आष्टा जनप्रतिनिधि का  छलावा...

दिनेश शर्मा , आष्टा                                        एमपी मीडिया पाइंट

 शहर में सेवा समिति द्वारा संचालित सामाजिक रसोई, को देखने आए जिलाध्यक्ष की 25 क्विंटल गेहूं की घोषणा, लेकिन यह घोषणा सिर्फ़ मुखाग्र ही रह गयी।और सेवा समिति अपनेआप को जनप्रतिनिधि से छला हुआ महसूस करने लगी।

संक्रमणसे बचने के लिए लॉक डाउन पीरियड के चलते आष्टा शहर में भी अनेकों समाजसेवी अपने -अपने तरीके से मजबूर लोगों की सेवा कर रहे हैं।
किन्तु आज भी जनप्रतिनिधि सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए झूठी घोषणाओं का जो तरीका अपना रहे है वह बहुत ही पीड़ादायक महसूस हो रहा है।
कुछ इसी तरह का वाक्या पिछले 10 दिन पूर्व मानस भवन में सेवा समिति जोकि पूरी तरह से भाजपा समर्थित लोगो द्वारा सामाजिक रसोई के रूप में संचालित हो रही है ।उसका अवलोकन करने आये सत्तापक्ष  के  एवं मुख्यमंत्री के ग्रह जिले के जिलाध्यक्ष रवि मालवीय ने रसोई की व्यवस्थाओं से पूरी तरह से सन्तुष्ट होकर तुरन्त 25 क्विंटल गेहूं की व्यवस्था तुरन्त कराने की घोषणा कर डाली, ओर 3 दिवस में उपलब्ध हो जाएगा ऐसा विश्वास भी दिलाया।किन्तु एक सप्ताह से अधिक समय हो जाने पर भी नेताजी की घोषणा वाला गेंहू उपलब्ध नहीं हो सका है। इस वजह से अब संस्था अपने-आप को ठगा सा महसूस कर रही है ।इतना ही नहीं पिछले दिनों क्षेत्र के सांसद भी इस रसोई का निरीक्षण करने आये थे ।किंतु  वह भी यूं आये और चले गए,  किन्तु रसोई की आवश्यकता के नाम पर वह भी मौन रहे ।ऐसे में शासन प्रशासन से किसी भी प्रकार का सहयोग इस सेवा समिति को नही मिल रहा है लेकिन फिर भी  जन सहयोग से रोजाना लगभग 800 पैकेट भोजन के शहर के हर कोने में जाकर जरूरतमंद परिवारों, लोगो को यह सेवा समिति वितरित कर रही है ।

यह सारी व्यथा आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान संचालको ने कही। 
विदित रहे आष्टा शहर में जिस प्रकार हिन्दू समाज के लोग समाज के स्वैच्छिक दान से इस सामाजिक रसोई का संचालन कर रहे है ।ठीक उसी प्रकार ओर भी लोग है जो इस समय लॉक डाउन के चलते  दीनहीन,बेसहारा, जरूरत मन्द लोगो की सूखी खाद्य सामग्री वितरण कर अपनी सेवा दे रहे है ।तो कुछ लोग शहर में घूम रहे मूक मवेशियों को घास, चारा खिला कर पूण्य अर्जित कर रहे है ।पर हैरत वाली बात यह है कि शहर में चल रही सामाजिक रसोई व अन्य व्यवस्थाओ में शासन, प्रशासन का जरा भी सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है ।
कुछ युवाओं ने तो सेनेटाइज करने वाली मशीन का स्व निर्माण कर दिया है ।जिससे लोग संक्रमण मुक्त रह सके । वही कुछ लोग टेंकर से पूरे शहर को सेनेटाइज कर रहे है ।स्व प्रेरणा से सेवा कर रहे सभी लोग आज साधुवाद के पात्र है ।जबकि शासन प्रशासन सेवाओ का उपयोग तो कर रहा है पर सहयोग के नाम पर मौन साधे हुए है ।

 बाइट-

     सेवा समिति प्रमुख राकेश सुराणा, आष्टा
       सेवा समिति प्रमुख व हिंदू उत्सव समिति                  अध्यक्ष रुपेश राठौर, आष्टा
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