शिवमय सावन
**************आया सावन शिव गुण गाऊँ
हे औढ़र दानी तुझे रिझाऊँ
बेलपत्र मैं तुझे चढ़ाऊँ
बस पूजा में लिप्त हो जाऊं।
हे भगवन नश्वर संसार
पार करा दो नैया पार
कभी ना आये कुत्सित विचार
सदा करें हम सदव्यवहार।
स्वस्थ हो तन-मन और यह जीवन
करूण पूकार अब सुन लें भगवन
आप हैं औढ़रदानी पतितपावन
स्वीकार करें प्रभु आप जलार्पण।


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