह पहला गांव नहीं इछावर ब्लॉक के कई गांव में बाहरी व्यक्ति प्रवेश करना वर्जित हो गया है।
ग्राम समस्त समिति ग्राम व ग्राम पंचायत सरपंच ने बताया कि गांव के प्रवेश द्वार पर गांव के व्यक्ति को तैनात किया गया है। किसी भी सूरत में कोई भी जाना-पहचाना या अनजान व्यक्ति गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। जिससे हमारा गांव इस महामारी की बीमारी के प्रकोप से बचा जा सके। 
इसके पूर्व ग्राम भाऊँखेड़ी मे सपीलों पर काला आइल पोतकर ग्रामीणों ने सार्वजनिक रुप से बैठ गपशप लड़ाने वालों का किस्सा ही खत्म कर दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि

"कोरोना" को नहीं देना,
गांव मे एक भी "कोना"

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