भोपाल, 14 मई 2020
एमपी मीडिया पाइंट
भारत के साथ-साथ विश्व में कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी के बुरे परिणाम लगातार देखने को मिल रहे हैं। इसकी जागरूकता को लेकर फरवरी 2020 से बुंदेलखंड क्षेत्र के लगभग 8 जिलों में कड़ाके की ठंड और गर्मी बरसात के बीच समाजसेवी संतोष गंगेले "कर्मयोगी" जन जागरण अभियान चला रहे हैं लोगों को इस बीमारी से बचने और बचाने के लिए भारत सरकार और प्रदेश सरकार जिला प्रशासन द्वारा पारित आदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने उद्बोधन में कोरोना वायरस महामारी बीमारी बचाने में सेवा देने वाले डॉक्टर, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी,प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी, सफाई कामगार एवं प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, वेब मीडिया से जुड़े पत्रकार साथियों के मनोबल बढ़ाने के लिए उनका पुष्पमाला पूर्व वर्षा कर मनोबल बढ़ाने सम्मान करने के लिए आवाहन किया जिसको लेकर के लगातार छतरपुर,टीकमगढ़, निवाड़ी, झांसी,ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा सहित विभिन्न जिलों में प्रतिदिन 500 से ₹1000 निजी धन खर्च करके मोटरसाइकिल से कोरोना वायरस योद्धाओं का कर्मवीरों का स्वागत सम्मान अभिनंदन-वंदन करने में लगे हुए हैं।उनके इस सामाजिक कार्य से संपूर्ण जिले के प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी, पत्रकार हर्षित दिखाई दे रहे हैं।
देशभक्ति से ओतप्रोत और समाज को दिशा देने में लगे लोगों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर संतोष गंगेले कर्मयोगी लगातार मानवता व कर्तव्यों का निर्माण करने में लगे हुए हैं ऐसे कर्मयोगी समाजसेवी संतोष गंगेले को आप गूगल सर्च इंजन में देख पढ़ सकते हैं उनके बारे में शून्य से शिखर की यात्रा का ब्लॉग में कर सकते हैं यदि आप देश प्रेम में आस्था रखते हैं उनके सामाजिक कार्यों को अवलोकन करने के बाद में उन्हें प्रोत्साहित करने मैं पीछे ना रहे l
बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्म योगी के जीवन के बारे में संक्षिप्त जानकारी यहां देना उचित होगी कि वह छोटे से ग्राम वीरपुरा तहसील नौगांव जिला छतरपुर मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं किसान मजदूर परिवार में जन्म लेने के बाद अनेक संघर्षों के बाद शिक्षा ग्रहण करने, परिवार का दायित्व निभाते हुए उन्होंने वर्ष 1980 से पत्रकारिता एवं लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाई। समय-समय पर सामाजिक सकारात्मक संस्कारों के साथ कार्य करते रहे लेकिन अचानक ईश्वरी प्रेरणा के कारण उन्होंने अपना व्यवसाय अपने बेटे को सौंपकर भारतीय संस्कृति संस्कारो और नैतिक शिक्षा की अलख जगाने को लेकर वर्ष 2007 से मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में समाजसेवा करने को लेकर एक लम्बी यात्रा की जा रही है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना,दमोह, सागर, दतिया , ग्वालियर शिवपुरी ,गुना, विदिशा, उत्तरप्रदेश के महोबा, झाँसी, ललितपुर, हमीरपुर, बाँदा के आसपास ग्रामीण क़स्बा और शहरों में शिक्षा , स्वास्थ्य ,स्वच्छता , समरसता ,समाज , बेटी बचाओ , दहेज़ के कलंक को मिटाओ , दुर्घटनाओं को रोकने जैसे विभिन्न विषय और समस्याओं को लेकर निःस्वार्थ भाव से समाज और देश सेवा करने के लिए संतोष गंगेले कर्मयोगी ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र को चुना जिस पर वह अपने जीवन के लक्ष्य और कर्तव्य के साथ कार्य करते आ रहे है। उन्होंने अपने जीवन में प्रत्येक बर्ष दो से तीन लाख रुपया अपनी आमदनी का समाज हित में खर्च कर समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में अपनी पहचान कर्मयोगी के रूप में बनाई ,बल्कि लाखों छात्र / छात्रो में देश प्रेम को लेकर भारतीय संस्कृति संस्कारो और नैतिक शिक्षा की अलख जगाने का कार्य किया। उनके द्वारा हजारों गांव में पहुंचकर पुरानी कुर्तियां रीति रिवाज समाप्त कर सामाजिक समरसता मैं आमजन को जोड़ा दुर्घटनाएं रोकने नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से सैकड़ों लोगों का नशा छुड़वाया पुनर्विवाह विधवा विवाह को महत्त्व दिया उनके ऐसे सामाजिक कार्य समूचे क्षेत्र में जन-जन में प्रिय हैं l
