लेखक 
..................ॐ.................
रिश्तों का त्यौहार है, ...राखी।
बहन  का  प्यार   है, ...राखी।
भाई का अधिकार है,...राखी।
धागों  का त्यौहार  है,...राखी।
संस्कृति का प्रचार है,...राखी।
रिश्तों की  मर्यादा है,... राखी।
रिश्तों  की सज्जा है,... राखी।
कलाई  का सृंगार है,... राखी।
वक्त पर जिम्मेदार है,...राखी।
भाई बहन की शान है,..राखी।
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शैलेश प्रजापति शैल....

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परिचय

शैलेश प्रजापति शैल, ग्राम - छोटी केशोपुर, 
पोस्ट - जमालपुर, जिला - मुंगेर, बिहार के रहने वाले हैं। हिंदी ग़ज़ल,मुक्तक, कविता, कहानी, छंद आदि के सृजन की साहित्यिक रुचि है। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में आपकी रचनाओं का प्रकाशन होता रहा है। आप को विभिन्न साहित्यिक मंचों से साहित्य सेवा के लिए सम्मानित किया जा चुका है। आप ज्योतिर्गमय अंजुमन नामक साहित्य संस्था का संचालन भी करते हैं। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर हार्दिक स्वागत है। 
संपादक
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