लेखक
सुबह-सुबह ये टी वी वाले भी न ऐसे-ऐसे गीत चलाते हैं कि पूछिए मत। वैसे हिंदुस्तान के लोग इतने जागरूक हैं कि अगर इनको टी वी के लोग न बताएं कि अब स्वतन्त्रता दिवस आ रहा है, तो ये गणतन्त्र दिवस ही मना लें । वाकई कुछ लोग तो ताली,थाली और टॉर्च जलाने में इतने व्यस्त थे कि बेचारे जन्माष्टमी के साथ गणतन्त्र दिवस की बधाई दे बैठे। कुछ लिखे -पढे लोगों ने इस घटना को हँसी का पात्र बना लिया । भाई मुझे तो ये व्यवहार बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। मगर क्या करें.... आदत से मजबूर हैं। हमें तो दूसरे की टांग खींचने में मजा आता है।
माजरा अगर यहाँ ही रुकता तो भी ठीक था, मगर अपने देश में तो सत्ता के कानून और कोरोना कानून भी धर्म देखकर लागू होते हैं । लोग शोर मचा रहे थे की ईद के रोज कोरोना हो सकता है इसलिए छूट नहीं मिलेगी। लेकिन रक्षा बंधन के रोज .....दुकान भी खुली रह सकती हैं और बहिने बसों में फ्री भी घूम सकती हैं ....कोरोना से डरने की क्या जरूरत है भाई , खुल के त्योहार मनाओ, अब तो अपना भारत हिन्दू देश है । संविधान से सेक्युलर शब्द हटाने के लिए तो कह ही दिया गया है । याचिका भी लगी हुई है और जज ......हा हा हा । वो क्या राज्य सभा की मलाई नहीं खाना चाहते ? भाई , हम तो मानते हैं कि इस आपदा काल में हर एक को फ़ायदा उठाना चाहिए ...यही तो अवसर है।
अब बताओ कि शिक्षा की जरूरत क्या है भक्ति करने में ? भगवान तो इस दुनिया के कण-कण में व्याप्त है। वे तो हर प्राणी की आवाज सुनते हैं और तो और गूंगे के मन की बात भी । मंदिर बने , पूजा हो तो हर एक का जीवन सुधर जाय। वैसे तो देश में पैसे की कमी है । मगर साहब रेल मंत्रालय भी भक्तों की संख्या को देखते हुए श्री राम मंदिर जैसा भव्य रेलवे स्टेशन स्टेशन बना रहा है ताकि किसी को कोई असुविधा न हो । भक्तों की सेवा में भी मेवा है । ये कोई प्रवासी मजदूर थोड़े हैं जिन्हें सड़कों पर और पटरियों में मरने को छोड़ दिया जाय । भाई भक्तों में तो विशेष भगवान का वास होता है....जो मजदूरों में नहीं पाया जाता।
साला चीन की बाढ़ का अपने सारे चैनलों को पता है । वैसे चीन की ख़बर लाना बहुत मुश्किल होता है । पर साहब , अपने देश की बाढ़ के दर्शन और उस पर बहस नहीं होती देखी , अलबत्ता चीन की बाढ़ पर तो स्पेशल पैनल बुलाया गया । चीन पर ईश्वर की मार ....बाढ़ से हाहाकार । चीन मरेगा डूबकर । चालबाज़ चीन कुदरत के शिकंजे में । हत्यारे चीन को जल समाधि । बाप रे ! ये तो शुक्र है कि उनकी सृष्टि को किसी और ब्रह्मा ने बनाया है , नहीं तो सब शर्म से ही डूब मरते । चीनी तो भगवान को मानते नहीं है , नहीं तो उनके यहाँ भी अपने टी वी छा जाते और उन्हें भी भारतीय चैनल बंद करने पड़ते , जैसे हमने चीनी एप्स पर सर्जिकल स्ट्राइक की । बेचारों की बदनसीबी देखिये कि हमारे ईश्वर ने उन्हें ये मौका भी नहीं दिया ।
वैसे राजनीति और व्यवसाय में कोई पराया नहीं होता । चीन से राखी नहीं मंगवाई...पूरे चार हजार करोड़ का उसका नुकसान किया । भाई देशभक्ति का परिचय दिया । लेकिन आगे ख़बर ये भी आई कि चीन के बैंक से 4500 करोड़ का लोन लिया । हा हा हा ....व्यापार में कोई दुश्मन नहीं होता । हाँ, सरकार ने ये अच्छा किया की सस्ते चीनी टी वी पर रोक लगा दी । कम से कम अब गरीब आदमी चैन से सो सकेगा । जिसकी जेब में पैसा होगा वो ही टी वी खरीदेगा और बीमारी मोल लेगा । आम आदमी का भला हो या न हो पर व्यापारियों की चांदी हो गई । पट्ठों ने तुरंत रेट बढ़ा दिये । अब कालाबाजारी तो बिजनेस का हिस्सा है, और व्यापारी अगर ईमानदारी करेगा तो खाएगा क्या?
