लेखिका
कोरोना हार जाएगा, अटल विश्वास चाहिए।
अकेले लड रहे हैं, अब सभी का साथ चाहिए।
है ये ऐसी महामारी, जिसने विश्व को जकड़ा।
भारत भी चपेट में है, हालांकि कम है आंकड़ा।
ये अब और भी कम होगा, ऐसा इतिहास चाहिए।
हमें अब जीना ही होगा, नये माहौल में ढलकर।
जिंदगी पटरी पर आये, लाकडाउन से उबर कर।
चल पडीं कश्तियां इनको, सुरक्षा खास चाहिए।
वैक्सिन भी नहीं है और, औषधि भी नहीं कोई।
प्लाज्मा थैरेपी और कई, तरीकों से आस न खोई।
करो सोशल डिसटेंसिंग, पर न प्रवास चाहिए।
बढाओ प्रतिरोधक क्षमता, ताजा खाना लो हरदम।
जिओ टेंशन फ्री होके, शरीर में जब तक है दम।
जिंदगी जीने से पहले, न मौत की आस चाहिए।
सावधानी सुरक्षा है, सुरक्षित ही रखो खुदको।
जो कर्मवीर योद्धा है, मिलकर मान दो सबको।
हाथों पर सेनेटाइजर और मुंह पर मास्क चाहिए।
यूं ही डर कर, दुबक कर, तो जीवन चला नहीं करता।
अवसादों से घिरकर, तो कोई लड नहीं सकता।
उतरने को मैदां में, हौसला खास चाहिए।
श्री सत्य साईं महिला महाविद्यालय, भोपाल में प्रोफेसर हैं। साथ ही :आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन, की अध्यक्ष भी हैं।
अंग्रेजी शिक्षण की तेरह पुस्तकें, शोध से संबंधित तीन एवं पुस्तकालय विज्ञान पर तीन पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। हाल ही में बौद्धिक संपदा अधिकार पर भी एक पुस्तक का प्रकाशन हुआ है। मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित कक्षा आठवीं, नौवीं एवं दसवीं की अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक एवं अभ्यास पुस्तिका में भी सहलेखिका रही हैं । हिंदी में 31 साझा काव्यसंग्रह एवं तीन एकल काव्य संग्रह अब तक प्रकाशित हो चुके हैं। पचास से अधिक शोध पत्रों का विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशन हो चुका है। आप कई साहित्यिक पत्रिकाओं का संपादन भी कर चुकी हैं। साथ ही साथ एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं और एंकरिंग, नृत्य व गाने में विशेष रूचि है। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।
संपादक
कोरोना हार जाएगा
कोरोना हार जाएगा, अटल विश्वास चाहिए।
अकेले लड रहे हैं, अब सभी का साथ चाहिए।
है ये ऐसी महामारी, जिसने विश्व को जकड़ा।
भारत भी चपेट में है, हालांकि कम है आंकड़ा।
ये अब और भी कम होगा, ऐसा इतिहास चाहिए।
हमें अब जीना ही होगा, नये माहौल में ढलकर।
जिंदगी पटरी पर आये, लाकडाउन से उबर कर।
चल पडीं कश्तियां इनको, सुरक्षा खास चाहिए।
वैक्सिन भी नहीं है और, औषधि भी नहीं कोई।
प्लाज्मा थैरेपी और कई, तरीकों से आस न खोई।
करो सोशल डिसटेंसिंग, पर न प्रवास चाहिए।
बढाओ प्रतिरोधक क्षमता, ताजा खाना लो हरदम।
जिओ टेंशन फ्री होके, शरीर में जब तक है दम।
जिंदगी जीने से पहले, न मौत की आस चाहिए।
सावधानी सुरक्षा है, सुरक्षित ही रखो खुदको।
जो कर्मवीर योद्धा है, मिलकर मान दो सबको।
हाथों पर सेनेटाइजर और मुंह पर मास्क चाहिए।
यूं ही डर कर, दुबक कर, तो जीवन चला नहीं करता।
अवसादों से घिरकर, तो कोई लड नहीं सकता।
उतरने को मैदां में, हौसला खास चाहिए।
डॉ मीनू पाण्डेय नयन, भोपाल
--------------------------परिचय
डाॅ मीनू पाण्डेय नयन भोपाल निवासी हैं।श्री सत्य साईं महिला महाविद्यालय, भोपाल में प्रोफेसर हैं। साथ ही :आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन, की अध्यक्ष भी हैं।
अंग्रेजी शिक्षण की तेरह पुस्तकें, शोध से संबंधित तीन एवं पुस्तकालय विज्ञान पर तीन पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। हाल ही में बौद्धिक संपदा अधिकार पर भी एक पुस्तक का प्रकाशन हुआ है। मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित कक्षा आठवीं, नौवीं एवं दसवीं की अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक एवं अभ्यास पुस्तिका में भी सहलेखिका रही हैं । हिंदी में 31 साझा काव्यसंग्रह एवं तीन एकल काव्य संग्रह अब तक प्रकाशित हो चुके हैं। पचास से अधिक शोध पत्रों का विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशन हो चुका है। आप कई साहित्यिक पत्रिकाओं का संपादन भी कर चुकी हैं। साथ ही साथ एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं और एंकरिंग, नृत्य व गाने में विशेष रूचि है। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।
संपादक


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