सीहोर में 108 एंबुलेंस के कॉल सेंटर में आई खराबी, नहीं लग रहा फोन मरीज हो रहे है परेशान  साथ ही आर्थिक मार भी झेल रहे है  मरीज के परिजन । मजबूरी वश प्रायवेट वाहनों का उपयोग कर रहे है मरीज ओर उनके परिजन।

दिनेश शर्मा, आष्टा
एमपी मीडिया पाइंट 

प्रदेश में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा के सीहोर जिला स्थित
कॉल सेंटर में आई तकनीकी खराबी का सामना जिले के कई मरीजों को करना पड़ रहा है । बताया जा रहा है यह समस्या विगत 3 से 4 दिनों से आ रही है ।
 108 पर कॉल करने पर काफी देर तक कोल व्यस्त आ रहा है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीहोर की आष्टा, जावर की आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवा वाहनों  ने भी 24 घंटो में कोई केस नही लिया है।
 एमरजेंसी 108 पर कॉल नही लगने से जिले के मरीजों को इस सेवा का लाभ नही मिल पा रहा है । जिससे 108 वाहनों में आने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट आई है ।
वही यही हालत जननी एक्सप्रेस के भी बने हुए है गर्भवती महिलाओं को भी इस सेवा का लाभ नही मिल पा रहा है इस मामले पर जब आष्टा अस्पताल में गर्भवती महिला के साथ आये परिजन से बात हुई तो उन्होंने बताया कि काफी देर से 108 जननी के कॉल सेंटर पर अस्पताल के द्वार पर खड़े होकर फोन  कर रहे है लेकिन 108 का कॉल सेंटर व्यस्त बता रहा है ।
वही गर्भवती महिला के परिजन ने यह भी बताया कि जिस दिन डिलेवरी के लिये लेकर आ रहे थे उस दिन भी बड़ी मुश्किल से काफी देर बाद फोन लगा था ।

जिले में 15 इमरजेंसी वाहन,  108, सेवा केओर जननी एक्सप्रेस वाहन 13 वाहन है
प्राप्त जानकारी के सम्पूर्ण सीहोर जिले 15 इमरजेंसी 108 वाहन है वही 13 जननी एमरजेंसी 108 वाहन है जो आपातकाल स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सेवा देती है ।
लेकिन कुछ दिनों से इमरजेंसी 108 के कॉल सेंटर पर कॉल नही लगने से मरीजों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।108 पर कॉल नही लगने से मरीजों को समय पर इलाज नही मिल पा रहा है वही दूसरी और निजी खर्च कर वाहन से अस्पताल पहुंच रहे है जिससे मरीजों के जेब पर भी लोकडाउन में असर पड़ रहा है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 
आष्टा में 1आपातकालीन 108,2 जननी 108,जावर में 1 आपातकालनी 108 और 1 जननी 108 है ,इछावर में 1 आपातकाल 108 और 1 जननी 108, बुधनी में 1 आपातकाल 108 और 1 जननी 108, नसरुल्लागंज में 1 आपतकाल 108,1 जननी 108, श्यामपुर में 1 आपतकाल 108 और 1 जननी 108 ,अमला में 1 आपतकाल 108 और 1 जननी 108 , बिलकिसगंज में 1 आपतकाल 108, सिद्धिगंज में एक 108 आपातकाल,सीहोर में 3 आपातकालीन 108 और 2 जननी 108 ,रेहटी में एक आपातकालीन 108 और एक जननी 108 ,अहमदपुर में एक आपातकालीन शाहगंज में एक आपातकालीन 108 वाहन है कुल जिले में 15 इमरजेंसी 108 वाहन और 13 जननी इमरजेंसी 108 वाहन है ।
लिहाजा 108 के कॉल सेंटर ठप्प हो जाने से मरीजो पर खासा असर पड़ रहा है ।

कोई परेशानी नही है लग रहा कोल*
वही इस मामले में जब सीहोर 108 इमरजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कॉल ना लगने की इस तरह की कोई भी परेशानी से साफ इंकार कर दिया । 
पर आष्टा अस्पताल में पिछले 3, 4 दिनों से इन सेवाओं के लिए जिस तरह मरीज परेशान हो रहे है  उसको देख ऐसा लगता है कि अस्पताल परिसर में अस्पताल कर्मचारियों ने जिस तरह से एम्बुलेंस बना कर व जननी एक्सप्रेस बना करजो प्रायवेट सेवाएं देकर भारी मुनाफा कमा रही है वह एक सोची समझी व्यवस्था है , जो अस्पताल प्रबंधन ।की छत्रछाया में फल फूल रहे है ।आपको यह यह बताना भी अब लाजमी हो जाता है कि इन दिनों अस्पताल परिसर में प्रयवेट वाहन अगर मरीजो से भारी लूट खसोट कर रहे है ,तो महिला चिकित्सक भी प्रसूताओं से प्रसूति के नाम पर भारी वसूली कर रही है , यह भी किसी से छुपा नही है कि सामान्य प्रसूति को भी महिला चिकित्सक अपने लालच के चक्कर मे ऑपरेशन करवाने जे लिए मरीजो को मजबूर कर रही है ।
लोक डाउन पीरियड के समय मे भी अस्पताल की महिला चिकित्सक अपनी प्रयवेट किलिनीक चलाने से बाज नही आई ।इन्होंने अपने स्वार्थ के चलते खुलेआम शोशल डिस्टेंसिग का मखोल उड़ाया  कमाई का जरिया बना लिया है ।
इस कारण सभी जिममेदार अपनी जवाबदेही से हमेशा बचते नजर आते है ।और इस मामले में भी यही सब कुछ दिखाई दे रहा है ।
Share To:

Post A Comment: