वन विभाग ने फिर ली खैर की खेरियत,
खैर व सागौन की लकड़ी लेकर जा रहे ट्रक,पिकअप को वन विभाग ने किया जब्त
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
इछावर वन विभाग के अधिकारियों ने
शुक्रवार रात को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से लकड़ी जप्त की है।
जानकारी अनुसार अवैध तौर पर ले जाई जा रही खैर एवं सागौन की लकड़ी को जब्त किया है।
पहली कार्यवाई तो विभाग ने तहसील क्षेत्र के सोयत से 10 से 12 किलोमीटर दूर ग्राम नादान और बोरदीकला के बीच रोड पर की है। और इस कार्यवाई में ट्रक सहित 11 लाख की खेर की लकड़ी जब्त की गई और ट्रक चालक भंवरलाल एवं क्लीनर रवि को गिरफ्तार किया है।
वहीं दूसरी कार्रवाई तहसील मुख्यालय इछावर से 8 किलोमीटर की दूरी पर झालकी में की गई जहां पिकअप सहित चार लाख की सागौन जप्त की गई। वही पिकअप चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
उक्त कार्रवाई रेंजर राजकुमार शिवहरे के निर्देशानुसार में की गई। विभाग के अधिकारियों के अनुसार खैर की लकड़ी कीमती होने के साथ-साथ क्षेत्र से विलुप्त होती जा रही है। जिसका अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई की गई।
ज्ञातव्य हो कि खैर की लकड़ी को बेहद मजबूत माना जाता है जो नमी के दौरान भी अपनी विशिष्ठ पहचान रखती है। वही सागौन इमारती लकड़ी कहलाती है जो कभी सैकड़ों वर्ष गुजरने के उपरांत भी कभी पुरानी नहीं होती__इसी वजह के चलते वन माफियाओं की नजर इछावर क्षेत्र पर है क्योंकि इछावर क्षेत्र मे अब भी सागौन और खैर के वृक्षों का अस्तित्व बरकरार है।
खैर व सागौन की लकड़ी लेकर जा रहे ट्रक,पिकअप को वन विभाग ने किया जब्त
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
इछावर वन विभाग के अधिकारियों ने
शुक्रवार रात को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से लकड़ी जप्त की है।
जानकारी अनुसार अवैध तौर पर ले जाई जा रही खैर एवं सागौन की लकड़ी को जब्त किया है।
पहली कार्यवाई तो विभाग ने तहसील क्षेत्र के सोयत से 10 से 12 किलोमीटर दूर ग्राम नादान और बोरदीकला के बीच रोड पर की है। और इस कार्यवाई में ट्रक सहित 11 लाख की खेर की लकड़ी जब्त की गई और ट्रक चालक भंवरलाल एवं क्लीनर रवि को गिरफ्तार किया है।
वहीं दूसरी कार्रवाई तहसील मुख्यालय इछावर से 8 किलोमीटर की दूरी पर झालकी में की गई जहां पिकअप सहित चार लाख की सागौन जप्त की गई। वही पिकअप चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
उक्त कार्रवाई रेंजर राजकुमार शिवहरे के निर्देशानुसार में की गई। विभाग के अधिकारियों के अनुसार खैर की लकड़ी कीमती होने के साथ-साथ क्षेत्र से विलुप्त होती जा रही है। जिसका अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई की गई।
ज्ञातव्य हो कि खैर की लकड़ी को बेहद मजबूत माना जाता है जो नमी के दौरान भी अपनी विशिष्ठ पहचान रखती है। वही सागौन इमारती लकड़ी कहलाती है जो कभी सैकड़ों वर्ष गुजरने के उपरांत भी कभी पुरानी नहीं होती__इसी वजह के चलते वन माफियाओं की नजर इछावर क्षेत्र पर है क्योंकि इछावर क्षेत्र मे अब भी सागौन और खैर के वृक्षों का अस्तित्व बरकरार है।


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