इछावर,सीहोर, आष्टा में छाईं टिड्डियां, फसलें चौपट कर हवा के साथ उड़ान भरती गईं...
शिवराजसिंह राजपूत,इछावर
एमपी मीडिया पाइंट 

इछावर में सोमवार दोपहर टिड्डियों ने हमला कर दिया। लाखों की संख्या में टिड्डियां भाऊखेड़ी से लेकर छापरीतालुक और इछावर इलाके तक छा गईं। यहां की काॅलोनियों में टिड्डियों के हमले से दहशत फैल गई। यहां काॅलोनियों के घरों में भी टिड्डियां घुस गईं।


बताया जा रहा टिड्डी दल सीहोर तरफ से होते हुए इछावर ब्लॉक में घुसा। फिर सीहोर तरफ निकल गया।
सोमवार दोपहर प्रशासन को इछावर में इनके होने की ग्रामीणों जानो को  सूचना मिली। सूचना मिलते ही लोग टिड्डियों कोरोकने के इंतजाम से अपने अपने खेतों पर पहुचे और थाली बजाकर चिलाचोट कर जगह जगह से टिड्डियों को भगाया।
टिड्डियों को देखते ही ग्रामीणों ने प्रशासन की अवगत कराया लेकिन प्रशासन ने टिड्डी दल से निपटने के लिए सभी तक कोई इंतजाम नही किया गया हैं। आज इछावर ब्लॉक के कई किसान टिड्डी दल के कारण अंधेरे तक खेतो में बैठे रहें है। वही टिड्डी दल के हमले में इछावर ब्लॉक के करीबन आदा दर्जन गांवों में मूंग और सब्जियां चौपट कीं
इछावर झालकी यहां अचानक आसमान पर टिड्डियां दिखाई देने लगीं।खेतों में किसान, परिवार समेत हाथों में थाली, खाली पीपे लेकर पहुंचे और बजाने लगे। इसके बाद टिड्‌डी दल क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में फैल गया और मूंग के साथ सब्जियों को निशाना बनाया।
गांव में पहुंचीं टिड्डियां खेतों पर मंडराने लगीं। इसके बाद मूंग के खेतों में बैठकर फसल को चौपट करने लगीं। यहां पर भिंडी,गिलकी और अन्य सब्जियों को भीचट कर दिया। पहले तीन बार और टिड्‌डी दल का हमला नसरुल्लागंज और आष्टा क्षेत्र में हो चुका है। आखिरी हमला एक सप्ताह पूर्व हुआ था।
गुलाबी रंग की है ये टिड्डी। सोमवार को इछावर में फसल चौपट करने के बाद आष्टा की और घुसी है। इनका दूसरा दल जिला मुख्यालय सीहोर पहुंचा जहां फसलों को चोपट करने के पश्चात गल्ला मंडी के नजदीक पीपल के वृक्षों पर विश्राम किया।

किसानों ने कहा- मूंग और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
इछावर के किसान विकास तिवारी ने बताया कि टिड्डियों ने मूंग की फसल को चौपट कर दिया। खेतों में जहां देखो टिड्डियां ही दिखाई दे रही थीं। इछावर निवासी आशीष  तिवारी ने बताया कि टिड्डियों ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। पांच मिनट मे करीब 50 हजार रुपये की फसल चट कर गईं। ग्राम झालकी निवासी देवनारायण जलोदिया का कहना है कि फसलों को बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव किया गया। उन्होंने बताया कि इन टिड्डियों को भगाने के लिए हम थालियां बजाते हुए खेतों पर पहुंचे। इस मामले में  बुजुर्ग लोगो का कहना है कि 90 के दशक में इस तरह का टिड्‌डी दल आया था। और उसने कई जगह नुकसान किया था। उसके बाद ऐसा हमला पहली बार हुआ है।
जानकारी अनुसार  इछावर,आष्टा एवं सीहोर ब्लाक के अनेक ग्रामों मे टिड्डी दल ने हमला बोला जिससे नुकसान का फिलहाल कोई पुष्टिकृत आंकड़ा नहीं आ पाया है।
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