वन विभाग की कारगुजारी,-रेंजर स्वयं आगे रहकर मजदूरों का हक मारकर  जेसीबी से करवा रहे है काम, 
बड़े गोलमाल की आशंका!
 शासन के आदेश की उड़ा रहे है धज्जियां ।

दिनेश शर्मा, आष्टा
एमपी मीडिया पाइंट 

शासन के सख्त आदेश होने के बाद भी आष्टा वन विभाग के रेंजर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पौधे लगाने के किये हजारो गड्ढे मजदूरों से खुदवाने के बजाय  स्वयं आगे रहकर जेसीबी मशीन से बैखोफ़ होकर खुदवा रहे है ।जबकि हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सिद्दीकगंज क्षेत्र के ग्राम धुराडा कला के सरपंच से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समझते हुए स्प्ष्ट कहा था कि सभी विभाग श्रमिको से होने वाले कार्य श्रमिको से ही करवाएं।

किन्तु एक सप्ताह भी नहीं हुआ और मुख्यमंत्री के ग्रह जिले में ही आष्टा वन विभाग के रेंजर प्रदेश के मुखिया की मंशा पर पानी फेर रहे है , ओर आदेश का मजाक उड़ाते हुए मजदूरों से होने वाला कार्य जेसीबी मशीन से करवा रहे है । इस तरह से मनमानी करने के पीछे भी बड़े भरस्टाचार की बू आ रही है ।वैसे भी हर वर्ष हजारो पौधे वन विभाग रोपित करता तो है पर लापरवाही ओर अनदेखी के चलते लाखो रुपयो के पौधे सुख कर मर जाते है ।और फिर नया साल की नई प्लानिग में पुनः वही खेल शुरू हो जाता है ।इसमें भी भरस्टाचार न होता हो  यह कहना बड़ा मुश्किल है ।

अपनी कारगुजारियों ओर स्वार्थगत नीतियों के कारण आये दिन सुर्खियों में रहने वाला स्थानीय वन विभाग  एक बार फिर अधिकारी की लालची प्रवर्ती ओर मनमानी की वजह से  वरिष्ठ अधिकारियों की विश्वशनियता पर सवाल खड़े करते हुए भ्रष्टाचार का केंद्र बिंदु बन गया है, 
जानकारी अनुसार , पिछले दिनों स्थानीय वन विभाग सहित जिले के वन अधिकारियों की रजामंदी से आष्टा में अनेको आरामशीन बगेर पंजीयन के चल रही थी या जिनके  नाम पंजीयन या रजिस्ट्रेशन था, उन्हें स्वर्गवासी  हुए वर्षो बीत गए । ओर मशीन बिंदास संचालित हो रही थी , ओर विभाग के अधिकारियों को इस गोलमाल की जानकारी न हो  ऐसा भी नही था, पर अनजान बने रहे, ओर  खेल का जब  खुलासा हुआ ,तो वह विभाग की इस कारगुजारी ने मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी किन्तु किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई , इससे भी पता चलता है कि  जब सारे कुए में भांग घुली हो तो फिर दोषियों पर कार्यवाही कौन करे ?
ओर अब फिर से वन विभाग के आष्टा रेंजर  शासन की मंशा को धत्ता बताते हुए मजदूरों से कराया जाने वाला कार्य बैखोफ़  होकर जेसीबी मशीन से करवा रहे है ।

आपको बता दे कि हर वर्ष लाखो रुपयो के  हजारो पौधे वन विभाग बारिश के समय हजारो गड्ढे करवा कर रोपता है , किन्तु देख रेख के अभाव में लगभग पौधे मर कर समाप्त हो जाते है  यहां यह शंका भी होना जायज दिखाई देती है कि पूरे अनुविभाग में वास्तविकता में कितने पौधे कागजो में आते है और धरातल पर कितने रोपित होते है   यह आंकड़ा भी शायद मेल न खाता हो ।और अब इसके ऊपर यह कि पौधों को लगाने के लिए होने वाले गड्ढे भी मशीनों से कराए जा रहे है । कही यह भी तो फर्जी मस्टर भर कर लाखो कमाने का खेल तो नही है?
आज सारी शंका की सुइयां वन विभाग के अधिकारियों की विश्वसनीयता पर जाकर चुभ रही है । शासन की मंशा ओर हुए आदेश का खुला मखोल उड़ाने वाले  हो रहे इस कार्य के बारे में जब आष्टा रेंजर सुभाष शर्मा से जानने का प्रयास किया तो उन्होंने जो कहा वह बहुत ही बचकाना जवाब होकर हास्यस्पद रहा ।
सुभाष शर्मा का कहना है कि मजदूरों ने मजदूरी करने से मना कर दिया ।डिपो जहाँ गड्ढे किये जा रहे है वहाँ नरम काली मट्टी को पथरीली  व पहाड़ो वाली बात कर    जेसीबी चला कर रेंजर अपनी मनमानी कर रहे है ।
पर इस फर्जीवाड़े की जानकारी जिला वन विभाग को न हो यह भी सम्भव नही है ।कयोकि 
परत दर परत फर्जीवाड़े हो रहे है और किसी के भी खिलाफ कार्यवाही न होना  इस शंका की पुष्टि करते है ।
जिला वन विभाग के एस डी ओ राजेश शर्मा से जब दूरभाष पर इस मामले को समझना  चाहा तो उन्होंने जरूर स्वीकार किया कि जो हो रहा है वह सरासर गलत है , मजदूरों से की कार्य करवाना चाहिए ।अगर जेसीबी मशीन से गड्ढे खुदवाये जा रहे है तो में रेंजर से जानकारी लेता हूं , ओर वास्तविकता पता कर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी ।
इस मामले को ओर अधिक समझने के लिए जब जिला फारेस्ट अधिकारी को मोबाइल लगा कर सम्पर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन अटेन्ड ही नही किया ।
अबकी बार देखने वाली बात होगी कि दोषियों के विरुद्ध विभाग के आला अफसर क्या कार्यवाही करते है, या इस बार भी यह फर्जीवाड़ा बड़े रूप में भरस्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।

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