संबोधन में जिन रियायतों की उम्मीद थी उनका कोई उल्लेख नहीं
नई दिल्ली, 14 अप्रैल 2020
एमपी मीडिया पाइंट
15 अप्रेल को आएगी नई गाइड लाइन,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के चलते आज देश को चौथी बार संबोधित किया। इस मौके पर देश के नागरिकों के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे सभी योद्धाओं के प्रति आभार प्रकट किया। लेकिन जिन बिंदुओं पर उनसे चर्चा की उम्मीद की जा रही थी। उन पर प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा। यातायात, दवाओं की सप्लाई, मजदूरों के जीवन यापन, उद्योगों को शुरू करना, आर्थिक पैकेज की घोषणा आदि नहीं होने से बहुत लोग निराश हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की लड़ाई कोरोना के खिलाफ मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आपके त्याग और तपस्या से इसे टालने में सफल रहा है। दिक्कते आई है, खाने की, आने जाने की परेशानियां आई हैं। एक अनुशासित सिपाही की तरह सभी अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। हम भारत के नागरिक हैं यह संविधान की शक्ति है। बाबा साहब का व्यक्तित्व हमें प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों पर चलने की बात भी कही। यह समय उत्सवो का मौका है... संपूर्ण भारत उत्सवों को मनाने में आगे रहता है और उसमें खिलखिलाता रहता है। लेकिन लॉक डाउन के दौरान उत्सव भी सादगी से मनाये जाने की प्रशंसा की।
अन्य देशों के मुकाबले हमने संक्रमण को रोकने के जो प्रयास किए हैं उसके आप सब साक्षी रहे हैं। भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार न करते हुए उसे रोकने का प्रयास किया। समय पर फैसले नही लेने पर भारत की स्थिति ज्यादा गंभीर होती। जो रास्ता हमने चुना है वह सही है। इसका लाभ देश को मिल रहा है। आर्थिक नजरिये से पिछड़े जरूर हैं लेकिन जीवन से ज्यादा कीमत नही है। कोरोना के फेलने की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। आगे लड़ाई कैसे बढे, नुकसान कम से कम हो, इस पर विचार किया है। सभी का सुझाव है लॉक डाउन बढ़ाया जाए। भारत में लॉक डाउन तीन मई तक बढ़ाया जायेगा। अनुशासन का वैसा ही पालन करें जैसा अभी तक करते आ रहे हैं। तभी नये क्षेत्रों में कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है। सतर्कता बरतना ही कोरोना को हराने में कामयाबी का हथियार है। तीस अप्रेल तक हर जगह की निगरानी की जाएगी। इस परीक्षा में सफल होंगे वहाँ पर कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकेगी। नियम टूटने की स्थिति में अनुमति वापस ले ली जाएगी। लापरवाही से बचने का अनुरोध भी किया। रोज कमाने और खाने वालों को ध्यान में रखकर छूट दी जाएगी। किसानो की दिक्कत का जिक्र किया। टेस्टिंग लेब की संख्या बढ़ायी गई है। एक लाख से ज्यादा बेड की व्यवस्था कर चुके हैं। सीमित संसाधनों हैं लेकिन मानव कल्याण के लिए वैज्ञानिक और युवा आगे आये।
उन्होंने सात बातों पर ध्यान देने का आग्रह किया।
1- अपने घर के बुजुर्ग का ध्यान रखें।
2- लॉक डाउन में लक्षमण रेखा का पालन करे।
3-अपनी इमुनिटी बढ़ाने के लिए आयुष विभाग के निर्देश मानें।
4- आरोग्य सेतु एप डाउन लोड करें।
5- गरीब परिवार की देख रेख करें।
6- किसी को नौकरी से न निकाले।
7-कोरोना योद्धाओ का सम्मान करें।



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