परिणीता की वेदना.....
ओ पिया दुनिया वाले क्या कहेंगेकितने अरमान आँखों में सजाकर ,
मैं तुम्हारे साथ परिणय बंधन में बँधी ,
पर ये क्या ?
कोरोना रुपी सौतन ने
ख्वाबों की सेज को
सजने से पहले ही बिखेर दिया ।
ओ पिया लोग क्या कहेंगे ?
कितने सपने आँखों में सजाकर ,
मैं तुम्हारे घर आई
पर ये क्या ?
मुझे तो तोहफे में
कई दिनों की विरह वेदना मिल गई ।
ओ पिया परिवार वाले क्या कहेंगे ?
नई बहू ने मनहूसियत के कदम
घर में रखे और हमारी जान भी जोखिम में डाल दी ।
ओ पिया कब ये विरह की बेला खत्म होगी ? कब हमारे नव - जीवन की शुरुआत होगी ? कब हमारा मधुर मिलन होगा ?


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