कृषि मंत्री का आष्टा दौरा स्तानीय नेताओं ओर कार्यकर्ताओ में ही सिमट कर रह गया । किसान सीधे संवाद कर अपनी व्यथा नही कह पाये । शोशल डिस्टेंसिंग की खूब उड़ी धज्जियां , 2 मीटर की दूरी रखने का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा पूरे समय खुला मखोल उड़ाती रही ।
आष्टा,दिनेशशर्मा
एमपी मीडिया पाइंट
कृषि मंत्री कमल पटेल के आष्टा दौरे को स्थानीय ब्लाक भाजपा ने इस तरह से मंत्री को घेरा की मंत्री जी के तीनों कार्यक्रम अव्यवस्थाओं के शिकार हो गये,
पूरे समय स्थानीय नेताओं ने उड़ायी शोशल डिस्टेंसिंग की खुली धज्जियां,
लाचार दिखाई दिए किसान,
पूरे समय मंत्री जी घिरे रहे स्थानीय नेताओं से,
कांग्रेस ने जरूर किसानों की समस्याओं को लेकर मंत्री को रोक कर दिया ज्ञापन,
कहा- शत-प्रतिशत क्षेत्र के किसानों को फसल नुकसानी का मुआवजा मिले,
कर्ज की माफी हो और बिजली विभाग द्वारा हिटलरशाही अंदाज में की जा रही किसानों से वसूली तत्काल बन्द की जाए,
अगर मांगे पूरी नहीं होती तो हम चरण बद्द आंदोलन करेंगे , ओर हाइवे सहित सड़कें कर देंगे जाम...
गुरुवार को प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल भोपाल से सिंगाजी (खंडवा) जाते समय ग्राम कोठरी रुके जहाँ स्थानीय कार्यकर्ताओं ओर नेताओ ने कृषि मंत्री का स्वागत किया । ओर किसानों की व्यथा जानने का प्रयास भी किया । किन्तु किसानों की फसल की नुकसानी ओर किसानों का हाल जानने रुके कमल पटेल को तीनों कार्यकर्मो में स्थानीय नेताओं ने ही घेर रखा ।
अपने ज्ञापन ने गावो में लाचार ओर फसल में कसानी की मार झेल रहे किसानों से बिजली विभाग जिस तरह से ट्रेक्टर, मोटरसाइकिल या अन्य उपकरणों की कुर्की कर बिजली बिल की राशि वसूल रहा है वह बन्द की जावे । इतना ही नही बैंक भी किसानों से अपने कर्ज सख्ती से वसूली कर रहा है । जैसी मांगो से मंत्री पटेल को अवगत कराया ।और किसानों के साथ हो रही ज्यादती को लेकर सरकार को किसान हितेषी नही बल्कि पूरी तरह से किसान विरोधी सरकार बताया । इतना ही नही कांगेसी नेताओ ने प्रदेश के मुखिया को मनहूस तक बता दिया । स्थानीय कांग्रेस ने एक ज्ञापन राज्यपाल के नाम तहसील कार्यालय में भी दिया ।
इसके बाद खाचरोद में भी किसानों से रूबरू होने के लिए रुके कृषि मंत्री यहां भी किसानों की समस्याओं से ज्यादा वाकिफ नही हो पाए।
इस तरह मंत्री पटेल का यह आष्टा का दौरा किसानों की समस्याओं को सुनने , किसानों से मिलने का न होकर महज स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का मिलन समोराह बन कर रहा गया । ओर किसानो से सवांद के इस कृषि मंत्री के दौरे में जगह जगह आयोजित हुए कार्यकर्मो में कई किसान सवाद से वंचित रह मायूस हो घर लौट गए ।
स्थानीय कार्यकर्ता और स्वयंभू नेताओ ने जिस तरह से मंत्री कमल पटेल को भारी संख्या में घेरे रखा , इस नजारे को देख आश्चर्य हुआ कि कोरोना महामारी के बचाव के नियमो ओर तरीको के पालन की हर समय दुहाई देने वाली भाजपा खुले रूप में सारे नियम कायदों की धज्जियां किस तरह उड़ा रही है । और स्थानीय प्रशासन भी मूक दर्शक बना देखता रहा । ओर लॉक डाउन के नियम कायदे तार तार होते रहे ।
शोशल डिस्टेंसिंग का जब खुले रूप में मखोल उड़ रहा था ओर पूरे समय स्थानीय नेता, ओर कार्यकर्ता सिर्फ और सिर्फ मंत्री जी के साथ सेल्फी ओर फोटो सेशन कर रहे थे , ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मंत्री जी की सुरक्षा का भी ख्याल नही रखा गया । बगेर मास्क लगाए लोगो का हुजूम कृषि मंत्री के इर्द गिर्द पूरे समय रहा ।
ओर पुलिस प्रशासन यह सारा तमाशा चुपचाप देखता रहा
यही कारण रहा कि अनेको किसान कांग्रेस नेताओं के साथ हो कांग्रेस पार्टी द्वारा दिये जा रहे ज्ञापन के समय शामिल हुए
इसी उम्मीद के साथ कि सरकार के मंत्री जी से तो हम सीधे नही मिल पा रहे है ऐसे में कांग्रेस पार्टी हमारी लाचारी ओर व्यथा को समझ रही है , ओर हमारी ज्वलन्त मांगो को लेकर पुरजोर प्रयास भी कर रही है ।


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