राजेश शर्मा
जिला मुख्यालय सीहोर मे पुराने इंदौर -भोपाल हाईवे किनारे स्थित ऑल सेंट्स चर्च एशिया का दूसरा सबसे सुंदर चर्च है, जो क्रिसमस को लेकर जगमगा जाता है। फिलहाल क्रिसमस कोई प्रसंग नहीं है।183 साल पुराने इस चर्च के निर्माण में लगभग 27 साल लगे थे।ऑलसेंट्स चर्च का निर्माण सन् 1834 में अंग्रेजी सन्दर्भ हुकमत के पहले पॉलिटिकल एजेंट जेडब्ल्यू ओसवान ने अपने भाई की यादगार में बनवाया था। यह चर्च भोपाल रियासत का पहला चर्च था। इसके आसपास का मैदान चर्च ग्राउंड कहलाता है।
बताया जाता है कि अंग्रेज अधिकारी यहां प्रार्थना करने के लिए आते थे। सीवन नदी के किनारे बने इस चर्च में पहली बार 1860 में प्रार्थना की गई थी। तभी से यहां मसीही परिवार प्रार्थना करते आ रहे हैं यह चर्च स्कॉटलैंड में बने चर्च को देखकर बनवाया गया था। इस तरह चर्च अब स्कॉटलैंड में होना बताया जाता है। इस चर्च के आसपास बांसों के झुरमुट लगाए गए ताकि उसी तरह वातावरण मिल सके। चर्च की दीवारें लाल पत्थर से बनाई गई हैं। नक्काशी भी उसी तरह की गई जिस तरह की स्कॉटलैंड चर्च में की गई, बताते हैं कि सन् 1818 में भोपाल रियासत अंग्रेजी हुकूमत के कब्जे में आ गई और करीब छह साल बाद अंग्रेजी हुकूमत ने यहां सैनिक छावनी बनाई। इसके बाद 1834 में पहले पॉलीटिकल एजेंट के रूप में जेडब्ल्यू ओसवान को सीहोर आया ओर प्रकृति के प्रेमी ओसवान ने चर्च और
और उसके आसपास के इलाके को सुंदर और हरा भरा बनाया। यह चर्च भोपाल रियासत का पहला चर्च था। इसलिए इस चर्च में भोपाल और उसके आसपास रहने वाले अंग्रेज अधिकारी, अक्सर प्रार्थना के लिए आते थे। यह चर्च आस्था का प्रतीक होकर आज देश मे चर्चित है।


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