माइनिंग निरीक्षक का टोल कर्मचारियों के साथ हुआ विवाद
जानकारी अनुसार मामला इस प्रकार है की इछावर से लगभग 8 किलोमीटर दूर सीहोर-कोसमी हाईवे है जिसपर बोरदीकला टोल नाका मौजूद है जहां कार्रवाई करते समय दो डंपरो को जब्त किय गया था तभी टोल नाके पर टोल कर्मचारियों ने डंपर को रोका और टोल देने को कहा लेकिन माइनिंग निरीक्षक संतोष सुर्यवंशी ने डंपर निकलने का कहा तभी टोल कर्मचारी ने जब्ती के कागज दिखाने को कहा जिस पर कागज नहीं दिखाने की बात को लेकर विवाद हुआ और माइनिंग अधिकारी संतोष सूर्यवंशी का टोल कर्मचारियों को अपनी कार में बिठाकर इछावर थाने ले आए और फिर भी विवाद चलता रहा।
गौरतलब है कि जब भी माइनिंग वाले रेत के अवैध डंफरो को पकड़ते है तो अक्सर टोल कर्मियों से टोल टेक्स को लेकर उनका विवाद हो जाता है।
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
रेत माफियाओं से माइनिंग विभाग का तालमेल किस कदर का है इसको उजागर करता एक वीडियो इछावर से वायरल हुआ जिसमें रेत से भरे डम्परों को बिना टोल टेक्स चुकाए निकलने का दबाव विभाग के अधिकारी द्वारा डाला जाने के बाद टोलकर्मी और माइनिंग आफिसर के बीच खासी हुज्जत हो गई और मामला इछावर थाना प्रांगण तक पहुंच गया। जब्त किए वाहनों से टोल टेक्स वसूली हमेशा विवाद का विषय रही है। यह अलग बात है कि कौन सही, कौन गलत!!बतादें कि माइनिंग टीम के निरीक्षक संतोषसुर्यवंशी और टोल कर्मचारियों के बीच हुआ विवाद सोशल मीडिया पर हो वायरल हो रहा है।
गौरतलब है कि जब भी माइनिंग वाले रेत के अवैध डंफरो को पकड़ते है तो अक्सर टोल कर्मियों से टोल टेक्स को लेकर उनका विवाद हो जाता है।


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