टी वी पर ज्योतिषी जी कौन-सा मंत्र बताते हैं, किसी को समझ आता भी है तो अर्थ समझ नहीं आता । इसलिए सरकार ने शिक्षा नीति पर बिना बहस, बिना किसी चर्चा के उसे लागू कर दिया है । भाई भारतवर्ष में संस्कृत न पढ़ाई जाय ऐसा कैसे हो सकता है ? अब निकलेंगे साइंटिस्ट, गणितज्ञ और लौटेगा सतयुग । इसलिए अब सारे नोबल प्राइज़ हमारे होने चाहिएँ। और सभी उच्चवर्ण को अङ्ग्रेज़ी का त्याग कर देशभक्ति की, धर्म भक्ति की मिसाल देनी चाहिए और सिर्फ संस्कृत देव भाषा को पढ़ना चाहिए । भाई नौकरी थोड़े करनी है किसी को ? अभी तक हिन्दी तो पूरे देश में लागू हो नहीं सकी !
अब बताओ कि पंजाब सरकार पे कैसे-कैसे आरोप लगा रहे हैं, भला कोई सरकार दारू और वो भी जहरीली दारू कैसे बेच सकती है ? भाई लोगों को अपने कर्मों की सजा मिली है । या फिर उन्होने आत्म निभार होने का नायाब तरीका ढूंढा । दारू तो कोरोना में भी बंद नहीं हुई उल्टे सरकार ने टैक्स बसूली की ताकि मरीजों का ईलाज हो सके। वैसे कोरोना के मामले हर रोज अब 50000 से ज्यादा आ रहे हैं पिछले छह दिन से । यह बड़ी खुशी की बात है कि हमने अमेरिका को पटखनी दे दी । साला पाकिस्तान ...जिसे कोसे बिना मीडिया की रोटी हजम नहीं होती , भूतनी का ....उनका कोरोना ग्राफ फ्लैट हो गया है और वो भी बिना लॉक डाउन के और बिना बड़े-बड़े कर्जों के । अपने देश में तो गौमाता एंबुलेंस में और मरीज ठेली पर लाये जाते हैं। भाई अब तो ये भी साबित हो गया कि डॉक्टर गुर्दे बेचने के लिए सौ-सौ लोगों का खून कर के उनके अंग बेच देते हैं । पक्का इनका भगवान किसी और ग्रह का होगा । वैसे मैंने सुना था कि पहलवानों का दिमाग घुटनों में होता है .....लेकिन पपीता फोकट के अमित शाह को सांत्वना संदेश पर जब उनका ही ट्वीट लोगों ने चेपा तो बेचारी का दिल टखने में अटक गया। अब इस बात पर खोज जारी है कि अमित शाह के किस जाहिल सूअर से संबंध हैं ? देश की सुरक्षा का मामला है भाई।
अब देखिये हमने भी इस मीडिया और टी वी की आफत और आपदा को अवसर में बदल लिया । और पूरे विश्वास से बता रहे हैं कि 15 अगस्त को ही स्वतन्त्रता दिवस मनाया जाएगा और 12 तारीख को ही जन्माष्टमी मनाई जाएगी । सब लोग लिख के रख लो । भाई अगर हमारी कोई बात किसी को अच्छी लगे तो जय सियाराम । बुरी लगे तो खाली जय जय राम । वैसे हमसे चिढ़ने की तो बिल्कुल जरूरत नहीं है ....हम अपने प्रधानमंत्री जी का पूरा अनुसरण करते हैं उनकी हर बात मानते हैं , वे भले खुद को क्वारींटिन करें या न करें ये कहते हुए कि मोटा भाई उनके करीबी नहीं हैं ....उनके करीबी तो राम हैं । पर प्रभु उन्हें कोरोना से बचाएं ...नहीं तो चीन को कौन डराएगा ? साला चीन डुलिकेट कॉपी जहाजों में परमाणु बंब लगाकर हमें डराएगा .... हम उसके बाकी एप्स भी बंद कर देंगे ....समझता क्या है अपने आप को । अब तो अमेरिका भी अपने साथ है ।
और अंत में दिल्ली की महंगाई को रोकने के लिए दिल्ली की सरकार का धन्यवाद कि पेट्रोल न सही पर डीजल तो सस्ता किया। हम तो पॉज़िटिव सोच रख के चलते हैं ...आपकी आप जानों।
आपदा नहीं अवसर है ?
