लेखिका 

ज़माने भर के किस्से 
वो कितनी शिद्दत से सुनाती है 
वही तो ऐसी सखी है 
जो हर लम्हा बस मुस्कुराती है 
उसकी बातों के लच्छे यूँ उलझते हैं 
सुबह से शाम तक बस,वही तो सुलझाती है 
ज़रा भी आँसू का क़तरा तैर जाए आँखों में 
गया आँखों में तिनका है मुस्कुरा कर ये बताती है 
नख से शिख तक जो उसको सुंदरता ने घेरा है
उसकी हर इक अदा एक राग सी गुनगुनाती है 
हूँ रोशन पड़ौसी,रिश्तों और मित्रों से 
हर इक सम्बन्ध वो बड़े दिल से निभाती है 
कौन है वो ज़रा,पूछोगे अगरचे तुम 
वो हंसी है, शोख़ है ,चंचल है, चतुर चित्तचोर है पगली !!
अपना नाम बड़ी बेबाक़ी से बस ज़िन्दगी बताती है 

शालिनी श्रीवास्तव "शैली"             राजस्थान

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परिचय

शालिनी श्रीवास्तव कोटा (राजस्थान) की निवासी हैं। उच्च शिक्षित और विभिन्न विधाओं से लगाव रखती हैं। साहित्य सेवा में भी आप कई विधाओं में लिखती हैं के और संगीत में भी पारंगत हैं। आपकी टाइम मैनेजमेंट, प्रैक्टिकल मैनेजमेंट, तुम्हारे लिए (काव्य), प्रार्थनाएं संकलन,इंसाफ़ क़ुदरत का (उपन्यास),काव्य एक समीक्षा, काव्य सृजन आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।  आप  साप्ताहिक समाचार पत्र  हिलव्यू समाचार की मुख्य संपादक भी हैं। सामाजिक कार्यों में भी आपकी सक्रिय सहभागिता रहती है। एमपी मीडिया पॉइंट पर आपका स्वागत है।
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