लेखक
सिर पर साजे ताज़ हिमाला
चरण पखारे सागर मतवाला
दाएँ असीम बरखा की पूँजी
बाएँ पठार, मरूभूमि विशाला
सभ्यता भी थी यहाँ ही उपजी
वास करे थे देव और देवबाला
भारत भूमि पावन बहुत है
भूमि उगले कनक प्रबाला
खेत-खलिहान सजे धजे हैँ
भानु वारे भरपूर उजाला
खनिज भंडार भरे-पुरे हैँ
संस्कृति का है वैभव निराला
भरत की वीर गाथा गजब है
संस्कार पाते बाल औ बाला
राम आदर्श, सीता पतिवृता
रास-रचैया नंद का लाला
भगतसिंह सा लाल जन्मा
आज़ाद सा देशभक्त मतवाला
गाँधी सुभाष ने बेड़ियाँ तोड़ी
झाँसी रानी थी शौर्य बाला
भारती है हम सब की माता
वेदों की भूमि पुराणों की शाला
गर्व है हम हैँ वासी यहाँ के
विभिन्न बोली, प्रांतों की माला
माँ का शीश ना झुकने देंगे
हमने आज वचन दे डाला
तन मन भारत पर न्यौछावर
साँस साँस पे नाम लिख डाला
गौरव शर्मा, गाजियाबाद
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सिर पर साजे ताज़ हिमाला
चरण पखारे सागर मतवाला
दाएँ असीम बरखा की पूँजी
बाएँ पठार, मरूभूमि विशाला
सभ्यता भी थी यहाँ ही उपजी
वास करे थे देव और देवबाला
भारत भूमि पावन बहुत है
भूमि उगले कनक प्रबाला
खेत-खलिहान सजे धजे हैँ
भानु वारे भरपूर उजाला
खनिज भंडार भरे-पुरे हैँ
संस्कृति का है वैभव निराला
भरत की वीर गाथा गजब है
संस्कार पाते बाल औ बाला
राम आदर्श, सीता पतिवृता
रास-रचैया नंद का लाला
भगतसिंह सा लाल जन्मा
आज़ाद सा देशभक्त मतवाला
गाँधी सुभाष ने बेड़ियाँ तोड़ी
झाँसी रानी थी शौर्य बाला
भारती है हम सब की माता
वेदों की भूमि पुराणों की शाला
गर्व है हम हैँ वासी यहाँ के
विभिन्न बोली, प्रांतों की माला
माँ का शीश ना झुकने देंगे
हमने आज वचन दे डाला
तन मन भारत पर न्यौछावर
साँस साँस पे नाम लिख डाला
गौरव शर्मा, गाजियाबाद
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