लेखिका 


जगमग दीप जलाओ..... फिर से... 

त्रेता युग में 14 वर्ष  का वनवास 
कलयुग  में 500 वर्ष का वनवास 
जब हो गया था रावण का संहार 
फिर किसने यूं ललकारा था
रामजन्म भूमि अयोध्या  है
इस बात को क्यों नकारा था
जात-पात की बात नहीं
यह न्याय  की बात  है,
जो जिसका है स्थान 
वही मिलेगा उसको मान
जय श्रीराम , जय श्रीराम 
लौट आया कौशल्या का लाल
बन 'रावणो' का फिर से काल
जय श्रीराम ,जय श्रीराम 
जगमग  दीप जलाओं फिर से 
घर-घर दीपोत्सव मनाओं फिर से 
जय श्रीराम,  जय श्रीराम ।

   बसंती सामंत, खटीमा, उधमसिंह नगर, उत्तराखंड

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