===============कैदारनाथ शब्द मसीहा, दिल्ली
सुबह-सुबह ये टी वी वाले भी न ऐसे-ऐसे गीत चलाते हैं कि पूछिए मत। वैसे हिंदुस्तान के लोग इतने जागरूक हैं कि अगर इनको टी वी के लोग न बताएं कि अब स्वतन्त्रता दिवस आ रहा है, तो ये गणतन्त्र दिवस ही मना लें । वाकई कुछ लोग तो ताली,थाली और टॉर्च जलाने में इतने व्यस्त थे कि बेचारे जन्माष्टमी के साथ गणतन्त्र दिवस की बधाई दे बैठे। कुछ लिखे -पढे लोगों ने इस घटना को हँसी का पात्र बना लिया । भाई मुझे तो ये व्यवहार बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। मगर क्या करें.... आदत से मजबूर हैं। हमें तो दूसरे की टांग खींचने में मजा आता है।
माजरा अगर यहाँ ही रुकता तो भी ठीक था, मगर अपने देश में तो सत्ता के कानून और कोरोना कानून भी धर्म देखकर लागू होते हैं । लोग शोर मचा रहे थे की ईद के रोज कोरोना हो सकता है इसलिए छूट नहीं मिलेगी। लेकिन रक्षा बंधन के रोज .....दुकान भी खुली रह सकती हैं और बहिने बसों में फ्री भी घूम सकती हैं ....कोरोना से डरने की क्या जरूरत है भाई , खुल के त्योहार मनाओ, अब तो अपना भारत हिन्दू देश है । संविधान से सेक्युलर शब्द हटाने के लिए तो कह ही दिया गया है । याचिका भी लगी हुई है और जज ......हा हा हा । वो क्या राज्य सभा की मलाई नहीं खाना चाहते ? भाई , हम तो मानते हैं कि इस आपदा काल में हर एक को फ़ायदा उठाना चाहिए ...यही तो अवसर है।
अब बताओ कि शिक्षा की जरूरत क्या है भक्ति करने में ? भगवान तो इस दुनिया के कण-कण में व्याप्त है। वे तो हर प्राणी की आवाज सुनते हैं और तो और गूंगे के मन की बात भी । मंदिर बने , पूजा हो तो हर एक का जीवन सुधर जाय। वैसे तो देश में पैसे की कमी है । मगर साहब रेल मंत्रालय भी भक्तों की संख्या को देखते हुए श्री राम मंदिर जैसा भव्य रेलवे स्टेशन स्टेशन बना रहा है ताकि किसी को कोई असुविधा न हो । भक्तों की सेवा में भी मेवा है । ये कोई प्रवासी मजदूर थोड़े हैं जिन्हें सड़कों पर और पटरियों में मरने को छोड़ दिया जाय । भाई भक्तों में तो विशेष भगवान का वास होता है....जो मजदूरों में नहीं पाया जाता।
साला चीन की बाढ़ का अपने सारे चैनलों को पता है । वैसे चीन की ख़बर लाना बहुत मुश्किल होता है । पर साहब , अपने देश की बाढ़ के दर्शन और उस पर बहस नहीं होती देखी , अलबत्ता चीन की बाढ़ पर तो स्पेशल पैनल बुलाया गया । चीन पर ईश्वर की मार ....बाढ़ से हाहाकार । चीन मरेगा डूबकर । चालबाज़ चीन कुदरत के शिकंजे में । हत्यारे चीन को जल समाधि । बाप रे ! ये तो शुक्र है कि उनकी सृष्टि को किसी और ब्रह्मा ने बनाया है , नहीं तो सब शर्म से ही डूब मरते । चीनी तो भगवान को मानते नहीं है , नहीं तो उनके यहाँ भी अपने टी वी छा जाते और उन्हें भी भारतीय चैनल बंद करने पड़ते , जैसे हमने चीनी एप्स पर सर्जिकल स्ट्राइक की । बेचारों की बदनसीबी देखिये कि हमारे ईश्वर ने उन्हें ये मौका भी नहीं दिया ।
वैसे राजनीति और व्यवसाय में कोई पराया नहीं होता । चीन से राखी नहीं मंगवाई...पूरे चार हजार करोड़ का उसका नुकसान किया । भाई देशभक्ति का परिचय दिया । लेकिन आगे ख़बर ये भी आई कि चीन के बैंक से 4500 करोड़ का लोन लिया । हा हा हा ....व्यापार में कोई दुश्मन नहीं होता । हाँ, सरकार ने ये अच्छा किया की सस्ते चीनी टी वी पर रोक लगा दी । कम से कम अब गरीब आदमी चैन से सो सकेगा । जिसकी जेब में पैसा होगा वो ही टी वी खरीदेगा और बीमारी मोल लेगा । आम आदमी का भला हो या न हो पर व्यापारियों की चांदी हो गई । पट्ठों ने तुरंत रेट बढ़ा दिये । अब कालाबाजारी तो बिजनेस का हिस्सा है, और व्यापारी अगर ईमानदारी करेगा तो खाएगा क्या?
