परिणीता की वेदना..... 

 ओ पिया दुनिया वाले क्या कहेंगे 
कितने अरमान आँखों में सजाकर , 
मैं तुम्हारे साथ परिणय बंधन में बँधी , 
पर ये क्या ?
 कोरोना रुपी सौतन ने
 ख्वाबों की सेज को
 सजने से पहले ही बिखेर दिया । 
ओ पिया लोग क्या कहेंगे ? 
कितने सपने आँखों में सजाकर , 
मैं तुम्हारे घर आई
 पर ये क्या ? 
मुझे तो तोहफे में 
कई दिनों की विरह वेदना मिल गई । 
ओ पिया परिवार वाले क्या कहेंगे ? 
नई बहू ने मनहूसियत के कदम
 घर में रखे और हमारी जान भी जोखिम में डाल दी । 
ओ पिया कब ये विरह की बेला खत्म होगी ? कब हमारे नव - जीवन की शुरुआत होगी ? कब हमारा मधुर मिलन होगा ?

 अर्चना 'आर्ची ' जकार्ता , इंडोनेशिया

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