इस सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने को लेकर उनका स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक सैकड़ो सामाजिक समरसता और सम्मानों से सम्मानित भी किया जा चूका है।
नई दिल्ली , मध्य प्रदेश , उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा भिवानी ,में अनेकों बार राष्ट्रीय संगोष्ठियों , राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर पत्रकार सम्मेलनों में भाग लिया। 2 सितंबर 2018 को पंडित बालमुकुंद उपाध्याय की स्मृति में राष्ट्रीय आदर्श युवा समिति एवं आदर्श संस्कार शाला का सेमिनार मथुरा में हुआ जिसमें बुंदेलखंड के अग्रणी समाजसेवी संतोष गंगेले "कर्मयोगी" को आदर्श "शिक्षा रत्न"की उपाधि से अलंकृत किया गया।
ततपश्चात एनआरबी फाउंडेशन एवं भव्या इंटरनेशनल अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन विविधता में एकता राष्ट्रीय सम्मान 2020 जयपुर में आयोजित किया गया इस आयोजन में राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया l
भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले,केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार खटीक एवं कैबिनेट मंत्री सुश्री उमा भारती,भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यालय के प्रभारी सचिव डॉ राकेश मिश्रा,अनेक विधायक,पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी एवं भारत के राष्ट्रीय पत्रकारों के कर कमलों से "कर्मयोगी" को सम्मानित किया गया।
पत्रकार संतोष गंगेले समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार अपनी सेवा दे रहे हैं l जिससे उन्हें समूचे बुंदेलखंड में सभी राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, उच्चाधिकारी,गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार प्रेरणा ले रहे हैं।
संतोष गंगेले का कहना है कि समाजसेवक के रुप मे मेरा सफर बदस्तूर जारी रहेगा। मैं चाहता हूं की भावी पीढ़ी भी इसका अनुसरण करे।
एमपी मीडिया पाइंट
भारत के साथ-साथ विश्व में कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी के बुरे परिणाम लगातार देखने को मिल रहे हैं। इसकी जागरूकता को लेकर फरवरी 2020 से बुंदेलखंड क्षेत्र के लगभग 8 जिलों में कड़ाके की ठंड और गर्मी बरसात के बीच समाजसेवी संतोष गंगेले "कर्मयोगी" जन जागरण अभियान चला रहे हैं लोगों को इस बीमारी से बचने और बचाने के लिए भारत सरकार और प्रदेश सरकार जिला प्रशासन द्वारा पारित आदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने उद्बोधन में कोरोना वायरस महामारी बीमारी बचाने में सेवा देने वाले डॉक्टर, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी,प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी, सफाई कामगार एवं प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, वेब मीडिया से जुड़े पत्रकार साथियों के मनोबल बढ़ाने के लिए उनका पुष्पमाला पूर्व वर्षा कर मनोबल बढ़ाने सम्मान करने के लिए आवाहन किया जिसको लेकर के लगातार छतरपुर,टीकमगढ़, निवाड़ी, झांसी,ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा सहित विभिन्न जिलों में प्रतिदिन 500 से ₹1000 निजी धन खर्च करके मोटरसाइकिल से कोरोना वायरस योद्धाओं का कर्मवीरों का स्वागत सम्मान अभिनंदन-वंदन करने में लगे हुए हैं।उनके इस सामाजिक कार्य से संपूर्ण जिले के प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी, पत्रकार हर्षित दिखाई दे रहे हैं।
देशभक्ति से ओतप्रोत और समाज को दिशा देने में लगे लोगों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर संतोष गंगेले कर्मयोगी लगातार मानवता व कर्तव्यों का निर्माण करने में लगे हुए हैं ऐसे कर्मयोगी समाजसेवी संतोष गंगेले को आप गूगल सर्च इंजन में देख पढ़ सकते हैं उनके बारे में शून्य से शिखर की यात्रा का ब्लॉग में कर सकते हैं यदि आप देश प्रेम में आस्था रखते हैं उनके सामाजिक कार्यों को अवलोकन करने के बाद में उन्हें प्रोत्साहित करने मैं पीछे ना रहे l
बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्म योगी के जीवन के बारे में संक्षिप्त जानकारी यहां देना उचित होगी कि वह छोटे से ग्राम वीरपुरा तहसील नौगांव जिला छतरपुर मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं किसान मजदूर परिवार में जन्म लेने के बाद अनेक संघर्षों के बाद शिक्षा ग्रहण करने, परिवार का दायित्व निभाते हुए उन्होंने वर्ष 1980 से पत्रकारिता एवं लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाई। समय-समय पर सामाजिक सकारात्मक संस्कारों के साथ कार्य करते रहे लेकिन अचानक ईश्वरी प्रेरणा के कारण उन्होंने अपना व्यवसाय अपने बेटे को सौंपकर भारतीय संस्कृति संस्कारो और नैतिक शिक्षा की अलख जगाने को लेकर वर्ष 2007 से मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में समाजसेवा करने को लेकर एक लम्बी यात्रा की जा रही है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना,दमोह, सागर, दतिया , ग्वालियर शिवपुरी ,गुना, विदिशा, उत्तरप्रदेश के महोबा, झाँसी, ललितपुर, हमीरपुर, बाँदा के आसपास ग्रामीण क़स्बा और शहरों में शिक्षा , स्वास्थ्य ,स्वच्छता , समरसता ,समाज , बेटी बचाओ , दहेज़ के कलंक को मिटाओ , दुर्घटनाओं को रोकने जैसे विभिन्न विषय और समस्याओं को लेकर निःस्वार्थ भाव से समाज और देश सेवा करने के लिए संतोष गंगेले कर्मयोगी ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र को चुना जिस पर वह अपने जीवन के लक्ष्य और कर्तव्य के साथ कार्य करते आ रहे है। उन्होंने अपने जीवन में प्रत्येक बर्ष दो से तीन लाख रुपया अपनी आमदनी का समाज हित में खर्च कर समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में अपनी पहचान कर्मयोगी के रूप में बनाई ,बल्कि लाखों छात्र / छात्रो में देश प्रेम को लेकर भारतीय संस्कृति संस्कारो और नैतिक शिक्षा की अलख जगाने का कार्य किया। उनके द्वारा हजारों गांव में पहुंचकर पुरानी कुर्तियां रीति रिवाज समाप्त कर सामाजिक समरसता मैं आमजन को जोड़ा दुर्घटनाएं रोकने नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से सैकड़ों लोगों का नशा छुड़वाया पुनर्विवाह विधवा विवाह को महत्त्व दिया उनके ऐसे सामाजिक कार्य समूचे क्षेत्र में जन-जन में प्रिय हैं l
इस सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने को लेकर उनका स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक सैकड़ो सामाजिक समरसता और सम्मानों से सम्मानित भी किया जा चूका है।
नई दिल्ली , मध्य प्रदेश , उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा भिवानी ,में अनेकों बार राष्ट्रीय संगोष्ठियों , राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर पत्रकार सम्मेलनों में भाग लिया। 2 सितंबर 2018 को पंडित बालमुकुंद उपाध्याय की स्मृति में राष्ट्रीय आदर्श युवा समिति एवं आदर्श संस्कार शाला का सेमिनार मथुरा में हुआ जिसमें बुंदेलखंड के अग्रणी समाजसेवी संतोष गंगेले "कर्मयोगी" को आदर्श "शिक्षा रत्न"की उपाधि से अलंकृत किया गया।
ततपश्चात एनआरबी फाउंडेशन एवं भव्या इंटरनेशनल अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन विविधता में एकता राष्ट्रीय सम्मान 2020 जयपुर में आयोजित किया गया इस आयोजन में राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया l
भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले,केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार खटीक एवं कैबिनेट मंत्री सुश्री उमा भारती,भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यालय के प्रभारी सचिव डॉ राकेश मिश्रा,अनेक विधायक,पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी एवं भारत के राष्ट्रीय पत्रकारों के कर कमलों से "कर्मयोगी" को सम्मानित किया गया।
पत्रकार संतोष गंगेले समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार अपनी सेवा दे रहे हैं l जिससे उन्हें समूचे बुंदेलखंड में सभी राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, उच्चाधिकारी,गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार प्रेरणा ले रहे हैं।
संतोष गंगेले का कहना है कि समाजसेवक के रुप मे मेरा सफर बदस्तूर जारी रहेगा। मैं चाहता हूं की भावी पीढ़ी भी इसका अनुसरण करे।


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