टी वी पर ज्योतिषी जी कौन-सा मंत्र बताते हैं, किसी को समझ आता भी है तो अर्थ समझ नहीं आता । इसलिए सरकार ने शिक्षा नीति पर बिना बहस, बिना किसी चर्चा के उसे लागू कर दिया है । भाई भारतवर्ष में संस्कृत न पढ़ाई जाय ऐसा कैसे हो सकता है ? अब निकलेंगे साइंटिस्ट, गणितज्ञ और लौटेगा सतयुग । इसलिए अब सारे नोबल प्राइज़ हमारे होने चाहिएँ। और सभी उच्चवर्ण को अङ्ग्रेज़ी का त्याग कर देशभक्ति की, धर्म भक्ति की मिसाल देनी चाहिए और सिर्फ संस्कृत देव भाषा को पढ़ना चाहिए । भाई नौकरी थोड़े करनी है किसी को ? अभी तक हिन्दी तो पूरे देश में लागू हो नहीं सकी !
अब बताओ कि पंजाब सरकार पे कैसे-कैसे आरोप लगा रहे हैं, भला कोई सरकार दारू और वो भी जहरीली दारू कैसे बेच सकती है ? भाई लोगों को अपने कर्मों की सजा मिली है । या फिर उन्होने आत्म निभार होने का नायाब तरीका ढूंढा । दारू तो कोरोना में भी बंद नहीं हुई उल्टे सरकार ने टैक्स बसूली की ताकि मरीजों का ईलाज हो सके। वैसे कोरोना के मामले हर रोज अब 50000 से ज्यादा आ रहे हैं पिछले छह दिन से । यह बड़ी खुशी की बात है कि हमने अमेरिका को पटखनी दे दी । साला पाकिस्तान ...जिसे कोसे बिना मीडिया की रोटी हजम नहीं होती , भूतनी का ....उनका कोरोना ग्राफ फ्लैट हो गया है और वो भी बिना लॉक डाउन के और बिना बड़े-बड़े कर्जों के । अपने देश में तो गौमाता एंबुलेंस में और मरीज ठेली पर लाये जाते हैं। भाई अब तो ये भी साबित हो गया कि डॉक्टर गुर्दे बेचने के लिए सौ-सौ लोगों का खून कर के उनके अंग बेच देते हैं । पक्का इनका भगवान किसी और ग्रह का होगा । वैसे मैंने सुना था कि पहलवानों का दिमाग घुटनों में होता है .....लेकिन पपीता फोकट के अमित शाह को सांत्वना संदेश पर जब उनका ही ट्वीट लोगों ने चेपा तो बेचारी का दिल टखने में अटक गया। अब इस बात पर खोज जारी है कि अमित शाह के किस जाहिल सूअर से संबंध हैं ? देश की सुरक्षा का मामला है भाई।
अब देखिये हमने भी इस मीडिया और टी वी की आफत और आपदा को अवसर में बदल लिया । और पूरे विश्वास से बता रहे हैं कि 15 अगस्त को ही स्वतन्त्रता दिवस मनाया जाएगा और 12 तारीख को ही जन्माष्टमी मनाई जाएगी । सब लोग लिख के रख लो । भाई अगर हमारी कोई बात किसी को अच्छी लगे तो जय सियाराम । बुरी लगे तो खाली जय जय राम । वैसे हमसे चिढ़ने की तो बिल्कुल जरूरत नहीं है ....हम अपने प्रधानमंत्री जी का पूरा अनुसरण करते हैं उनकी हर बात मानते हैं , वे भले खुद को क्वारींटिन करें या न करें ये कहते हुए कि मोटा भाई उनके करीबी नहीं हैं ....उनके करीबी तो राम हैं । पर प्रभु उन्हें कोरोना से बचाएं ...नहीं तो चीन को कौन डराएगा ? साला चीन डुलिकेट कॉपी जहाजों में परमाणु बंब लगाकर हमें डराएगा .... हम उसके बाकी एप्स भी बंद कर देंगे ....समझता क्या है अपने आप को । अब तो अमेरिका भी अपने साथ है ।
और अंत में दिल्ली की महंगाई को रोकने के लिए दिल्ली की सरकार का धन्यवाद कि पेट्रोल न सही पर डीजल तो सस्ता किया। हम तो पॉज़िटिव सोच रख के चलते हैं ...आपकी आप जानों।


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